• Home
  • Madhya Pradesh News
  • Bhopal News
  • News
  • Bhopal - जीवन को समझने, गहराई में उतरने के लिए सबसे भरोसेमंद रस्सी कला ही है
--Advertisement--

जीवन को समझने, गहराई में उतरने के लिए सबसे भरोसेमंद रस्सी कला ही है

कविता तुकबंदी बस नहीं है कि आपने एक मीटर मिला लिया, पंत से मिलाते हलंत लगाते हुए चार पंक्तियां लिख दीं। जब तक...

Danik Bhaskar | Sep 10, 2018, 02:11 AM IST
कविता तुकबंदी बस नहीं है कि आपने एक मीटर मिला लिया, पंत से मिलाते हलंत लगाते हुए चार पंक्तियां लिख दीं। जब तक पात्रों से एकाकार नहीं होते तब तक कहानी नहीं लिख सकते। फोटो तो हर कोई खींच सकता है, लेकिन फोटो खींचते वक्त ‌भाव हैं या नहीं, आप दृश्यों में उतरते हैं या नहीं यही मायने रखता है। यही कला एक आर्टिस्ट को दूसरे से अलग बनाती है। यह कहना है व्यंग्यकार पद्मश्री डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी का। वह जहांनुमा पैलेस में हुए कला विमर्श में मुख्य वक्ता थे। आयोजन डॉ. मनीषा श्रीवास्तव के काव्य संकलन के एक वर्ष पूरे होने पर किया गया।

कविता वही जो बहुत कुछ अनकहा छोड़ दे

डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी ने कहा- जिसमें कला की समझ है, वही मनुष्य है। भगवान हमें अधूरा मनुष्य बनाकर पैदा करते हैं। संवेदनाओं से हम मनुष्य बनते हैं और कला से निरंतर नया मनुष्य बनते जाते हैं। इसी तरह अच्छी कविता वही है जो बहुत कुछ अनकहा छोड़ दे। आनंद ही ईश्वर है और कविता उस आनंद तक ले जाने का माध्यम। गहराई में उतरने के लिए सबसे भरोसेमंद रस्सी कला ही है। कला आईना दिखाती है, आपको आपसे मिलाती है। उम्रदराज होना कोई उपलब्धि नहीं है। उम्र के साथ बड़प्पन आना बड़ी बात है। अच्छे डॉक्टर वही हैं जिन्होंने अपने मरीजों की दुख-तकलीफों के जरिये जीवन को समझा है। संवेदना से आप बेहतर डॉक्टर बन सकते हैं।

कनेक्शन ऑफ आर्ट एंड हार्ट: डॉ. आरके सिंह

इस दौरान कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आरके सिंह की खींची 36 फोटोग्राफ्स की प्रदर्शनी भी लगाई गई। लोगों को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने कहा- ये फोटोग्राफ्स दिल से खींची गई हैं, ये कनेक्शन ऑफ आर्ट एंड हार्ट है। मैंने हॉबी के तौर पर 1980 में फोटोग्राफी शुरू की थी।

डॉ. मनीषा श्रीवास्तव के काव्य संकलन "दिशा एक नयी राह' के एक साल पूरे होने पर आयोजन, कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आरके सिंह की फोटो एग्जिबिशन भी लगी

लगता है अब भी मेरा होमवर्क बचा हुआ है

डॉ. मनीषा के काव्य संकलन- दिशा एक नयी राह में 50 कविताएं हैं। डॉ. मनीषा ने कहा- साल भर में इस किताब से हुई कमाई से कैंसर मरीजों का इलाज हो रहा है। मां-पिता पढ़ने-लिखने को कहते हैं। घर में टसल चलती रहती है और मुझे लगता है कि अब भी मेरा होमवर्क बचा हुआ है।

ऑब्जेक्ट सब्जेक्ट बन जाए तो कला बन जाती है

सीमा रायजादा ने कहा कि हार्ट और ब्लड ट्रांसफ्यूजन का कॉम्बिनेशन है दृष्टि। उन्होंने कहा कि हम सब ऑब्जेक्ट देखते हैं और यदि ऑब्जेक्ट सब्जेक्ट बन जाए तो कला कहलाती है। दृष्टि आपकी विजन बताती है, जिससे आप सृष्टि बदल सकते हैं।