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मॉक ड्रिल: 5 हूटर बजते ही सकते में आया रेलवे, अफसर भागे

Dainik Bhaskar

Feb 10, 2018, 04:25 AM IST

Bina News - स्टेशन पर शुक्रवार दोपहर अचानक 5 हूटर बजने से रेलवे विभाग के अधिकारी व कर्मचारी सकते में आ गए। हूटर सुनते ही तत्काल...

मॉक ड्रिल: 5 हूटर बजते ही सकते में आया रेलवे, अफसर भागे
स्टेशन पर शुक्रवार दोपहर अचानक 5 हूटर बजने से रेलवे विभाग के अधिकारी व कर्मचारी सकते में आ गए। हूटर सुनते ही तत्काल स्टेशन पहुंचे और पता चला कि कंजिया एवं महादेवखेड़ी के बीच यात्री ट्रेन एवं ट्रैक्टर-ट्राली में भिड़त हो गई है। इससे लोग हताहत हुए है।

यह सुन प्लेटफार्म पर खड़ा मेडीकल वाहन, ब्रेक डाउन में बैठकर कंजिया की ओर रवाना हो गए। वे महादेव खेड़ी स्टेशन के पास पहुंचे ही थे कि तभी अचानक रूक गए और वापस बीना स्टेशन के लिए आने लगे। तब कर्मचारियों को पता चला कि रेलवे ने मॉक ड्रिल कराकर तत्परता, सतर्कता एवं सुरक्षा का आंकलन किया है।

जानकारी अनुसार शुक्रवार दोपहर 2.58 बजे अचानक 5 हूटर की आवाज सुनकर रेलवे विभाग सकते में आ गया। 5 हूटर बजने के संकेत सुन कर मेडीकल वाहन स्टाफ एवं ब्रेक डाऊन स्टाफ स्टेशन पर पहुंचे और मेडीकल वाहन में बैठकर दोपहर साढ़े 3 बजे कंजिया रेलवे स्टेशन की ओर रवाना हुए। कर्मचारियों को सूचना दी गई कि कंजिया रेलवे फाटक क्रमांक 10 पर एक सवारी ट्रेन और ट्रेक्टर-ट्राली की भिड़ंत हो गई है।जिससे लोग हताहत हुए है। मेडीकल वाहन कुछ दूर चलने के बाद शाम 4 बजे महादेव खेड़ी स्टेशन पर जाकर खड़ी हो गई। करीब 20 मिनट तक मेडीकल वाहन रूका रहा फिर उसे वापस बीना आने के संकेत दिए गए। जिसके बाद कर्मचारियों को पता चला कि रेलवे द्वारा मॉक ड्रिल कराई गई है।

हर 3 से 6 माह के बीच ऐसी तैयारी

हर 3 से 6 माह के बीच डीआरएम समकक्ष अधिकारी आकर मॉक ड्रिल कराते हैं और सतर्कता, सुरक्षा, तत्परता का आंकलन किया जाता है। स्टेशन प्रभारी आरपी लाल ने बताया कि घटना की जानकारी दोपहर 3 बजे मिली थी, दोपहर 3 बजकर 15 मिनट पर मेडीकल वाहन को रवाना किया गया और दोपहर 3 बजकर 40 मिनट पर कैंसिल का संकेत मिला था। तब पता चला कि रेलवे द्वारा मॉक ड्रिल कराया गया है।

भास्कर संवाददाता | बीना

स्टेशन पर शुक्रवार दोपहर अचानक 5 हूटर बजने से रेलवे विभाग के अधिकारी व कर्मचारी सकते में आ गए। हूटर सुनते ही तत्काल स्टेशन पहुंचे और पता चला कि कंजिया एवं महादेवखेड़ी के बीच यात्री ट्रेन एवं ट्रैक्टर-ट्राली में भिड़त हो गई है। इससे लोग हताहत हुए है।

यह सुन प्लेटफार्म पर खड़ा मेडीकल वाहन, ब्रेक डाउन में बैठकर कंजिया की ओर रवाना हो गए। वे महादेव खेड़ी स्टेशन के पास पहुंचे ही थे कि तभी अचानक रूक गए और वापस बीना स्टेशन के लिए आने लगे। तब कर्मचारियों को पता चला कि रेलवे ने मॉक ड्रिल कराकर तत्परता, सतर्कता एवं सुरक्षा का आंकलन किया है।

जानकारी अनुसार शुक्रवार दोपहर 2.58 बजे अचानक 5 हूटर की आवाज सुनकर रेलवे विभाग सकते में आ गया। 5 हूटर बजने के संकेत सुन कर मेडीकल वाहन स्टाफ एवं ब्रेक डाऊन स्टाफ स्टेशन पर पहुंचे और मेडीकल वाहन में बैठकर दोपहर साढ़े 3 बजे कंजिया रेलवे स्टेशन की ओर रवाना हुए। कर्मचारियों को सूचना दी गई कि कंजिया रेलवे फाटक क्रमांक 10 पर एक सवारी ट्रेन और ट्रेक्टर-ट्राली की भिड़ंत हो गई है।जिससे लोग हताहत हुए है। मेडीकल वाहन कुछ दूर चलने के बाद शाम 4 बजे महादेव खेड़ी स्टेशन पर जाकर खड़ी हो गई। करीब 20 मिनट तक मेडीकल वाहन रूका रहा फिर उसे वापस बीना आने के संकेत दिए गए। जिसके बाद कर्मचारियों को पता चला कि रेलवे द्वारा मॉक ड्रिल कराई गई है।

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