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मध्यप्रदेश / स्वाइन फ्लू से दो और मौत... डॉक्टर्स बोले- मरीज देरी से पहुंच रहे हैं अस्पताल इसलिए मर्ज हो रहा गंभीर



भोपाल में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या हर रोज बढ़ रही है। भोपाल में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या हर रोज बढ़ रही है।
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भोपाल में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या हर रोज बढ़ रही है।भोपाल में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या हर रोज बढ़ रही है।

  • तीन दिन में 4 मौतें इस सीजन में 130 से ज्यादा मरीजों में स्वाइन फ्लू पॉजीटिव मिला, 20 की हो चुकी माैत 
  • सरकारी से 5 गुना ज्यादा मरीज प्राइवेट अस्पताल में... जेपी के स्वाइन फ्लू वार्ड में एक भी मरीज नहीं 

Dainik Bhaskar

Mar 14, 2019, 01:22 PM IST

भोपाल. स्वाइन फ्लू से लगातार तीसरे दिन बुधवार को दो और मरीजों की मौत हो गई। यानी शहर में स्वाइन फ्लू का संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में यदि आपको भी खांसी, गले में दर्द, बुखार, सिरदर्द और उल्टी हो रही है तो इसे हल्के में न लें। बिना समय गवाएं डॉक्टर से जांच कराकर सलाह लें। इस सीजन में स्वाइन फ्लू से जिन मरीजों की मौत हुई है, उनमें से अधिकांश का इलाज समय पर शुरू नहीं हो पाया था।

 

वजह- ये मरीज तब अस्पताल पहुंचे जब मर्ज बढ़ चुका था।  स्वाइन फ्लू के संक्रमण से मरीजों की मौत का सिलसिला लगातार जारी है। सोमवार-मंगलवार को एक-एक मरीज की मौत हुई थी, बुधवार को दो और मरीज इसके शिकार हुए। इनमें एक मरीज भोपाल का और दूसरा होशंगाबाद का रहने वाला है। इस सीजन में राजधानी में स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या 20 पर पहुंच गई है। जबकि, 130 से ज्यादा मरीज में स्वाइन फ्लू पॉजीटिव पाया गया है।

बुधवार को 12 सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। 13 की रिपोर्ट आई, इनमें एक पॉजीटिव और 12 सैंपल निगेटिव मिले हैं। 37 सैंपल की जांच रिपोर्ट आना अभी बाकी है। 


केस - 1: अयोध्या बायपास निवासी 63 वर्षीय बुजुर्ग महिला की 17 फरवरी को तबीयत खराब हुई थी। 23 फरवरी को स्वाइन फ्लू पॉजीटिव आने पर उन्हें एम्स में भर्ती किया गया था। आठ मार्च को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। 
केस-2 : पुराने शहर में रहने वाले 50 वर्षीय बुजुर्ग का उपचार हमीदिया में चल रहा थ। सात दिन तक भर्ती रहने के बाद आठ मार्च को उनकी इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।  हर वर्ग में ऐसे बढ़ रहा स्वाइन फ्लू 
 

  • 45 से 65 उम्र के 43 मरीजों में इस बार स्वाइन फ्लू की शिकायत ज्यादा 

 

स्वाइन फ्लू के संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा पांच साल से कम 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को अधिक प्रभावित करता है। लेकिन, इस बार राजधानी में स्वाइन फ्लू का संक्रमण युवाओं को भी अपनी चपेट में
ले रहा है। यही वजह है कि 45 से 65 साल उम्र के 43 मरीजों में स्वाइन फ्लू पॉजीटिव पाया गया। इसलिए जब भी स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई दें तो उसे हल्के में न लें। 

 

  • शहर में 37 मरीजों का हो रहा इलाज 


स्वाइन फ्लू के मरीज सरकारी अस्पतालों के बजाय प्राइवेट अस्पतालों पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं। अभी राजधानी में स्वाइन फ्लू के चिह्नित और संदिग्ध 37 मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इनमें से महज 6
मरीज हमीदिया और एम्स में भर्ती हैं। इन 37 मरीजों में सेे 13 पॉजिटिव हैं, 24 संदिग्ध हैं। 

 

  • पिछले साल के मुकाबले स्थिति भयावह 

 

इस साल राजधानी समेत पूरे प्रदेश में स्थिति ज्यादा भयावह है। 2018 में पूरे प्रदेश में 100 लोगों में स्वाइन फ्लू पॉजीटिव पाया गया था। जिसमें 34 लोगों की मौत हुई थी। जबकि, इस 10 मार्च तक प्रदेश में 71
लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 360 से ज्यादा लोगों में स्वाइन पॉजीटिव पाया गया है। 

 

  • स्वाइन फ्लू का इलाज शुरुआती दौर में 


स्वाइन फ्लू का इलाज शुरुआती दौर में ही शुरू हो जाए ताे यह इसे आसानी से ठीक किया जा सकता है। लेकिन, लोग शुरुआती लक्षणों को अनदेखा करते हैं। अपने स्तर पर इलाज करते हैं, जब हालत खराब होती
है तो डॉक्टर के पास आते हैं। ऐसे में रिकवरी करना मुश्किल होता है। बेहतर है सामान्य सर्दी जुकाम और खांसी को भी गंभीरता से लें और डॉक्टर को दिखाएं। डॉ. लोकेंद्र दवे, एचओडी पल्मोनरी डिपार्टमेंट, हमीदिया

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