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मप्र में किसान बेखौफ कर रहे हानिकारक राउंडअप का उपयोग

राउंडअप के नाम से बिकने वाला हर्बिसाइड (खरपतवारनाशी) ग्लायकोफोसेट का मप्र में सोयाबीन, धान और दहलनी फसल उगाने वाले...

Danik Bhaskar | Sep 11, 2018, 03:15 AM IST
राउंडअप के नाम से बिकने वाला हर्बिसाइड (खरपतवारनाशी) ग्लायकोफोसेट का मप्र में सोयाबीन, धान और दहलनी फसल उगाने वाले किसान बेधड़क इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि यह कार्सिनोजेनिक, यानी कैंसर की बीमारी पैदा करता है। राउंडअप ही नहीं ऐसे तमाम वीडीसाइट और हर्बिसाइट से किसानों में सबसे ज्यादा नपुंसकता, गैस्ट्रिक ट्यूमर, लंग्स, टंग और हार्ट कैंसर की बीमारियां हो रही हैं।

राजधानी के जवाहर लाल नेहरू कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के डॉक्टर्स और साइंटिस्ट के मुताबिक सोयाबीन और धान उगाने वाले बेल्ट वाले में किसानों में फेंफड़ों के संक्रमण और नपुंसकता आने का सबसे बड़ा कारण राउंडअप और इसके जैसे खरपतवार और कीटनाशक हैं। देश में सबसे ज्यादा कृषि विकास दर वाला राज्य होने के बावजूद मप्र में किसानों की जिंदगी से हो रहे इस खिलवाड़ को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, बल्कि सरकार का कृषि विभाग के अफसर ही उत्पादन बढ़ाने के नाम पर ऐसे खरपतवारों के इस्तेमाल को प्रोत्साहन दे रहे हैं।

पांच साल से कृषि विभाग के प्रमुख सचिव राजेश राजौरा कहते हैं कि राउंडअप और इसके जैसे खरपतवारों के दुष्प्रभावों की जल्द ही जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि आईसीएआर की कुछ रिपोर्ट्स में भी ये बात सामने आई है कि वर्तमान में इस्तेमाल किए जा रहे 20% आयातित पेस्टिसाइड और वीडीसाइट ऐसे हैं, जो विदेशों में प्रतिबंधित हैं। हमारे यहां भी इनका इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि उनका दावा है कि मप्र के किसान दूसरे राज्यों की तुलना में खरपतवार और कीटनाशकों का काफी कम इस्तेमाल करते हैं।

दावा- मध्यप्रदेश के किसान दूसरे राज्यों की तुलना में कम ही करते हैं कीटनाशकों का इस्तेमाल

राउंडअप के कारण कैंसर का शिकार हुए पीड़ितों के चार मामले


मप्र के गांवों की एक तिहाई आबादी इनफर्टिलिटी और फेफड़ों में संक्रमण की समस्या से जूझ रही है


कैंसर पीड़ित ने जीता 29.90 करोड़ डॉलर का क्लेम

खरपतवारनाशी राउंडअप के इस्तेमाल के कारण कैंसर रोग का शिकार हुए अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को के माली डिवेन जॉनसन ने कोर्ट में कंपनी के खिलाफ 29.90 करोड़ डॉलर का मुकदमा जीत लिया है। जॉनसन कोर्ट में यह साबित करने में कामयाब रहे कि खरपतवारनाशी (हर्बिसाइट) दवा राउंडअप और रेंजर प्रो के कारण उसे हॉजकिन लिम्फोमा कैंसर की बीमारी हुई, जो लाइलाज है। इस खरपतवानाशी का निर्माण मोन्सेंटों कंपनी करती हैं। मुख्य रूप से यह ग्लाइफोसेट केमिकल होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन से जुड़ी इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर ने सबसे पहले अपने शोध में बताया था कि राउंडअप हर्बिसाइड कार्सिनोजेनिक है। दूसरी ओर पिछले साल सितंबर 2017 में अमरीका की पर्यावरण संरक्षण एजेंसी ने इस कैमिकल को सुरक्षित बताया था, लेकिन कोर्ट की जूरी ने दोनों रिपोर्ट तैयार करने वाले डॉक्टरों और शोधकर्ताओं के बयान सुनने के बाद राउंडअप से कैंसर होने की बात को सही ठहराया।

कोर्ट का फैसला