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भोपाल / बाघिन टी 2 और उसकी द्वारा जन्मी संतान टी 212 और 213 नहीं मिल रहा लोकेशन, कहीं शिकार तो नहीं हो गया

Dainik Bhaskar

Dec 07, 2018, 12:30 PM IST


भोपाल के आसपास बाघ-बाघिन घूम रहे हैं। भोपाल के आसपास बाघ-बाघिन घूम रहे हैं।
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भोपाल के आसपास बाघ-बाघिन घूम रहे हैं।भोपाल के आसपास बाघ-बाघिन घूम रहे हैं।
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  • वन विभाग का कहना दूसरी बीट में घूम रह है, लेकिन किस बीट में पता नहीं

भोपाल. रातापानी सेंचुरी के बिनेका में हुई बाघ की मौत के बाद कैरवा और उसके आसपास घूम रहे बाघों की पहचान की कवायद एक बार फिर शुरू हो गई है। केरवा में बाघिन टी-2 और उसकी दूसरी बार जन्मी संतान का मूवमेंट नहीं मिल रहा है। जिसमें टी 212 और 213 का पता नहीं है। इनका मूवमेंट न तो भोपाल में है न ही सीहोर डिवीजन में है। बाघिन टी- 2 की आखिरी लोकेशन ई-सर्विलांस में 2016 में दिखाई दी थी। वहीं पिछले एक साल से टी 212 और 213 नहीं मिल रहा लोकेशन नहीं मिल रहा है। 

 

चीफ कंजरवेटर कार्यालय ने इस संबंध में भोपाल, सीहोर और औबेदुल्लागंज वन मंडल को पत्र लिखकर जानकारी मांगी है कि आखिर बाघिन टी-2 उसके बच्चे टी 212 और 213 किसी बीट में  घूम रही है। एक बाघ सतपुड़ा नेशनल पार्क इच्छावर से रेस्क्यू करके भेजा गया था।

 

tiger

 

बाघिन 213 का बच्चे देने बाद से पता नहीं

  1. बाघिन टी-2 की दूसरी बार की संतान बाघिन टी 213 ने चार शावकों को जन्म दिया था जिनका नाम टी-131 रखा गया यह नर बाघ था। तीन मादा शावक टी 131, टी 132 और टी 133 रखा गया था। बाघिन 213 और उसकी संतान ने अपनी टेरेटरी वीरपुर कठोतिया में बनाई थी। अब न तो बाघिन का पता है और ही उसकी संतान का।

  2. भोपाल क्षेत्र में है बाघ-बाघिन टी-2 का कुनबा

    भोपाल और उसके आसपास क्षेत्र में घूम रहे बाघ और बाघिन सभी बाघिन टी-2 का कुनबा है। भोपाल के आसपास के इलाके में सबसे पहले बाघिन आई थी। यहां पर उसने तीन शावकों को जन्म दिया था। बाघिन के तीनों शावकों की मौत हो गई थी। वर्ष 2011 में बाघ के आने से इनका नामकरण किया गया। बाघ को टी 1 और बाघिन को टी-2 के नाम से पहचाना जाने लगा। बाघिन टी-2 ने दूसरी बार दो शावक को जन्म दिया, जिसमें से नर बाघ शावक की मौत 18 जून 2012 हो गई थी वहीं उसकी बेटी टी- 21 ने उसके के वंश को बढ़ाने में सहयोग किया।

  3. वर्तमान में 18 बाघ की लोकेशन

    भोपाल फारेस्ट सर्किल के चीफ कंजरवेटर एसपी तिवारी का कहना है कि वे बाघों की धारियों  के आधार पूरा पहचान का एलबम बना रहे है। उसी के आधार  पर पता कर रहे है कि कौन से बाघ का मूवमेंट कहां पर है। उनका कहना है कि वर्तमान में केवल 18 बाघों का ही मूवमेंट देखा जा रहा है।

  4. आखिरी बार ई-सर्विलांस में दिखी थी बाघिन

    चीफ कंजरवेटर तिवारी का कहना है कि बाघिन टी-2 आखिरी बार ई-सर्विलांस में 16 अप्रैल 2016 को कैप्चर हुई थी उसके साथ तीन बच्चे थे उसके बाद से उसका कोई पता नहीं  है। वहीं  उसके शावक टी- 212 भी नही दिखाई दिया। ऐसे ही  बाघिन टी- 213 अपने चार शावकों के साथ जो गायब हुई उसका भी कोई पता नहीं चला। हालांकि किसी के मरने की सूचना नहीं है। इसलिए कहा जा सकता है कि वह सर्किल के दूसरी बीटों में घूम रहे हैं। उनका कहना है कि यही वजह है कि वर्तमान में जो भी बाघों के फोटो ट्रेप कैमरों में कैप्चर हो रहे है उनका मिलान पूर्व के बाघों की फोटो से किया जा रहा है।

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