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उमा भारती ने दलितों के साथ भोजन करने से किया मना, कहा- दिल्ली में घर पर कराऊंगी भोजन

संत रविदास की मूर्ति का अनावरण करने आई थीं केंद्रीय मंत्री उमा भारती, समरसता भोज में शामिल हुए बिना लौटीं।

DainikBhaskar.com | Last Modified - May 02, 2018, 01:02 PM IST

    • छतरपुर के नौगांव में समरसता भोज में भग लेने पहुंची थीं केंद्रीय उमा भारती।

      भोपाल/छतरपुर. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के दलितों के घर जाकर भोजन करने के कार्यक्रमों के बीच केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने सामाजिक समरसता भोज में दलितों के साथ भोजन करने से मना कर दिया। छतरपुर के नौगांव के ददरी गांव में पहुंची उमा भारती ने मंच से कहा कि वह इस समरसता भोज में भोजन नहीं करेगी। वह दलित के घर खाना खाने की जगह अपने घर पर दलितों को भोजन कराएंगी और परिवार के लोगों से झूठे बर्तन उठवाएंगी।

      -दरअसल, उमा भारती यहां संत रविदास के मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंची थीं, जहां धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक समरसता भोज का आयोजन भी किया गया था।

      बिना भोजन किए लौटीं उमा भारती

      -उमा भारती ने संत रविदास की प्रतिमा का अनावरण किया और सीधे मंच पर पहुंची। उन्होंने रामायण के सुंदरकांड के प्रसंग सुनाए। इसके बाद जब उनके भाषण का समापन हो रहा था तो आयोजकों ने समरसता भोज में शामिल होने का आग्रह किया। इस पर उन्होंने माइक से ही कहा कि मैं दलितों के साथ भोजन नहीं करती हूं। बल्कि दलितों को अपने घर बुलाकर भोजन कराती हूं।

      कई दलित मुखिया भी बगैर भोजन किए लौटे

      - उमा भारती के बिना भोजन किए चले जाने पर दलित समाज के कई मुखिया भी यहां से बिना भोजन किए चले गए। उमा भारती के जाने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के सचिव डॉ. राकेश मिश्रा जरूर पहुंचे।

      उमा भारती ने जो कहा


      - मैं दलितो के यहां भोजन करने नहीं जाती, यद्यपि मैं इसका समर्थन करती हूं। अलग से भोजन करने जाती हूं या दलितं वर्गों के लोगों को घर बुलाकर अपने घर में भोजन कराती हूं, टेबल में बिठाकर।

      - हम कोई भगवान राम नहीं हैं कि उनके साथ बैठकर भोजन करेंगे तो वह पवित्र हो जाएंगे। बल्कि वो जब आकर हमारी रसोई में बैठकर भोजन करेंगे, तब हम पवित्र होंगे।

      - इसलिए ये सीक्रेट खोल रही हूं कि मैं कभी सामाजिक समरसता भोजन में भाग नहीं लेती है।

      - मैं अपने को भगवान राम नहीं मानती, कि शबरी के घर जाकर खा लिया तो दलित पवित्र हो गई।

      - दलित जब मेरे घर में आकर भोजन करेगा, मेरे हाथ से उसे परोसूंगी, जब मेरी डायनिंग टेबल पर भोजन करेंगे, तब हम पवित्र होंगे, मेरा घर धन्य होगा, पूजा घर पवित्र हो जाएगा।

      - आप आईए दिल्ली में मेरे भतीजे की पत्नी भारती भोजन बनाएंगी, मेरा भतीजा आप लोगों की जूठी थाली उठाएगा।

      - इसलिए आज आपसे कहती हूं कि मैं आपके साथ भोजन नहीं कर पाऊंगी। मैं आपको बहुत प्यार करती हूं, मेरी जिंदगी आपके लिए है।

    • उमा भारती ने दलितों के साथ भोजन करने से किया मना, कहा- दिल्ली में घर पर कराऊंगी भोजन
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      भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह कई मौकों पर दलितों के साथ भोजन करते दिखाई दिए हैं।
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