मप्र / 2% टीडीएस बचाने व्यापारियों का किसानों को नकद भुगतान से इनकार



Traders save 2% TDS refuse cash payment to farmers
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Traders save 2% TDS refuse cash payment to farmers

  • अभी दो लाख रु. तक नकद भुगतान का नियम है, लेकिन अब सीधे बैंक खातों में भुगतान की राशि जमा होगी
  • वित्त मंत्रालय के आदेश से किसानों की मुश्किल

Dainik Bhaskar

Sep 02, 2019, 05:24 AM IST

भोपाल . केंद्रीय सरकार ने सालभर में एक करोड़ रुपए से ज्यादा राशि बैंक खातों से निकालने पर दो फीसदी टीडीएस काटने का नियम लागू कर दिया है। इससे प्रदेश के व्यापारियों ने किसानों को अब नकद भुगतान करने से मना कर दिया है। उन्होंने किसानों से कहा है कि फसल बेचने के लिए अपने बैंक का आईएफएससी कोड और खाता संख्या जरूर साथ लाएं, ताकि भुगतान की राशि सीधे खाते में जमा हो सके। इससे उनका टीडीएस बचेगा। उन्होंने चेतावनी भी दी है कि यदि नकद भुगतान के लिए दबाव बनाया गया तो मंडी बंद कर देंगे। 


दूसरी तरफ, कृषि विभाग ने सभी मंडियों में ऑनलाइन पेमेंट गेटवे प्रणाली की शुरुआत नहीं होने तक व्यापारियों से नकद वाली व्यवस्था निरंतर रखने या आरटीजीएस या एनईएफटी के माध्यम से भुगतान करने को कहा है। यदि इन तरीकों से व्यापारी भुगतान नहीं करते हैं तो उन्हें ई-अनुज्ञा नहीं मिलेगी। भुगतान की निगरानी मंडी के अफसर करेंगे। कृषि मंत्री सचिन यादव ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को टीडीएस काटने का आदेश वापस लेने के लिए पत्र लिखा है। शेष | पेज 10 पर

 

मंडियों को एडवाइजरी- सितंबर में नकद भुगतान दें : मंडी बोर्ड के एमडी अशोक वर्मा ने सभी मंडियों को एडवाइजरी जारी की है। इसमें पेमेंट गेटवे की टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और बैंक का चयन होने तक सितंबर में नकद भुगतान व्यवस्था लागू रखने को कहा गया है। यह भी निर्देश हैं कि अनुज्ञप्ति फीस भी एक दिन की खरीदी के हिसाब से जमा कराई जाएगी।
 
टीडीएस काटने के फैसला वापस हो : हमने किसानों के लिए दो लाख नकद व्यवस्था लागू की थी, लेकिन केंद्र सरकार के एक करोड़ की निकासी पर 2 प्रतिशत टीडीएस काटने के कारण व्यापारी परेशान हैं। व्यापारी नकद भुगतान नहीं देंगे, जिससे किसान परेशान होंगे। वित्त मंत्री को पत्र लिखा है कि टीडीएस काटने का फैसला वापस लेना किसान-व्यापारी दोनों के हित में रहेगा। - सचिन यादव, कृषि मंत्री

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