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पिछले साल स्कूलों में 31 हजार विधार्थी थे इस साल 2 हजार से ज्यादा हो गए कम

आदिवासी बहुल विकासखंड भगवानपुरा में सोमवार से नया शिक्षा सत्र शुरू हुआ। इस साल सरकारी स्कूलों में 2000 से ज्यादा...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 04, 2018, 03:30 AM IST

पिछले साल स्कूलों में 31 हजार विधार्थी थे इस साल 2 हजार से ज्यादा हो गए कम
आदिवासी बहुल विकासखंड भगवानपुरा में सोमवार से नया शिक्षा सत्र शुरू हुआ। इस साल सरकारी स्कूलों में 2000 से ज्यादा विद्यार्थियों की कमी आई। पिछले साल क्षेत्र के 538 माध्यमिक व प्राथमिक विद्यालय में 31 हजार विद्यार्थी दर्ज थे। जबकि इस साल यह संख्या घटकर 29 हजार पर रह गई है। बीआरसी ने जनशिक्षकों की बैठक लेकर उन्हें बच्चों को प्रवेश दिलाने व लक्ष्य पूरा करने की हिदायत दी। नया सत्र की शुरुआत जयफूल लर्निंग कार्यक्रम से हुई। अफसरों ने शिक्षकों को खेल-खेल में विशेष गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में शिक्षा का संचार करने के लिए कहा। बीआरसी प्रभात परमार्थी ने बताया बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए पालकों से संपर्क किया जाएगा। 7 से 13 अप्रैल तक 538 विद्यालयों में पालक-शिक्षक संघ सम्मेलन होंगे। इसमें नवीन सत्र का शैक्षणिक कैलेंडर बनाया जाएगा। विकासखंड की 440 प्राथमिक व 98 माध्यमिक विद्यालयों में बच्चों, पालकों व शिक्षकों का समन्वय बनाकर विभिन्न गतिविधियों का कैलेंडर तैयार करेंगे। इसके अनुसार सालभर शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन होगा।

बीआरसी परमार्थी ने बताया बुधवार को सिरवेल में साइकिल वितरण कार्यक्रम होगा। राज्य मंत्री बालकृष्ण पाटीदार विद्यार्थियों को साइकिल बांटेंगे। साथ ही शासकीय हाईस्कूल नांदिया के नवीन भवन का लोकार्पण भी होगा।

बीआरसी ने बच्चों को सहपाठियों को साथ स्कूल लाने के लिए कहा।

इधर, सरकार तय करें प्राइवेट शिक्षकों का वेतन

कसरावद | निजी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों ने आर्थिक हितों के संरक्षण को लेकर मंगलवार को रैली निकाली। विश्वास जिनिंग परिसर से दोपहर 12 बजे निकली रैली में प्राइवेट शिक्षक अधिकारों की मांग करते हुए जय स्तंभ चौराहा, शिवाजी बाजार से होकर तहसील कार्यालय पहुंचे। यहां एसडीएम कार्यालय में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के नाम ज्ञापन सौंपा। शिक्षक-शिक्षिकाओं ने कहा नए आदेश के तहत प्राइवेट शिक्षकों को प्रशिक्षित होना अनिवार्य कर दिया है। वे बीएड-डीएड की डिग्री लेकर हर साल बेहतर परिणाम देकर बच्चों का भविष्य संवारा जा रहा है। इसके बाद भी स्कूल संचालक कम वेतन देकर आर्थिक शोषण कर रही है। शिक्षकों का वेतन शासन द्वारा निर्धारित किया जाए। महंगाई बढ़ने से कम वेतन में परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं है। कई योग्य लोग सरकारी स्कूलों में भर्ती के कई अवसर गवां चुके हैं। कई लोगों की उम्र अधिक हो चुकी है। वे चाहकर भी सरकारी शिक्षक नहीं बन सकते। मजबूरी में कम वेतन पर निजी स्कूलों में सेवाएं देकर जीवन निर्वाहन करने को मजबूर है। शिक्षक विजय पटेल, कुशल सोनी, मनोहर खोड़े, दिनेश पाटीदार, राकेश पटेल, रवि कानुड़े, रेखा पाटीदार, अभिषेक शुक्ला, ज्योति यादव, अंजली अकोले आदि मौजूद थे।

