मध्यप्रदेश / जीका बुखार के संदिग्ध मरीज की मौत, 70 मरीजों की जांच रिपोर्ट अभी भी एनआईवी पुणे में पेंडिंग



zika fever death suspected patient
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zika fever death suspected patient

  • गर्भवती महिलाओं और होने वाले बच्चे को जीका के संक्रमण का ज्यादा खतरा

Dainik Bhaskar

Nov 07, 2018, 02:16 AM IST

भोपाल . शहर में जीका बुखार के संदिग्ध मरीज की मंगलवार को मौत हो गई। मरीज का इलाज शहर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। पिछले पांच दिनों से उसकी हालत खराब होने के चलते उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। सोमवार रात से मरीज की हालत और ज्यादा बिगड़ गई थी। मंगलवार सुबह उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

 

मरीज के ब्लड सैंपल जांच के लिए एम्स भेजे गए थे। यहां से जांच रिपोर्ट को वेरिफाइ करने के लिए एनआईवी पुणे लेबोरेटरी भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा भेजी गई जीका वायरस के करीब 70 ब्लड सैंपल की रिपोर्ट एनआईवी पुणे में पेंडिंग है। 
शहर में अब तक 3 मरीजों को जीका पॉजिटिव आने की पुष्टि हो चुकी है। 3 संदिग्ध मरीजों का इलाज जीका के प्रोटोकाल गाइडलाइन के तहत किया जा रहा था। इसमें एक मरीज की मौत हो गई, जो सर्वधर्म कॉलोनी का रहने वाला है। जबकि दो मरीज गौतम नगर और अवधपुरी के रहने वाले हैं। इन दोनों मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है।

 

31 हजार में से 850 घरों में मिला मच्छरों का लार्वा : जीका बुखार के पॉजिटिव मरीज की पुष्टि होने के बाद चार इमली क्षेत्र के 3 किमी के दायरे में कराए जा रहे फीवर और लार्वा सर्वे में अब तक 31 हजार घरों की जांच हो चुकी है। इसमें से 850 घरों में मच्छर का लार्वा मिल चुका है।

इसको एंट्री लार्वा सर्वे टीम द्वारा नष्ट किया गया है। जीका वायरस की रोकथाम के लिए नेशनल वेक्टर बोर्न डिसीज कंट्रोल प्रोग्राम (एनवीबीडीसीपी) के डिप्टी डायरेक्टर जनरल डॉ. पी रवींद्रन द्वारा तैयार किए गए माइक्रो प्लान के तहत किए जा रहे सर्वे के बाद अब तक 565 गर्भवती महिलाओं की पहचान हो चुकी है।

जो माइको एक्शन प्लान के दायरे में स्थित कॉलोनियों में रह रही हैं। साथ ही 320 ऐसे लोगों की पहचान हुई है जिनको फीवर सर्वे में बुखार होना पाया गया है। इसमें से 10 फीसदी लोगों के ब्लड के सैंपल लिए जाएंगे। 10 डॉक्टरों की टीम द्वारा यह सैंपल कलेक्शन किया जाएगा। दीवाली के बाद यह सैंपल कलेक्शन काम शुरू होगा।

स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने बताया कि जीका से सबसे ज्यादा खतरा गर्भवती महिलाओं और उसके होने वाले बच्चे पर पड़ सकता है। गर्भवती महिलाओं में बीमारी पहचान के लिए ब्लड सैंपल लेने का प्लान बनाया गया है। इसके लिए डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है, जो डोर-टू-डोर जाकर मरीज की हिस्ट्री चेक करेंगे।

गौरतलब है कि शहर के चार इमली क्षेत्र के 3 किमी के दायरे में आने वाली कॉलोनियों में फीवर और लार्वा सर्वे के लिए 110 टीमों को लगाया गया है। टीम के सदस्यों को 18 वार्ड और 8 जोन के अंतर्गत आने वाली 110 कॉलोनी के 2 लाख 80 हजार परिवारों के घर डारे-टू-डोर सर्वे करना है।

 

जागरूकता के लिए अनुमति जरूरी : जीका वायरस के संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के अफसर कॉलोनियों में जागरूकता अभियान चलाना चाहते हैं। जागरूकता अभियान के लिए रथ चलाया जाना है। इसमें लाउडस्पीकर का उपयोग किया जाना है। चूंकि आचार संहिता लगी है। इसलिए चुनाव आयोग की अनुमति लेने के बाद यह रथ चलाया जाएगा।

 

एडीज मच्छर से तीन बीमारियां : हेल्थ डायरेक्टर डॉ. बीएन चौहान ने बताया कि जीका, डेंगू और चिकनगुनिया एडीज मच्छर के काटने से होता है। एक मच्छर तीन बीमारियों फैला रहा है। तीनों के लक्षण मिलते जुलते हैं। जीका से मौत की संभावना बहुत कम होती है। इसलिए मरीज को इससे घबराने की जरूरत नहीं है।

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