भास्कर खास / वन विहार फेज-2 रायसेन रोड पर, टाइगर सफारी भी होगी



Van Vihar Phase-II Raisen Road, Tiger Safari will also be
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Van Vihar Phase-II Raisen Road, Tiger Safari will also be

  • वाइल्ड लाइफ मुख्यालय ने सेंट्रल जू ऑथोरिटी को भेजी डीपीआर, चिड़ियाटोल में 150 हेक्टेयर जमीन पर होगा निर्माण

Dainik Bhaskar

Jan 12, 2019, 05:16 AM IST

भोपाल . वन्यप्राणी प्रेमियों को जल्द ही शहर के नजदीक टाइगर सफारी करने मिलेगी। इसके लिए शहर से महज 25 किलोमीटर की दूरी पर वन विहार फेज-2 के तहत एक चिड़ियाघर बनाया जा रहा है। इसमें स्थानीय और प्रवासी प्रजाति के पक्षी और वन्य प्राणी रखे जाएंगे। करीब 150 हेक्टेयर जमीन में बनने वाले वन विहार फेज-2 के संबंध में वाइल्ड लाइफ मुख्यालय ने हरी झंडी दे दी है। 

 

वाइल्ड लाइफ मुख्यालय ने इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट  (डीपीआर) सेंट्रल जू अथॉरिटी को भेज दी है। जू अथॉरिटी ने प्रोजेक्ट रिपोर्ट छह सदस्यीय समिति के सामने रख दी है। वाइल्ड लाइफ मुख्यालय के अधिकारियों का मानना है कि रिपोर्ट को जल्दी ही अथॉरिटी की हरी झंडी मिल जाएगी।


वन्यप्राणियों के लिए अनुकूल है चिड़ियाटोल : वन विहार फेज -2 के तहत बनने वाले चिड़ियाघर के लिए वाइल्ड लाइफ मुख्यालय और ईको टूरिज्म ने स्थान चिह्नित कर लिया है। यह स्थान भोपाल-रायसेन रोड स्थित चिड़ियाटोल नामक क्षेत्र में है। यहां पर छोटे झाड़ का जंगल है, जो वन्यप्राणियों के रहने के लिए अनुकूल है।

 

वन विहार से हटकर होगा चिड़ियाघर : प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने वाले वन विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी सीके दुबे ने बताया कि यह चिड़ियाघर वन विहार नेशनल पार्क से हटकर होगा। इसमें टाइगर सफारी का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा सेंट्रल जू ऑथोरिटी की गाइडलाइन के अनुसार यहां पर लोकल से लेकर इंटरनेशनल स्तर के वन्यप्राणी और पक्षी रखे जाएंगे।

 

वन्य प्राणियों की सुरक्षा की विशेष व्यवस्था, टाइगर के लिए होगा सबसे बड़ा बाड़ा : प्रोजेक्ट रिपोर्ट में पर्यटन के साथ वन्य प्राणियों की सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की गई है। सफारी के लिए सबसे बड़ा बाड़ा टाइगर के लिए  तैयार किया जाएगा।  जिसमें तीन से चार टाइगर एक साथ रखे जाएंगे। इसके अलावा तेंदुआ, चीतल, चौसिंगा, काला हिरण, जंगली सुअर, भालू आदि के लिए भी अलग-अलग बाड़े तैयार किए जाएंगे।

 

वहीं यहां पर सफेद मोर, हिप्पोपोटामस, गैंडा आदि भी देखने मिलेंगे। यहां पर उनके लिए पानी और घूमने करने की सुविधा होगी।   वहीं पक्षी विहार को भी नए अंदाज में बनाया जाएगा, ताकि पक्षियों को उनके पिंजरों में उड़ने का मौका मिल सके। यहां पर पर्यटकों के लिए कैफेटेरिया, घूमने और बैठने के लिए पार्क और नेचर ट्रेल आदि की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

 

गोल्फ कार्ट भी चलेंगी : चिड़ियाघर को इस तरह डिजाइन किया गया है, जिसमें वाहनों को बाहर ही रोक लिया जाएगा। पर्यटक बैटरी चलित गोल्फ कार्ट का मजा ले सकेंगे। वे इस पर बैठकर वन्यप्राणियों को देखेंगे।

 

यह है प्रोजेक्ट रिपोर्ट

 

  • 2020 तक बनाने का लक्ष्य
  • 150 हेक्टेयर जमीन चिह्नित
  • 10 करोड़ रुपए होंगे खर्च
  • 100 प्रजाति के वन्य जीव रखे जाएंगे यहां
  • 700 वन्य जीवों के रहने की होगी क्षमता

2020 तक होगा तैयार
 

वन विहार फेज-2 के तहत 150 हेक्टयेर में चिड़ियाघर बनाया जाएगा। इसकी डीपीआर सेंट्रल जू ऑथोरिटी को भेज दी गई है। वहीं सेंट्रल जू ऑथोरिटी ने भी प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया गया है। उम्मीद है यह चिड़ियाघर 2020 में पर्यटकों के लिए तैयार हो जाएगा। डॉ. दिलीप कुमार, एपीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ मुख्यालय

 

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