निजी स्कूलों के शिक्षकों ने रैली निकाली।

कसरावद | निजी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों ने आर्थिक हितों के संरक्षण को लेकर मंगलवार को रैली निकाली। विश्वास जिनिंग परिसर से दोपहर 12 बजे निकली रैली में प्राइवेट शिक्षक अधिकारों की मांग करते हुए जय स्तंभ चौराहा, शिवाजी बाजार से होकर तहसील कार्यालय पहुंचे। यहां एसडीएम कार्यालय में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के नाम ज्ञापन सौंपा। शिक्षक-शिक्षिकाओं ने कहा नए आदेश के तहत प्राइवेट शिक्षकों को प्रशिक्षित होना अनिवार्य कर दिया है। वे बीएड-डीएड की डिग्री लेकर हर साल बेहतर परिणाम देकर बच्चों का भविष्य संवारा जा रहा है। इसके बाद भी स्कूल संचालक कम वेतन देकर आर्थिक शोषण कर रही है। शिक्षकों का वेतन शासन द्वारा निर्धारित किया जाए। महंगाई बढ़ने से कम वेतन में परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं है। कई योग्य लोग सरकारी स्कूलों में भर्ती के कई अवसर गवां चुके हैं। कई लोगों की उम्र अधिक हो चुकी है। वे चाहकर भी सरकारी शिक्षक नहीं बन सकते। मजबूरी में कम वेतन पर निजी स्कूलों में सेवाएं देकर जीवन निर्वाहन करने को मजबूर है। शिक्षक विजय पटेल, कुशल सोनी, मनोहर खोड़े, दिनेश पाटीदार, राकेश पटेल, रवि कानुड़े, रेखा पाटीदार, अभिषेक शुक्ला, ज्योति यादव, अंजली अकोले आदि मौजूद थे।

प्रेम के धागों से समाज को बांधते हैं साधु

भागवत कथा का समापन, साध्वी ऋतंभरा ने कहा मां-बाप की सेवा करो

भास्कर संवाददाता | महेश्वर

मंडलेश्वर रोड पर श्रीमद् भागवत कथा का मंगलवार को समापन हुआ। अंतिम दिन साध्वी ऋतंभरा ने कहा स्वभाव मनुष्य के हमेशा साथ रहता है। स्वभाव साधु जैसा रखना चाहिए। प्रभाव व स्वभाव का ध्यान रखो। सत्संग का प्रभाव जब स्वभाव बन जाएगा उस दिन हम धन्य हो जाएंगे। राजनीति ने भारत की आत्मा को घायल कर दिया है। राजनीति कैंची की तरह समाज का कपड़ा काटती है तो साधु प्रेम के धागों से समाज को एकरूप में बांधते हैं। भेदभाव से भारत को मुक्त करो। उन्होंने कहा ब्राह्मण वह होता है जिसके चित्त में संतोष होता है। जन्म-जन्म के पुण्योदय से ईश्वर के दर्शन होते हैं। मां-बाप की सेवा करो। जहां सद्भावना होती है वहां समृद्धि बरसती है। इसलिए समृद्धि व सफलता एक साथ परिक्रमा करती है। कथा के दौरान श्रीकृष्ण-सुदामा मिलन का प्रसंग सुनाया।

कथा समापन पर आरती के बाद साध्वी ऋतंभरा ने कथा आयोजन से जुड़े यजमानों, सेवादारों व मीडियाकर्मियों का व्यासपीठ से भगवा दुपट्टा डालकर सम्मान किया। विधायक राजकुमार मेव, मुख्य यजमान जमनादास सराफ, नवनीतदास सराफ, महेश पाटीदार, दामोदर महाजन, द्वारकादास महाजन, राजा दादू, विक्रम केवट, विक्रम पटेल, जितेंद्र केवट, मनोज पाटीदार, बख्शीराम यादव, राजेंद्र यादव, मंडलेश्वर नप अध्यक्ष प्रतिनिधि मनोज शर्मा, संदीप पाटीदार, रोहित जोशी, सिंधु जोशी, मनीषा शास्त्री आदि मौजूद थे।

आधी साइकिलें तैयार, आज से बंटेगी

कसरावद | विकासखंड में विद्यार्थियों को बांटने के लिए मुख्यालय पर 2356 साइकिलों के पार्टस आए। शासकीय अस्पताल के सामने शासकीय मावि परिसर में एक माह से साइकिलें तैयार की जा रही है। अब तक 1100 साइकिलें तैयार हो चुकी है। 15 अप्रैल तक इनका वितरण किया जाएगा। बीईओ अनिल शर्मा ने बताया भोपाल से वेरिफिकेशन के बाद बुधवार से साइकिल वितरण का काम शुरू किया जाएगा। इधर परिसर से तीन बार पार्ट्स चोरी जा चुके है। लेकिन मामला बड़ा नहीं होने से पुलिस को शिकायत नहीं की गई।

कथा समापन पर साध्वी ऋतंभरा ने आरती की।

यह भी रखी मांगें

अतिथि शिक्षकों को संविदा शिक्षक भर्ती में अतिरिक्त अंक देने की घोषणा में निजी स्कूल के शिक्षकों को भी शामिल करें

अतिथि शिक्षकों के लिए बिना आधार के 25 फीसद पद आरक्षित करने की घोषणा पर पुनर्विचार करें

बीएड डिग्री धारी को निम्न श्रेणी शिक्षक वर्ग 3 में शामिल किया जाए

डीएलएड डिग्री धारी को संविदा शिक्षक भर्ती में समान अवसर दिया जाए

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