• Hindi News
  • Mp
  • Bhopal
  • The traditions changed in the Kerela fair ... the drums and the DJ, the rope dancing of the circle, were being used inst

अशोकनगर / करीला मेले में बदलीं परंपराएं... नगाड़ों की जगह बज रहे थे ढोल और डीजे, घेरे की राई नृत्य हुआ बंद



अशोकनगर. करीला मंदिर के बाहर राई नृत्य करती नृत्यांगनाएं। अशोकनगर. करीला मंदिर के बाहर राई नृत्य करती नृत्यांगनाएं।
मेले में लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। मेले में लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
यहां पर आकर्षण का केंद्र अब भी राई नृत्य है। यहां पर आकर्षण का केंद्र अब भी राई नृत्य है।
सीता माता के मंदिर के बाहर हजारों की संख्या में लोग दर्शन के लिए कतार में लग जाते हैं। सीता माता के मंदिर के बाहर हजारों की संख्या में लोग दर्शन के लिए कतार में लग जाते हैं।
यहां पर रात भर रौनक रहती है। यहां पर रात भर रौनक रहती है।
The traditions changed in the Kerela fair ... the drums and the DJ, the rope dancing of the circle, were being used inst
The traditions changed in the Kerela fair ... the drums and the DJ, the rope dancing of the circle, were being used inst
The traditions changed in the Kerela fair ... the drums and the DJ, the rope dancing of the circle, were being used inst
The traditions changed in the Kerela fair ... the drums and the DJ, the rope dancing of the circle, were being used inst
X
अशोकनगर. करीला मंदिर के बाहर राई नृत्य करती नृत्यांगनाएं।अशोकनगर. करीला मंदिर के बाहर राई नृत्य करती नृत्यांगनाएं।
मेले में लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।मेले में लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
यहां पर आकर्षण का केंद्र अब भी राई नृत्य है।यहां पर आकर्षण का केंद्र अब भी राई नृत्य है।
सीता माता के मंदिर के बाहर हजारों की संख्या में लोग दर्शन के लिए कतार में लग जाते हैं।सीता माता के मंदिर के बाहर हजारों की संख्या में लोग दर्शन के लिए कतार में लग जाते हैं।
यहां पर रात भर रौनक रहती है।यहां पर रात भर रौनक रहती है।
The traditions changed in the Kerela fair ... the drums and the DJ, the rope dancing of the circle, were being used inst
The traditions changed in the Kerela fair ... the drums and the DJ, the rope dancing of the circle, were being used inst
The traditions changed in the Kerela fair ... the drums and the DJ, the rope dancing of the circle, were being used inst
The traditions changed in the Kerela fair ... the drums and the DJ, the rope dancing of the circle, were being used inst

  • प्रशासन का दावा...करीला मेले में हर घंटे 10 लाइनों में 95 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन 
  • मां जानकी के दरबार में लगे तीन दिवसीय मेले में 24 घंटे हुए दर्शन, मंत्री जयवर्धन भी दर्शन करने पहुंचे
  • हर साल बढ़ रही करीला मेले में श्रद्धालुओं की भीड़, फूलों की सजावट की गई

Dainik Bhaskar

Mar 26, 2019, 12:28 PM IST

अशोकनगर. मुंगावली तहसील की जसैया पंचायत में स्थित करीला धाम में रंगपंचमी पर तीन दिवसीय मेला शुरू हो गया। यहां लाखों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर मन्नतें मांगी। मन्नत पूरी होने पर रात भर मां जानकी के दरबार में राई नृत्य हुआ। प्रशासन के मुताबिक, हर एक घंटे में 95 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।

 

 

 

इस पारंपरिक मेले में हर साल श्रद्धालुओं की संख्या में भले ही इजाफा हो रहा है, लेकिन करीला मेला जिस पारंपरिक राई नृत्य के लिए जाना जाता था। वह अब धीरे-धीरे अपना स्वरूप खोता जा रहा है। 

 

डीजे की आवाज और ढोल की थाप : करीला में रंगपंचमी के मौके पर चारों तरफ बड़ी-बड़ी मशालों के साथ नगाड़ों की आवाज सुनाई देती थी। इनकी आवाज पर राई पूरी रात नृत्य करती थीं। वहीं, सुबह घेरे की राई होती थी जिसमें सभी नृत्यांगनाएं एक साथ मां जानकी के दरबार में राई नाच करती थी। अब करीला में नगाड़ों की आवाज के स्थान पर डीजे की आवाज और ढोल सुनाई दे रहे हैं। जबकि घेरे की राई भी बंद हो चुकी है। 

 

व्यवस्थाओं से नाराज दिखीं नृत्यांगनाएं 

12 साल से लगातार हर वर्ष लोगों की मन्नतें पूरी होने पर करीला में राई नृत्य करने आ रही नर्तकी अनीता निवासी जनगांव टीकमगढ़ करीला में व्यवस्थाओं को लेकर खासी नाराज दिखीं। 

 

अनीता ने बताया कि हम लोग अपनी परंपरा का निर्वाह कर रहे हैं लेकिन हमारी भी इज्जत हैं। 2008 के बाद से व्यवस्थाएं खराब होने की बात करते हुए अनीता ने बताया कि लोग अब पारंपरिक नृत्य देखने कम बल्कि मनाेरंजन के लिए आते हैं। अनीता ने बताया कि न तो उनकी सुरक्षा की व्यवस्था है और न ही राई नृत्य के लिए अलग स्थान। अब लोग नृत्य देखने की बजाय 10 रुपए देकर सेल्फी खिंचवाने की बात करने लगे हैं। अनीता ने कहा कि हमारे स्थान पर राजस्थान से दूसरी नर्तकी यहां आकर नृत्य करने लगी हैं। इस वजह से उनके समुदाय में नृत्य की परंपरा कम हुई है।


हर 10 मिनट में एक गुमशुदगी

मेला में आने वाले श्रद्धालुओं में बच्चों से लेकर बड़ों तक अपनों से बिछड़ते रहे। खोना-पाना में हर 10 मिनट में एक गुमशुदगी का मामला आता रहा। लगातार माइक पर परिजनों को मेला व्यवस्था में लगे कर्मचारी सूचना देकर मिलाते रहे। 

 

नगरीय प्रशासन मंत्री ने पहुंचकर किए दर्शन शाम को 7 बजे नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह ने करीला पहुंचकर मां जानकी के दर्शन किए। उनके अलावा कोलारस विधायक वीरेंद्र सिंह, गुना विधायक गोपीलाल जाटव, मुंगावली विधायक बृजेन्द्र सिंह यादव और चंदेरी विधायक गोपाल सिंह चौहान ने भी दर्शन किए।

 

मुंगावली तहसील की जसैया पंचायत में स्थित करीलाधाम का ड्रोन कैमरे से लिया गया फोटो। इसमें रंगपंचमी आए श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई। रात की रोशनी में करीला मेला जगमगाता रहा। रातभर दर्शन के साथ राई नृत्य चलता रहा। 

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना