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भोपाल : हाइटेंशन लाइन की चपेट में आने से छठवीं के छात्र समेत दो नाबालिगों की मौत

घर के बाहर से खेलते समय ठेकेदार दोनों को काम दिलाने के बहाने अपने साथ ले आया था कोलार से पिपलानी।

dainikbhaskar.com | Last Modified - Jun 14, 2018, 08:01 PM IST

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    हाईटेंशन तार के गिरने से दो नाबालिग बच्चों की मौत हो गई। फोटो में (दुर्गेश)

    भोपाल.पिपलानी इलाके में दुकान से बोर्ड उतारकर छत पर ले जा रहे छठवीं कक्षा के एक छात्र समेत दो नाबालिगों की हाइटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। दोनों को एक ठेकेदार काम दिलाने के बहाने कोलार से पिपलानी ले गया था।

    - सर्वधर्म ए-सेक्टर कोलार निवासी नन्नू शाक्य मजदूरी करते हैं। उनका 14 वर्षीय बेटा अज्जू कक्षा छठवीं में पढ़ता था। उससे एक बड़ा भाई और तीन बहनें हैं। उसी कॉलोनी में 17 वर्षीय दुर्गेश पिता कल्लू भी रहता था। दुर्गेश के बड़े भाई गणेश ने बताया कि दुर्गेश और अज्जू को काम करने की जरूरत नहीं थी। उन्हें सर्वधर्म कोलार निवासी ठेकेदार आशीष तिवारी अपने साथ पिपलानी के कल्पना नगर में किसी सचिन सेवरमानी के मकान में रिनोवेशन का काम कराने ले गया था। उन्हें नहीं पता कि वे वहां क्यों और कैसे चले गए? उन्हें तो इसका पता उनकी मौत के बाद चला।

    ऐसे हुआ हादसा...

    टीआई पिपलानी राकेश श्रीवास्तव के अनुसार दो मंजिला मकान में नीचे दुकान बनी हुई है, जबकि ऊपर सचिन परिवार समेत रहते है। मकान के बगल से हाइटेंशन लाइन का तार हैं। आशीष ने दुर्गेश और अज्जू को नीचे दुकान के बोर्ड हटाकर छत पर रखने को कहा था। सुबह 11 बजे दोनों ने जाली से काटकर बोर्ड हटा दिए और उसे पकड़कर छत की तरफ ले जाने लगे। इसी दौरान बोर्ड हाइटेंशन लाइन से टकरा गया। लोहे का बोर्ड होने के कारण दोनों को करंट का जोरदार झटका लगा और दोनों गिर गए। इससे दोनों की मौके पर मौत हो गई। टीआई श्रीवास्तव के अनुसार जांच के बाद ही अागे की कार्रवाई की जाएगी।

    दुर्गेश के भाई ने आशीष की फांसी मांगी
    - मृतक दुर्गेश के बड़े भाई गणेश ने बताया कि वह ऑटो चलाने व ढोल बजाने का काम करता था। उसे कब ठेकेदार ले गया, पता ही नहीं चला। वह मजदूरी नहीं करता था। उसे ठेकेदार जबरदस्ती या लालच देकर ले गया होगा। दोनों नाबालिग थे। आशीष को फांसी से कम सजा नहीं होना चाहिए।

    मां की नहीं तो बहन की सुनकर तो उठ जा
    - दुर्गेश व अज्जू की मौत की खबर लगते ही दोनों के परिवार हमीदिया अस्पताल पहुंच गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। सबसे ज्यादा दुर्गेश की मां सावित्री बाई बेटे के शव के पास चीखते हुए कह रही थी "मां की बात न मान। बहन की तो सुन ले। एक बार तो उठ जा। फिर मैं तुझे कहीं नहीं जाने दूंगी। मेरा बेटा भूखा है। उसे कोई कुछ खिला दे।" अज्जू के पिता नन्नूलाल तो बेहोश हो गए।

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    हाईटेंशन तार के गिरने से दो नाबालिग बच्चों की मौत हो गई। फोटो में (अज्जू)
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