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रामनगर गांव में लॉ कॉलेज के लिए जमीन मिली

कानून की शिक्षा में कैरियर बनाने वाले विद्यार्थियों के लिए बीना में ही जल्द सुविधा मिलने वाली है। कारण! कुछ साल से...

Dainik Bhaskar

Apr 04, 2018, 03:30 AM IST
कानून की शिक्षा में कैरियर बनाने वाले विद्यार्थियों के लिए बीना में ही जल्द सुविधा मिलने वाली है। कारण! कुछ साल से अटका जमीन का मसला सुलझ गया है।

अब शहर में लॉ (विधि) महाविद्यालय भवन के लिए कलेक्टर ने गोदना पंचायत के रामनगर गांव बीना-कुरवाई हाइवे मार्ग की प्रस्तावित जमीन को आवंटित कर दिया है। जमीन आवंटित होते ही राजस्व विभाग अब पीजी कॉलेज प्रबंधन को जमीन सौंपने की तैयारी में जुट गया है। जमीन मिलने के साथ ही यहां भवन बनाने का काम शुरू होगा और बीसीआई दल भी निरीक्षण कर लॉ महाविद्यालय खोलने की इजाजत दे सकता है। पीजी कॉलेज प्रबंधन के अथक प्रयास से यह संभव हुआ और विधि महाविद्यालय खुलने के आसार नजर आने लगे हैं।

प्राचार्य डां. आरसी गुप्ता ने बताया बीसीआई (बार काउंसिल ऑफ इंडिया) ने एक नियम लागू किया था। नियम के तहत दी गई शर्तो की पूर्ति न होने पर लॉ कॉलेज बंद कर दिया गया था। तभी से संस्था प्रबंधन विधि कॉलेज को फिर से खोलने के लिए प्रयास कर रहा है।

पटवारी हल्का नंबर 48 खसरा नंबर 7 गोदना पंचायत के रामनगर गांव के पास बीना-कुरवाई हाइवे मार्ग के पास कुल रकबा 2.45 हे.चरनोई की जमीन थी। इसमें से कुछ जमीन ला कॉलेज भवन के लिए प्रस्तावित की गई थी, लेकिन प्रस्तावित जमीन का अावंटन अटका हुआ था। मामले के बारे में एसडीएम को अवगत कराया गया। एसडीएम ने संज्ञान में लिया और कलेक्टर के यहां फाइल भेजी।

कलेक्टर ने फाइल का अवलोकन कर कुल रकवा 2.45 हे. में से 1.56 हे.रकवा जमीन लाॅ कॉलेज भवन के लिए आवंटित कर दिया है। उन्होंने बताया कि साथ ही निर्देश दिए है कि आवंटित जमीन को तत्काल कब्जा में लेकर भूमी पर बोर्ड लगाया जाए और फेसिंग कर सुरक्षित की जाए, ताकि अतिक्रमण न हो सकें। आगामी कुछ माह में यह कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए है। उन्होंने बताया कि अभी तक जमीन को लेकर लॉ कॉलेज का मामला अटका हुआ था, लेकिन जमीन मिलने से अब आसार दिखने लगे हैं।

प्रो. डां. एमएल सोनी ने कहा बीना में लॉ कॉलेज खुलता है तो यहां के कई विद्यार्थियों को फायदा होगा। अधिकतर विद्यार्थी बीए, बीकाम, बीएससी की डिग्री करने के बाद कानून की पढ़ाई कर अपना कैरियर बनाना चाहते हैं, लेकिन यहां सुविधा न होने से उन्हें बाहर जाना होता है।

शहर को सौगात

वर्ष 2011 में बार काउंसिल ऑफ इंडिया के एक नियम के कारण बंद हो गया था कॉलेज, तभी से जारी थे प्रयास

निरीक्षण के लिए बीसीआई को दे चुके हैं राशि

विधि कॉलेज खोलने के लिए बीसीआई दल को निरीक्षण के लिए संस्था द्वारा 1 लाख 55 हजार रुपए फीस जमा की जा चुकी है। चूंकि अभी तक जमीन न होने से निरीक्षण के लिए नहीं बुलाया जा रहा था, लेकिन अब प्रयास करेंगे कि बीसीआई टीम आकर जमीन का निरीक्षण कर कॉलेज खोलने की स्वीकृति दें। अभी कुछ दिन पहले जनभागीदारी समिति की बैठक हुई थी। जिसमें विधायक महेश राय, एसडीएम सहित सदस्यों ने चर्चा की और निर्णय लिया कि जब तक विधि कॉलेज का भवन नहीं बन जाता है, तब तक कक्षाएं पीजी कॉलेज में खाली पड़े भवनों में लगाई जाए।

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