मध्य प्रदेश / केंद्रीय कानून मंत्री को सांसद तन्खा का पत्र- मंत्रालय का काम नाफरमान डाकिए जैसा



vivek tankha letter to union law minister
X
vivek tankha letter to union law minister

Dainik Bhaskar

Jun 13, 2019, 03:58 PM IST

भोपाल। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता व राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि विधि मंत्रालय का व्यवहार नाफरमान डाकिए की तरह है। तन्खा ने पत्र में कहा है कि कॉलेजियम सिस्टम में अवश्य खामियां हो सकती हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में इस प्रणाली को उपर्युक्त माना है। अब जब तक किसी सरकार द्वारा इसमें कोई सुधार नहीं किया जाता है तब तक केंद्र सरकार इसे मानने के लिए बाध्य है।

 

पत्र में कहा गया है कि कॉलेजियम द्वारा बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस केके कुरैशी का नाम मध्यप्रदेश के मुख्य न्यायाधीश के लिए 8 मई को ही भेज दिया गया था, लेकिन क्या कारण रहे कि इस प्रस्ताव को 10 जून तक रोके रखा गया। पहले भी जब जस्टिस केहर की अध्यक्षता में कॉलेजियम ने 94 नाम भेजे थे, जिसमें से सरकार ने 36 नामों को रोक लिया। यही हाल जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता में भेजे गए कॉलेजियम द्वारा भेजे गए 97 में से 57 नाम रोक दिए गए। 

 

केंद्र सरकार के इस जिद का भारत की न्याय व्यवस्था पर विपरीत असर पड़ा है। यह देश की प्रजातांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है। पत्र में कहा गया है कि यह पत्र एक दस्तावेज है जो यह बताता है किस तरह संवैधानिक संस्थाओं की नींव को कमजोर किया जा रहा है।

COMMENT