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बीना नदी के पास काले पत्थर की खुदाई, बारिश में ढह जाएगा डेम

क्षेत्र में वर्षों से नदी, तालाबों,स्टापडेमों एवं पहाड़ी क्षेत्रों से मिट्टी-मुरम की खुदाई का सिलसिला चल रहा है। इस...

Bhaskar News Network| Last Modified - Apr 03, 2018, 03:20 AM IST

बीना नदी के पास काले पत्थर की खुदाई, बारिश में ढह जाएगा डेम
बीना नदी के पास काले पत्थर की खुदाई, बारिश में ढह जाएगा डेम
क्षेत्र में वर्षों से नदी, तालाबों,स्टापडेमों एवं पहाड़ी क्षेत्रों से मिट्टी-मुरम की खुदाई का सिलसिला चल रहा है। इस परिवहन पर रोक लगाने के लिए अभी तक कोई ठोस कार्रवाई न होने के चलते खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। ये माफिया राजस्व को लाखों की चपत लगाने पर आमादा हैं। पर्यावरण सुरक्षा की दृष्टि से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा भले ही अवैध उत्खनन के आदेश निकाल दिए गए हों, लेकिन इसका असर ना के समान दिखाई दे रहा है।

राजस्व विभाग भी प्रशासन के आदेश के चलते बीना नदी तटीय पत्थर, रेत घाटों पर संचालित इसके अवैध कारोबार पर रोक लगाने का पुरजोर प्रयास कर रहा है, लेकिन इसके बाद भी माफियाओं द्वारा उत्खनन करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ा जा रही है।

भास्कर ने बीना नदी का जायजा लिया। छपरैट घाट स्टाप डेम के पास बढ़ी मात्रा में काले पत्थर की खुदाई का काम जारी था। एक-दो नहीं बल्कि सैकड़ो ट्राली पत्थर खोद कर निकाला जा चुका है और कई ट्राली पत्थर खुदा हुआ वहीं पर ढेर के रुप में रखा था। बताया गया कि यहां पर नदी सूखने के साथ ही काला पत्थर निकालने का काम शुरू हो गया था जो अभी भी जारी है। प्रशासन, पुलिस , खनिज विभाग के अधिकारियों को जानकारी भी है, लेकिन वे कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। बता दंे कि क्षेत्र के कई गांवों की नदियों से बिना अनुमति के अनेक क्रेशर मशीन मालिकों द्वारा पत्थर निकालकर लाखों रुपए की काली कमाई की जा रही है। शासन की संपदा को दो गुना रेट पर विक्रय किया जा रहा है। इस समय चल रहे सड़क निर्माण, मकान निर्माण कार्य में ठेकेदारों को यहीं से सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इस अवैध उत्खनन से नदियों का स्वरूप बिगड़ता जा रहा है। बताया जा रहा है कि बीना नदी के उस पार नदी किनारे कुरवाई क्षेत्र में क्रेशर लगी है। जिसका संचालक नदी से अवैध पत्थर निकलवा रहा है।

ये है बीना की जीवनदायिनी बीना नदी। यहां अवैध उत्खनन से इस स्टॉपडेम को खतरा हो गया है, रोक न लगी तो बारिश में डेम ढह जाएगा।

अध्यक्ष-सीएमओ को नजर नहीं आता अवैध उत्खनन

जहां पर पत्थर निकाले जा रहे हैं उसके पास ही नपा का स्टापडेम बना हुआ है। स्टापडेम के पास खुदाई होने से उसकी मजबूती पर असर पड़ सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि यदि ऐसे ही पत्थर निकालने का काम जारी रहा तो यह डेम पहली ही बारिश नहीं झेल पाएगा। बतादे कि नपाध्यक्ष नीतू राय, सीएमओ ज्योति सिंह अन्य अधिकारियों के साथ कई बार डेम का निरीक्षण कर चुकी है लेकिन उन्हें यह अवैध उत्खनन नहीं नजर आया है। जबकि यहा कई महिनों से उत्खनन हो रहा है। सीएमओ ज्योति सिंह ने कहा अवैध उत्खनन एसडीएम के अधिकार क्षेत्र में है। कार्रवाई करने का अधिकार डेम ऐरीगेशन डिपार्मेंट का है। एसडीएम से पत्राचार कर कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम डीपी द्विवेदी बोले नगर पालिका ने अभी तक एफआईआर क्यों नहीं करवाई है। इस तरह की कोई जानकारी नहीं है।

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