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पौष माह में परिक्रमा कल्याणकारी 30 दिन में 540 किमी यात्रा की

सिंगाजी ध्वज यात्रा की अगवानी की, मोहन महाराज ने महत्व बताया भास्कर संवाददाता | बिस्टान सिंगाजी के निशान व...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jan 09, 2018, 02:20 AM IST

सिंगाजी ध्वज यात्रा की अगवानी की, मोहन महाराज ने महत्व बताया

भास्कर संवाददाता | बिस्टान

सिंगाजी के निशान व ध्वज लेकर एक माह पहले खजूरी से निकली यात्रा सिंगाजी से लौटकर 30वें दिन बिस्टान पहुंची। यात्रा की मोहन महाराज (78) गुलझरा अगवाई कर रहे हैं। उनके मुताबिक संत सिंगाजी ने कहा है कि गुरु के कहने पर पौष माह में की गई यात्रा कल्याणकारी होकर मोक्ष दिलाती है। इसलिए 13 साल से सिंगाजी के जन्मस्थल खजूरी से सिंगाजी के समाधिस्थल तक की यात्रा निकल रही है।

3 साल से यात्रा से तेजी से अनुयायी जुड़ रहे हैं। यहां भीकाजी सुरेकर व फत्तुजी सिंधिया ने पदयात्रियों को स्वल्पाहार कराया। निशान पूजन किया। देशी घी की ज्योत जलाई। हीरालाल बागुल, रेवाराम राठौड़ आदि ने अगवानी की। सोमवार को भगवानपुरा के लिए पदयात्रा को विदाई दी। यात्रा 9 दिसंबर को 30 लोगों के साथ खजूरी से शुरू हुई। अभी तक 30 दिन में 540 किमी की पदयात्रा हो चुकी है। 36 दिन में यात्रा का खजूरी में समापन होगा। 30वां विश्राम बिस्टान में हुआ। मोहन महाराज के मुताबिक 13 साल से सिंगाजी की परिक्रमा कर रहे हैं। अगला विश्राम भगवानपुरा में होगा। खजूरी में निशान चढ़ाएंगे। भंडारा भी होगा।

ध्वज निशान की जानकारी देते मोहन महाराज।

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