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बिना टेस्टिंग बिछा दिए 1 किलोमीटर तक पाइप, लीकेज मिला तो फिर खोदने पड़ेंगे

124 करोड़ रुपए की महती जल आवर्धन योजना के निर्माण के शुरुआती दौर में लापरवाही सामने आ रही है। इसका खामियाजा...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jan 13, 2018, 06:20 AM IST

124 करोड़ रुपए की महती जल आवर्धन योजना के निर्माण के शुरुआती दौर में लापरवाही सामने आ रही है। इसका खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ सकता है। निर्माण में लगी एजेंसी बिना टेस्टिंग के पाइपलाइन बिछा रही है। एक किलोमीटर लंबाई तक पाइप बिछा दिए। टेस्टिंग होना बाकी है।

नियमानुसार पाइप लाइन बिछाने के साथ ही टेस्टिंग भी होना चाहिए। इससे लीकेज व अन्य तकनीकी समस्याओं के सामने आने पर तत्काल सुधार किया जा सकता है। कंपनी नपा क्षेत्र, गायत्री मंदिर तिराहा, बिस्टान रोड, रहीमपुरा क्षेत्र के करीब 1 किमी के हिस्से में खुदाई कर पाइपलाइन बिछा दी गई है लेकिन टेस्टिंग कही भी नहीं की है। इसे मिट्‌टी डालकर पैक भी कर दिया गया। कंपनी को इसपर सड़क निर्माण कराना है। लीकेज में कीचड़ से परेशानी आ सकती है। सीएमओ निशिकांत शुक्ला का कहना है बिना टेस्टिंग आगे खुदाई नहीं करने देंगे।

बिना बेस के चल रहा काम, लाइन बिछाने के दौरान कॉम्पेक्शन की प्रक्रिया भी नहीं अपनाई

पर्याप्त आधार की व्यवस्था की गई और न ही उसके ऊपर मिट्‌टी रेत का आधार बनाने का काम किया गया। लाइन बिछाने के दौरान कॉम्पेक्शन की प्रक्रिया भी नहीं अपनाई जा रही है। नियमानुसार पाइप लाइन बिछाने के बाद उसका आधार बनाया जाना चाहिए। इससे जमीन के नीचे मिट्‌टी फूलने या फिर खिसकने की स्थिति में लाइन प्रभावित नहीं होगी।

डिजाइन नहीं मिली, 10 दिन लग सकते हैं

अगले चरण की डिजाइन नहीं मिलने से काम 5 दिन से काम भी बंद हो गया है। अागे का काम डिजाइन मिलने के बाद दोबारा शुरू हो पाएगा। इसमें 8-10 दिन लग सकते हैं। इसके अलावा फिलहाल समस्या यह है कि टेस्टिंग के दौरान लीकेज या तकनीकी परेशानी सामने आई तो फिर सड़क को दोबारा खोदकर सुधारना पड़ेगा। लोगों को अभी गड्‌ढों से गुजरना पड़ रहा है।

टेस्टिंग होगी, दोबारा नहीं होगी खुदाई

जानकारी के मुताबिक नपा अफसरों ने कंपनी से अपनी चिंताएं जताई है, जिसके बाद काम रोक दिया है। अब नए सिरे से खुदाई कर पाइपलाइन बिछाई जाएगी। टेस्टिंग भी चलेगी। जलकार्य प्रभारी सरजू सांगले ने बताया प्रेशर टेस्टिंग या फिर कोई अन्य प्रक्रिया अपनाई जाएगी। टेस्टिंग भी साथ होगी। इससे लीकेज या फिर प्रेशर में कमी मिलने पर तत्काल सुधार होगा। दोबारा खुदाई नहीं करनी पड़ेगी।

कंपनी को बनाना है सड़क

योजना के प्रावधानों के तहत खुदाई के बाद कंपनी को ही सड़क बनानी है। इसमें 2-3 करोड़ रुपए खर्च होने का शुरुआती अनुमान लगाया गया है। कुल 250 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जानी है।

अब करेंगे टेस्टिंग

नेटवर्किंग डिजाइन नहीं मिलने से खुदाई का काम बंद है लेकिन उम्मीद है 8-10 दिन में डिजाइन अप्रूव हो जाएगी और काम शुरू होगा। 1 किमी का हिस्सा पूरा होते ही टेस्टिंग होगी। कोई लापरवाही नहीं हो रही है। - नागेंद्र त्रिपाठी, प्रोजेक्ट मैनेजर, जलआवर्धन योजना

काम नियमानुसार ही काम हो रहा है। क्लस्टर के हिसाब से टेस्टिंग होगी। पहला क्लस्टर पूरा होने को है। टेस्टिंग के बाद ही एजेंसी सड़क बनाएगी। काम नहीं रूका है, पानी की टंकी का काम जारी है। - निशिकांत शुक्ला, सीएमओ खरगोन नपा

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