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पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा दानाकुंड क्षेत्र, 5 लाख रु. स्वीकृत

Bistan News - जिला मुख्यालय से 50 किमी दूर सतपुड़ा अंचल की सुरम्य वादियों में स्थित दानाकुंड क्षेत्र को वन विभाग पर्यटन स्थल के...

Dainik Bhaskar

Feb 05, 2018, 02:20 AM IST
पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा दानाकुंड क्षेत्र, 5 लाख रु. स्वीकृत
जिला मुख्यालय से 50 किमी दूर सतपुड़ा अंचल की सुरम्य वादियों में स्थित दानाकुंड क्षेत्र को वन विभाग पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करेगा। हरियाली से आच्छादित इस क्षेत्र में 100 फीट से अधिक ऊंचाई से झरना गिरता है। इसको लेकर 5 लाख रुपए की स्वीकृति मिल चुकी है।

वन अफसरों के अनुसार बारिश के पहले यहां जरूरी सुविधाएं जुटा ली जाएगी। पर्यटन स्पॉट विकसित होने से भगवानपुरा क्षेत्र भी पर्यटन के नक्शे पर उभर सकेगा। वन परिक्षेत्र अंतर्गत उपवन क्षेत्र राय सागर के दानाकुंड में वन अमला दो छतरी के साथ दो लैटबाथ बनाएगा। एक छतरी झरने के पास व दूसरी नीचे रहेगी। सीमेंट कांक्रीट का स्ट्रक्चर तैयार करवाकर छतरी में बैठने के लिए चबूतरा व कुर्सियों की व्यवस्था भी की जाएगी। यहां पहुंचने के रास्ते को भी सुगम बनाया जा रहा है। विभाग के अफसरों के मुताबिक इस काम की स्वीकृति हो चुकी है। झरने के गिरने वाले स्थान पर जालीनुमा बेरिकेड्स लगाए जाएंगे ताकि पर्यटक इसे आसानी व सुरक्षित रूप से देख सके। मुख्य मार्ग से झरने की 1 किलोमीटर की दूरी के रास्ते को विभाग के कर्मचारी व्यवस्थित बनाने का कार्य जल्दी शुरू करने जा रहे हैं।

दानाकुंड का झरना, जिसे पर्यटन स्पॉट के रूप में विकसित किया जाएगा।

जल्द शुरू होगा काम


वॉचमैन भी रहेगा तैनात

विभागीय अफसरों ने बताया यहां पर्यटक अपनी फैमिली के साथ पहुंचकर भोजन, पानी के साथ सुकून के पल व्यतीत कर सकेंगे। पिकनिक स्पॉट की सुरक्षा व निगरानी के लिए एक वॉचमैन को भी तैनात किया जाएगा। इसके कक्ष का निर्माण भी किया जा रहा है। पिकनिक स्पॉट स्थल तक मटेरियल ले जाने में परेशानी हो सकती है। डिप्टी रेंजर राजू कटारे ने बताया कक्ष क्रमांक 610 वह 611 में स्पॉट निर्माण किया जाना है। इस स्थान के आसपास सुगम रास्ता नहीं होने के बाद भी कोशिश है कि बारिश के पहले इस काम को पूरा कर लिया जाए।

सिरवेल में बने रेस्टोरेंट व विश्राम गृह

पहाड़ी क्षेत्र में बसे सिरवेल को भी पर्यटन के रूप में विकसित किया जा सकता है। लोगों ने कहा यहां रेस्टोरेंट व विश्राम गृह की सुविधा उपलब्ध कराई जाना चाहिए ताकि पर्यटकों व श्रद्धालुओं को सुविधा हो सके। यहां स्थित महादेव मंदिर के दर्शन के लिए वर्षभर खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, बड़वानी, इंदौर आदि स्थानों सहित महाराष्ट्र से श्रद्धालु पहुंचते है। रेस्टोरेंट व विश्राम गृह बनने से रहने व खाने की सुविधा मिल सकेगी।

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