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वाट्सएप ने मां को बेटी से मिलाया; आरक्षक को लावारिस मिली थी ढाई साल की मासूम, सिर्फ मम्मी और पापा बोली

आरक्षक ने मासूम का एक फोटो मैसेज के साथ वायरल किया, मैसेज देखने के बाद थाने पहुंची मां।

Danik Bhaskar | Jul 12, 2018, 07:55 PM IST
चार घंटे पहले गायब हो गई मासूम बच्ची एक आरक्षक की मदद से अपनी मां से मिल गई। चार घंटे पहले गायब हो गई मासूम बच्ची एक आरक्षक की मदद से अपनी मां से मिल गई।

भोपाल. नेहरू नगर इलाके में खेलते-खेलते ढाई साल की मासूम घर से दूर निकल गई। एक बुजुर्ग महिला ने बच्ची को लावारिस देख उसे थाने पहुंचा दिया। थाने में पुलिस कर्मचारियों के पूछने पर बच्ची अपना नाम काव्या और मम्मी-पापा ही बोल पा रही थी।

बच्ची से माता-पिता और पते की कोई जानकारी नहीं मिलने पर आरक्षक कपिल कौशिक ने उसका एक फोटो खींचा और मैसेज के साथ वाट्सएप पर वायरल कर दिया। करीब चार घंटे के इंतजार के बाद बच्ची के माता-पिता बेटी की तलाश करते हुए थाने पहुंच गए। उन्हें एक किराना व्यापारी ने वाट्सएप मैसेज देखने के बाद थाने जाने की सलाह दी थी।

बेटी को एक मिनट के लिए भी होने दूंगी आंखों से ओझल : विदिशा निवासी 28 वर्षीय पिंकी शर्मा के पति मोनू शर्मा की जनरेटर बनाने की फैक्टरी है। पिंकी दो दिन से अपनी बड़ी बहन के घर आई हुई हैं। जैसा पिंकी ने बताया- दोपहर के समय काव्या बड़ी बेटी और अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी, लेकिन एक बजे के बाद वह नजर नहीं आई। हमें इसका ध्यान नहीं रहा। करीब चार घंटे तक लगातार नहीं दिखने पर बच्चों से पूछने पर उन्होंने बताया कि काव्या तो उनके साथ नहीं है। इसके बाद हमने आसपास उसकी तलाश शुरू कर दी।

मैसेज वायरल हुआ तो माता-पिता को पता चला : करीब एक घंटे तक तलाशने के बाद इलाके के एक किराने की दुकान वाले अंकल ने बताया कि कमला नगर पुलिस थाने चले जाओ। एक बच्ची का वाट्सएप मैसेज चल रहा है। उन्हें एक बच्ची मिली है। उसके बाद थाने पहुंचने पर काव्या हमें मिल गई। मैं उस बुजुर्ग महिला और पुलिस का बहुत-बहुत धन्यवाद देती हूं। अब बच्ची को एक मिनट के लिए भी अपनी आंखों से ओझल नहीं होने दूंगी।

कपिल की अहम भूमिका : आरक्षक कपिल गुरुवार दोपहर करीब डेढ़ बजे इलाके में थे। इसी दौरान उसे एक बुजुर्ग महिला ने रोका। कपिल के अनुसार महिला का नाम मीरा चौधरी था। अम्मा ने कहा कि यह बच्ची बिना चप्पल के घूम रही है। पता नहीं किसकी बच्ची है। कुछ बता नहीं पा रही है। उसके बाद मैं बच्ची को थाने ले आया।

अपना नाम काव्या बताया : उसने अपना नाम काव्या तो बता दिया, लेकिन मम्मी-पापा का नाम पूछने पर सिर्फ मम्मी-पापा ही कह पा रही थी। मैं बच्ची के मिलने की जगह के आसपास के दुकानदारों को अपना नंबर देकर आया था। उनसे कहा था कि अगर कोई आए तो थाने भेज देना। बच्ची पहले बहुत डरी हुई थी, लेकिन बाद में दोस्ती करन पर वह सामान्य हो गई थी।

ढाई साल की मासूम आरक्षक कपिल को मिली और केवल मम्मी पापा बोल पा रही थी। ढाई साल की मासूम आरक्षक कपिल को मिली और केवल मम्मी पापा बोल पा रही थी।
आरक्षक बेटी का फोटो खींचकर उसे वाट्सएप पर वायरल कर दिया। आरक्षक बेटी का फोटो खींचकर उसे वाट्सएप पर वायरल कर दिया।