भोपाल हादसा / झूमते-गाते गए थे बप्पा का विसर्जन करने; किसे पता था फिर नहीं लौटेंगे 11 युवक



Were singing and singing to immerse Bappa; Who knew 11 young men would not return
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Were singing and singing to immerse Bappa; Who knew 11 young men would not return

  • पिपलानी मार्केट में सर्वश्रेष्ठ झांकी का पुरस्कार भी मिला, इस दौरान खींची गई ग्रुप फोटो, आखिरी तस्वीर साबित हुई

Dainik Bhaskar

Sep 13, 2019, 07:46 PM IST

भोपाल. उन युवकों में जोश था, उमंग थी, उत्साह था और माहौल भी भक्तिमय था। ढोल नगाड़े के साथ नृत्य में थिरकते ये युवक गणपति की विदाई करने जा रहे थे। गा रहे थे... अगले बरस तुम जल्दी आना। पर किसे पता था कि अगले ही पल उनकी भी अंतिम विदाई होने वाली है। क्योंकि इसके बाद गणपति तो लौटेंगे, लेकिन वह 11 युवक फिर कभी नहीं लौट पाएंगे। 

 

सर्वश्रेष्ठ झांकी का पुरस्कार मिला: 100 क्वार्टर से गणेश जी की झांकी पिपलानी मार्केट पहुंची। यहां पर समिति को सर्वश्रेष्ठ झांकी का पुरस्कार भी मिला। इस दौरान ग्रुप फोटो खींची गईं थी। वह आखिरी फोटो साबित हुई है। 

 

हंसी-खुशी से विदाई : भोपाल के पिपलानी 100 क्वॉटर के बस्ती वालों ने खूब-हंसी खुशी बप्पा को विदा किया था। मोहल्ले की बहू-बेटियों ने मोहल्ले से ही गणपति बप्पा को नाच-गाकर विदा किया। उसके बाद युवाओं की टोली मूर्ति लेकर आगे बढ़ चली। 

 

महिलाओं ने चल समारोह को दी पूजन-अर्चन कर विदाई : खटलापुरा घाट में गणेश विसर्जन के दौरान जिन 11 युवकों की डूबने से मौत हुई वो बड़े धूमधाम से गुरुवार रात 11 बजे पिपलानी इलाके से गणेश प्रतिमा को लेकर रवाना हुए थे। इनके उल्लास का सिलसिला खटलापुरा तक चला। रास्ते भर गणपति बप्पा के जयकारे गूंज रहे थे। मोहल्ले वाले युवाओं की टोली और मूर्ति को विदा करने के बाद अपने घरों को लौट गए। 

 

रास्ते भर डीजे पर नाचते रहे युवा : शुक्रवार अल सुबह मौत की ख़बर ने पिपलानी के 100 क्वार्टर का दरवाज़ा खटखटाया। खटलापुर से जो खबर पिपलानी पहुंची, उससे पूरे इलाके में चीख़-पुकार और रोना-पीटना मच गया। लोगों को यकीन नहीं हो पा रहा था कि जिन बच्चों और युवाओं को कुछ देर पहले तक नाचते-गाते भेजा था, उनकी मौत की ख़बर आ गयी थी।


ऐसे बढ़ा था चल समारोह का कारवां 

रात 11 बजे : 100 क्वाटर बस्ती पिपलानी इलाके से गणेश विसर्जन के लिए बड़े धूमधाम के साथ खटलापुरा घाट के लिए रवाना हुए.
रात 1 बजे : गणेश जी की झांकी पिपलानी मार्केट पहुंची। यहां पर समिति को सर्वश्रेष्ठ झांकी का पुरस्कार भी मिला। इस दौरान फोटो खींची गईं।
रात 3 बजे: समिति के सदस्य गणेश प्रतिमा को लेकर खटलापुरा घाट पहुंचे।
सुबह 4 बजे: विसर्जन का नंबर आने पर गणेश जी की प्रतिमा को क्रेन पर लटकाया।

 

सुबह 4:30 बजे: दो नाव को जोड़कर बनाई गई एक नाव पर गणेश प्रतिमा को रखा गया.तालाब में प्रतिमा को जैसे ही विसर्जित किया, वैसे ही नाव में एक तरफ से पानी भरने लगा। और नाव पलट गई। कुछ युवक पानी में गिर गए। उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए नाव को पकड़ लिया और बस उसके बाद पूरी नाव पलट गयी और उसमें सवार सभी लोग तालाब में गिर पड़े और डूबने लगे। 

 

सुबह 5 बजे : नगर निगम, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और एसडीआरएफ के अधिकारी, कर्मचारी मौके पर आना शुरू हुए। 
सुबह 8 बजे : तालाब से शवों को निकालकर मॉर्च्यूरी पहुंचाया।
सुबह 9 बजे : मॉर्च्यूरी में शवों का पोस्टमॉर्टम हुआ।
सुबह 10 बजे : मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने का ऐलान किया।
दोपहर 12 बजे : शवों के अंतिम संस्कार का सिलसिला शुरू। 


मोदी ने भोपाल नाव हादसे पर शोक जताया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान नौका पलटने के कारण लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया है। मोदी ने अपने शोक संदेश में कहा है,“भोपाल में नौका पलटने के कारण हुआ हादसा दुखी करने वाला है। दुख की इस घड़ी में उन परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं जिन्होंने अपने लोगों को खोया है।”

 

इन 8 बिंदुओं पर होगी मजिस्ट्रीयल जांच 

कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने नाव दुर्घटना की मजिस्ट्रीयल जॉंच के आदेश दे दिए गए हैं। भोपाल नाव हादसे में मौके पर मौजूद राजस्व निरीक्षक निलंबित और दो नाव चालकों पर मामला दर्ज किया गया है। 
एडीएम सतीश कुमार एस को जांच अधिकारी बनाया गया है। 

 

  1. - नाव दुर्घटना में युवकों के मौत की सूचना पुलिस को कब मिली।
  2. - पुलिस ने इस पर क्या कार्यवाई की। 
  3. - घटना किन परिस्थितियों में घटित हुई। 
  4. - क्या घटना के लिए कोई जिम्मेदार है। 
  5. - विसर्जन के दौरान ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या प्रयास किए गए थे। 
  6. - क्या मृत व्यक्तियों का पोस्ट मार्टम कराया गया तथा यदि कराया गया है तो पोस्ट मार्टम की बिसरा रिपोर्ट क्या पाई गई? 
  7. - स्थानीय नागरिकों की संपूर्ण घटनाक्रम में क्या भूमिका रही। 
  8. - घटना की पुनर्रावृत्ति नहीं होने संबंधी सुझाव और जांच के दौरान अन्य कोई बात सामने आने पर। 
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