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मध्य प्रदेश / रातापानी सेंचुरी में एक साल में तीन बाघों की संदिग्ध मौत, बीट गार्ड अफसरों के घर में कर रहे काम



Three tiger dead in one year in ratapani sanctuary
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Three tiger dead in one year in ratapani sanctuary

  • कागजों में सिमट कर रह गई जांच
  • अधिकारियों ने दिखाई कार्रवाई में रुचि

Dainik Bhaskar

Dec 06, 2018, 04:13 PM IST

रायसेन। रातापानी सेंचुरी में बाघों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग गंभीर नहीं है। यही कारण है कि एक साल के भीतर यहां पर तीन बाघों की मौत हो चुकी है। इन तीनों बाघों की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है, लेकिन विभाग के अधिकारियों की जांच सिर्फ कागजों तक ही सिमटी हुई है। सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर दोष मढ़कर उन पर कार्रवाई कर दी जाती है, जबकि बड़े अधिकारियों पर कोई कार्रवाई तक नहीं की गई है। वन मंडल क्षेत्र औबेदुल्लागंज में आए दिन शिकार की घटनाएं सामने आ रही हैं। 

 

 

मंगलवार की रात में बिनेका के जंगल में एक आठ साल के बाघ का शव संदिग्ध हालत में मिला। बाघ का शव मिलने के बाद से ही वन विभाग के अधिकारियों की नींद इस बाघ के मिलने के बाद से उड़ी हुई है। बुधवार को सीसीएफ डॉ. एसएस तिवारी और डीएफओ अरविंद सिंह सेंगर ने मौके पर पहुंच कर मौके पर मुआयना किया। इन अधिकारियों द्वारा बाघ की मौत को लेकर जांच पड़ताल की गई। दोपहर में पीएम करवाने के बाद बाघ का अंतिम संस्कार करवा दिया गया है। हालांकि अधिकारी बाघ की मौत पर अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। 

 

नहीं हुई कार्रवाई: पूर्व में हुई बाघों की मौत और शिकार की जांच करने के लिए सतपुड़ा टाइगर रिजर्व पचमढ़ी की विशेषज्ञ टीमों को बुलाया गया था। जिनके द्वारा जांच के पश्चात सटीक प्रमाण प्रस्तुत किए गए थे। बावजूद इसके वन मंडल अधिकारियों ने वन्य प्राणियों को शिकार से बचाने के उपाय सिर्फ कागजों पर ही किए जा रहे हैं। वर्तमान में जंगल की सुरक्षा में लगे जमीनी अमले को वन मंडल कार्यालय बुलाकर सुबह शाम एक्सरसाइज कराई जा रही है। स्थाई कर्मियों एवं बीट गार्डों को अफसरों के घरों में काम कराया जा रहा है। 

 

अब तक इन स्थानों पर मिले मृत बाघ 
पहला मामला-
वन परिक्षेत्र दाहोद के अंतर्गत आने वाली जावरा मलखार बीट का था। 
दूसरा मामला-गौहरगंज वन क्षेत्र की घाना बीट में नाले के किनारे बाघिन का शव मार्च 2018 में मिला था। 
तीसरा मामला-वन मंडल के अंतर्गत आने वाली परी क्षेत्र बिनेका रेंज के लुल्का बीट में यह शिकार का तीसरा मामला सामने आया है। 
की जा रही मामले की जांच 

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