Hindi News »Madhya Pradesh »Bistan» किसान बोले- भावांतर या समर्थन मूल्य हो मक्का खरीदी

किसान बोले- भावांतर या समर्थन मूल्य हो मक्का खरीदी

विकासखंड के विभिन्न गांव के किसानों का रुझान गर्मी के मौसम में मक्का फसल की ओर बढ़ा है। इस साल चने से तीन गुना...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 02:10 AM IST

विकासखंड के विभिन्न गांव के किसानों का रुझान गर्मी के मौसम में मक्का फसल की ओर बढ़ा है। इस साल चने से तीन गुना ज्यादा रकबे में यह फसल लगाई गई है। किसानों के अनुसार गर्मी के मौसम की मक्का फसल बारिश की फसल की तुलना में 2 गुना उत्पादन देती है।

किसान हीरालाल बागुल, दिनेश टेलर बन्हेर आदि ने बताया बारिश के मौसम में बोई मक्का फसल एक एकड़ से 3 से 4 क्विंटल उपज मिलती है। बाजार में इसको बेचने पर 15 से 20 हजार रुपए मिलते हैं। जबकि रबी सीजन में एक एकड़ से 25 से 30 हजार रुपए मूल्य की फसल मिलती है। अभी फसल पर भुट्टे आने लगे है। भगवानपुरा के वरिष्ठ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी केसी बर्वे के मुताबिक बन्हेर, देवला, मांडवखेड़ा, रसगांगली, गारी, गलतार, सामरपाट, पीपलझोपा, मोगरगांव, गढ़ी आदि गांवों के किसानों ने इस सीजन में 6875 हैक्टेयर में मक्का फसल लगाई है। जबकि 2395 हैक्टेयर में चने की बोवनी की गई थी। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी गजेंद्रसिंह सोलंकी ने बताया बीते सालों की बजाए इस समय अधिक तादाद में किसानों ने मक्का की फसल लगाई है। अच्छा उत्पादन होने से रूझान बढ़ा है।

अच्छे उत्पादन से मक्का फसल की ओर बढ़ा रूझान, चने से तीन गुना ज्यादा रकबे में लगाई फसल

भास्कर संवाददाता. बिस्टान

विकासखंड के विभिन्न गांव के किसानों का रुझान गर्मी के मौसम में मक्का फसल की ओर बढ़ा है। इस साल चने से तीन गुना ज्यादा रकबे में यह फसल लगाई गई है। किसानों के अनुसार गर्मी के मौसम की मक्का फसल बारिश की फसल की तुलना में 2 गुना उत्पादन देती है।

किसान हीरालाल बागुल, दिनेश टेलर बन्हेर आदि ने बताया बारिश के मौसम में बोई मक्का फसल एक एकड़ से 3 से 4 क्विंटल उपज मिलती है। बाजार में इसको बेचने पर 15 से 20 हजार रुपए मिलते हैं। जबकि रबी सीजन में एक एकड़ से 25 से 30 हजार रुपए मूल्य की फसल मिलती है। अभी फसल पर भुट्टे आने लगे है। भगवानपुरा के वरिष्ठ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी केसी बर्वे के मुताबिक बन्हेर, देवला, मांडवखेड़ा, रसगांगली, गारी, गलतार, सामरपाट, पीपलझोपा, मोगरगांव, गढ़ी आदि गांवों के किसानों ने इस सीजन में 6875 हैक्टेयर में मक्का फसल लगाई है। जबकि 2395 हैक्टेयर में चने की बोवनी की गई थी। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी गजेंद्रसिंह सोलंकी ने बताया बीते सालों की बजाए इस समय अधिक तादाद में किसानों ने मक्का की फसल लगाई है। अच्छा उत्पादन होने से रूझान बढ़ा है।

रबी सीजन में लगाई मक्का पर भुट्‌टे आ रहे हैं।

सरकार शुरू करें खरीदी केंद्र

भारतीय किसान संघ ब्लॉक मंत्री संजय मराठे ने कहा गर्मी के सीजन की मक्का फसल अप्रैल में निकलेगी। किसानों को उचित मूल्य देने के लिए सरकार हर साल की तरह समर्थन मूल्य या भावांतर योजना में खरीदने के लिए केंद्र शुरू करें। इसके अभाव में किसानों को खुले बाजार में कम दाम पर उपज बेचना पड़ेगी।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Bistan

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×