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जिले के पोषण पुनर्वास केंद्र खाली, 400 कुपोषित बच्चों काे इलाज नहीं

जिले में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी और न्यू बहुउद्देश्यीय कार्यकर्ताओं की अनिश्चतकालीन हड़ताल के कारण सेवाएं...

Dainik Bhaskar

Mar 17, 2018, 05:00 AM IST
जिले के पोषण पुनर्वास केंद्र खाली, 400 कुपोषित बच्चों काे इलाज नहीं
जिले में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी और न्यू बहुउद्देश्यीय कार्यकर्ताओं की अनिश्चतकालीन हड़ताल के कारण सेवाएं बेहाल हो गई हैं। जिले के नौ पोषण पुनर्वास केंद्र में 400 से ज्यादा बच्चों का इलाज नहीं हो पाया है। जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र में 26 दिन में केवल दो बच्चे भर्ती हुए। कई डिलेवरी पाइंटों पर सेवाएं ठप हो गई है।

कर्मचारियों की अनिश्चतकालीन हड़ताल का सबसे ज्यादा कुपोषित बच्चे और गर्भवती महिलाओं को हो रहा है। जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र में आंगनवाड़ी से कुपोषित बच्चे नहीं भेजे जा रहे हैं। केंद्र में एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई है। गंभीर कोई बच्चा आए भी तो उसे शिशु वार्ड में भर्ती किया जा रहा है। जिले के नौ पोषण पुनर्वास केंद्रों में हर माह 450 से ज्यादा बच्चे भर्ती होते हैं। टीबी मरीजों को दवाइयां नहीं ं मिल रही है। बाल सुरक्षा अभियान में रोजाना दो से 19 साल के बच्चों की जांच नही हो रही है।

नियमित कर्मचारी कर रहे हैं काम

सीएमएचओ डॉ. संजय भट्‌ट ने बताया हमने जानकारी भोपाल भेजी है। कुछ जगह परेशानी हो रही है। नियमित कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं।

एक माह बढ़ाया महिला स्वास्थ्य एक माह देर से

जिले में 8 मार्च महिला दिवस से महिला स्वास्थ्य शिविर शुरू हो जाते हैं, लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल के कारण माइक्रो प्लान भी नहीं बनाया है। अब एक माह देरी से अप्रैल में शिविर होंगे। इसके अलावा टीकाकरण प्रभावित हो रहा है। गर्भवती महिलाओं की जांच, परिवार कल्याण, राष्ट्रीय कार्यक्रम, मलेरिया जांच भी नहीं हो पा रही है।

आज मानव शृंखला बनाकर करेंगे विरोध, कल संयुक्त मोर्चा अनिश्चतकालीन हड़ताल पर

डिलेवरी पाइंट प्रभावित, जिला अस्पताल में भीड़

जिलेभर में 41 डिलेवरी पाइंटों पर सेवाएं प्रभावित हो रही है। इसमें डोंगरचिचली व केली में सेवाएं नहीं मिल रही है। बिस्टान, मांडवखेड़ा सहित 30 से ज्यादा जगह बुरी तरह सेवाएं प्रभावित है। इसके चलते जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की भीड़ हो रही है। यहां रोजाना 80 से ज्यादा महिलाएं भर्ती हो रही है।

जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र के सारे पलंग खाली हैं।

संविदा व न्यू बहुउद्देश्यीय कार्यकर्ता संगठन शनिवार को मानव शृंखला बनाकर विरोध करेंगे। उधर, सोमवार से संयुक्त कर्मचारी संगठन भी अनिश्चतकालीन हड़ताल करेगा। विभिन्न संगठन के 1400 कर्मचारी काम नहीं करेंगे।

कुपोषण बढ़ेगा

जिले में 50 हजार से ज्यादा कुपोषित बच्चे हैं। विशेषज्ञों की माने तो 26 दिन से कुपोषित बच्चों को पोषण आहार नहीं मिल रहा है। साथ ही भर्ती बच्चों को फॉलोअप भी नहीं किया जा रहा है। इससे औसतन 100 से ज्यादा बच्चों की स्थिति बिगड़ सकती है। संजय नगर की चार माह की सोफिया मुबारिक को निजी अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। लक्ष्मी नगर की सरिना सारिका राकेश (3) धीरज दीपमाला राधेश्याम (4) का इलाज नहीं हो पा रहा है।

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