विदिशा / पति से तंग आकर पत्नी ने पहले तीनों बच्चों का गला दबाया, फिर खुद फांसी लगाई, चारों की मौत

घर की दीवार पर अब बच्चों की तस्वीरें ही पिता के लिए आखिरी निशानी बनकर रह गईं। घर की दीवार पर अब बच्चों की तस्वीरें ही पिता के लिए आखिरी निशानी बनकर रह गईं।
पति भोपाल से लौटा तो घर अंदर से बंद था। कबेलू हटाकर अंदर पहुंचा तो चारों शव मिले। पति भोपाल से लौटा तो घर अंदर से बंद था। कबेलू हटाकर अंदर पहुंचा तो चारों शव मिले।
पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। घर के बाहर गांव वालों की भीड़ भी जुट गई। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। घर के बाहर गांव वालों की भीड़ भी जुट गई।
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घर की दीवार पर अब बच्चों की तस्वीरें ही पिता के लिए आखिरी निशानी बनकर रह गईं।घर की दीवार पर अब बच्चों की तस्वीरें ही पिता के लिए आखिरी निशानी बनकर रह गईं।
पति भोपाल से लौटा तो घर अंदर से बंद था। कबेलू हटाकर अंदर पहुंचा तो चारों शव मिले।पति भोपाल से लौटा तो घर अंदर से बंद था। कबेलू हटाकर अंदर पहुंचा तो चारों शव मिले।
पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। घर के बाहर गांव वालों की भीड़ भी जुट गई।पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। घर के बाहर गांव वालों की भीड़ भी जुट गई।

  • विदिशा के तबक्कलपुर गांव की घटना, पति भोपाल से शनिवार रात पहुंचा तो घर में अंदर से लगा था ताला
  • अवैध संबंध... घर से पति के प्रेम पत्र भी मिले, पति-पत्नी के झगड़े ने 3 मासूमों की जान ले ली

दैनिक भास्कर

Feb 03, 2020, 01:59 PM IST

विदिशा. जिले के बासौदा क्षेत्र के एक गांव में 32 वर्षीय महिला और तीन बच्चों के शव मिले हैं। ये शव लक्ष्मीबाई और उसके बच्चों के हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि लक्ष्मीबाई का पति भीकम सिंह कुशवाह शराबी था और उसके साथ मारपीट करता था। इसको लेकर कई बार झगड़ा भी हो चुका। इससे परेशान होकर पत्नी ने शनिवार शाम करीब 7 बजे पहले अपने तीनों बच्चों की गला दबाकर हत्या की, फिर खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

पति भोपाल में भर्ती अपने छोटे भाई को देखने गया था। गांव लौटा तो दरवाजा अंदर से बंद मिला तो वह छत पर लगे कबेलू हटाकर अंदर पहुंचा। जहां 5 साल की बेटी नन्ही, 2 साल की बेटी हल्की और एक महीने के बेटे पवन के शव जमीन पर पड़े थे। पत्नी फंदे पर लटकी थी। चीखने की आवाज आने पर पड़ोसी भी आ गए थे। पुुलिस को रात में खबर दी गई। भीकम सिंह के दूसरी महिला से संबध भी थे। घर से प्रेमपत्र भी मिले हैं।


विवाद का कारण: पति के दूसरे महिला से थे संबंध
गंजबासौदा एसडीएम ने बताया कि भीकम सिंह के संबंध किसी दूसरी महिला से थे। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद होता था। शनिवार को उसका पति हमीदिया अस्पताल भोपाल में भर्ती अपने छोटे भाई महेश को देखने गया था। उसने दो बार घर फोन भी किया था, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। रात को लौटा तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। छप्पर हटाकर जब कमरे में दाखिल हुआ तो पत्नी साड़ी के फंदे पर लटकी थी। तीनों बच्चे नीचे मृत थे। 

ग्रामीणों के अनुसार घटना का उस समय पता चला जब शनिवार की रात नौ बजे के आसपास मकान से चीखने की आवाज सुनी। पति को छप्पर हटाकर मकान में घुसते देखा गया था। भीकम सिंह कुशवाह का कहना था वह हमीदिया अस्पताल में भर्ती अपने भाई को देखने गया था। शाम को जब वापस लौटा तो घर का दरवाजा अंदर से बंद था। छप्पर के कबेलू हटाकर अंदर दाखिल हुआ तो वहां का दृश्य देखकर घबरा गया। रात भर खेत में बेहोश पड़ा रहा।
 

शार्ट पीएम रिपोर्ट में गला दबने से मौत की पुष्टि
शार्ट पीएम रिर्पोट में लक्ष्मीबाई की मृत्यु का कारण हैगिंग और तीनों बच्चों की मौत गला दबाने से हुई है। एसडीओपी जीपी अग्रवाल ने बताया कि जांच चल रही है। पति पर पत्नी को प्रताड़ित करने का मामला दर्ज किया जाएगा।

6 महीने पहले मृतका एक माह के लिए आ गई थी मां के घर
लक्ष्मीबाई के भाई कन्हैया कुशवाह ने बताया बहनोई भीकम सिंह शराब पीने का आदी है। शराब पीकर पत्नी के साथ मारपीट करता था। अब तक तीन-चार बार बुरी तरह मारपीट कर चुका है। छह महीने पूर्व भी इसने बहन के साथ मारपीट की थी। उसे रात 12 बजे बच्चों के साथ लेकर ग्यारसपुर आ गया। फिर वह एक महीने बाद लेने आया था। उसने अपने गलती पर माफी मांगी थी। घटना फिर न करने का भरोसा दिया था। उसके बाद बहन को भेजा था। पुलिस ने मकान से कुछ पुराने प्रेम पत्र भी जब्त किए हैं। इससे पता चला कि भीकम के किसी महिला से संबंध थे। नायब तहसीलदार अपूर्वा दुबे ने मृतका की मां पुष्पाबाई और पिता दामोदर कुशवाह के बयान दर्ज किए। माता-पिता का आरोप है कि उनकी बेटी हत्या की गई है।

2012 में हुई थी शादी
ग्यारसपुर निवासी दामोदर कुशवाह ने अपनी छोटी बेटी की शादी साल 2012 में भीकम सिंह के साथ की थी। दामोदर ने बताया कि शादी के बाद कुछ दिन तो बेटी ठीक ठाक रही थी। लेकिन फिर स्थिति खराब होती गई।

बीघा जमीन पर सब्जी उगाकर बेचता था भीकम
गंजबासौदा एसडीएम जीपी अग्रवाल ने बताया कि भीकम सिंह और लक्ष्मीबाई अपनी जमीन पर सब्जी उगाकर बेचने का काम करते थे। खेत पर ही घर बना था। परिवार वहीं रहता था। सब्जी बेचकर परिवार का पालन पोषण होता था। एसडीओपी ने बताया कि भीकम सिंह शराब पीने का आदी है।

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