Hindi News »Madhya Pradesh »Bistan» बैंक वसूली के डर से 4850 क्विंटल गेहूं समर्थन मूल्य से नीचे व्यापारियों को बेचा

बैंक वसूली के डर से 4850 क्विंटल गेहूं समर्थन मूल्य से नीचे व्यापारियों को बेचा

किसानों को ई-उपार्जन के माध्यम से सरकार समर्थन मूल्य दे रही है लेकिन छह दिनों के बाद भी गेहूं की खरीदी शुरू नहीं हो...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 22, 2018, 02:05 AM IST

किसानों को ई-उपार्जन के माध्यम से सरकार समर्थन मूल्य दे रही है लेकिन छह दिनों के बाद भी गेहूं की खरीदी शुरू नहीं हो पाई है। मार्च एंडिंग में बैंकों के ब्याज का दबाव है। इसके चलते किसान कम भाव में ही व्यापारियोंz को गेहूं बेचने पर विवश हंै। बुधवार को मंडी में किसान ट्रैक्टर और अन्य वाहन से गेहूं लेकर बेचने के लिए पहुंचे।

बुधवार को खरगोन की अनाज मंडी में 4850 क्विंटल गेहूं बिका। 1526 रुपए से लेकर 1776 रुपए का भाव मिला। 90 फीसदी किसानाें को 1600 रुपए से कम का ही भाव दिया गया। समर्थन मूल्य के हिसाब से देखा जाए तो किसानों को एक ही दिन में करीब 19 लाख रुपए का नुकसान उठाना पड़ा। जिले के 65 खरीदी केंद्रों में से 51 अब भी बंद है। केवल 14 केंद्रों में ही खरीदी हो पा रही है।

किसानों को समर्थन मूल्य की खरीदी नहीं होने से अनाज मंडी मंे व्यापारियों का इंतजार करते किसान।

खरगोन से ही भेजेंगे एसएमएस

अब तक किसानों को एसएमएस भोपाल से ही आते थे। लेकिन अब खरीदी की पूरी प्रक्रिया नागरिक आपूर्ति विभाग के जिला कार्यालय से ही होगी। गुरुवार से पोर्टल के बंद होने की समस्या अब ज्यादा नहीं आएगी। किसानों को तुरंत एसएमएस भी मिल जाएगा और खरीदी केंद्रों का साफ्टवेयर में भी जानकारी आसानी से अपडेट हो जाएगी।

पोर्टल के चलते केंद्र बंद पड़े

एक-दो दिन में केंद्रों पर काम में सरलता आएगी। किसानों की समस्याओं का समाधान हो जाएगा। पोर्टल के चलते केंद्र बंद पड़े हैं। जल्द ही चालू हो जाएंगे। - एके कुजूर, जिला अधिकारी खाद्य एवं आपूर्ति विभाग

किसान की जुबानी- ब्याज के डर से 400 रुपए कम में बेच दिया गेहूं

उमरखली और बिस्टान खरीदी केंद्र के प्रभारी 27 मार्च से समर्थन मूल्य में खरीदी शुरू करने की बात किसानों से कह रहे हैं। ग्राम उमरखली के किसान मदनलाल खटोरे ने बताया एसएमएस मिलने के बाद मैं बिस्टान खरीदी केंद्र पर 40 क्विंटल गेहूं लेकर गया। यहां पर 27 मार्च को केंद्र शुरू करने की बात मैनेजर सुभाष चंद्र गुप्ता ने कही। इसके बाद मैं वापस गेहूं लेकर खरगोन मंडी पहुंचा। 27 मार्च तक मुझे एचडीएफसी बैंक का क्रॉप लोन की राशि जमा करानी है। 31 तक छुट्टी आने से मैं, इतने दिन तक नहीं रुक सकता था। इसलिए मजबूरी में 1540 रुपए के भाव गेहूं बेचना पड़ा।

27 को बेचने पर देना होगा ब्याज

सहकारी बैंक को छोड़ अन्य बैंकों से क्रॉप लोन लेने वाले किसान यदि 27 मार्च में फसल बेचते हैं तो, उन्हें समय पर राशि नहीं मिल पाएगी। ग्राम बाड़ी के किसान गोपाल सांगरे ने बताया 27 मार्च से ज्यादातर केंद्र शुरु हो रहे हैं। जबकि हमने स्टेट बैंक से क्रॉप लोन लिया है। 27 मार्च को यदि हम गेहूं बेच भी देते हैं, तो प्रक्रिया के तहत 29 को ही रुपया मिलेगा। इस दिन बैंक में छुट्टी होने से रुपए जमा नहीं कर पाएंगे। ऐसे में 12 से 13 प्रतिशत ब्याज लगेगा।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Bistan

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×