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मांदल की थाप पर झूमे आदिवासी, भरी कुर्राट

भास्कर संवाददाता | भग्यापुर आदिवासी समुदाय के लोकपर्व भोंगर्या का तीसरा हाट रविवार को यहां लगा। हाट में सुबह...

Danik Bhaskar | Feb 26, 2018, 06:35 AM IST
भास्कर संवाददाता | भग्यापुर

आदिवासी समुदाय के लोकपर्व भोंगर्या का तीसरा हाट रविवार को यहां लगा। हाट में सुबह लोग कम संख्या में पहुंचे। दोपहर 2 बजे बाद भीड़ बढ़ी। हाट में स्कूल चौक में दो बड़े झूले व एक फोटो स्टूडियो ही पहुंचा।

महिलाओं ने मीठी सेव, जलेबी, हार-कंकण, खजूर, भजिए आदि खाद्य सामग्री खरीदी। लेकिन अन्य सामग्री का व्यापार कमजोर रहा। व्यापारियों के अनुसार तीसरा हाट होने से अच्छे व्यापार की उम्मीद थी, लेकिन ग्राहकी कम रही। व्यापारी राहुल गुप्ता, राजेश मालवीया, शंकर मालवीया व रविंद्र मालवीया ने कहा लोगों ने जरूरत के मुताबिक ही खरीदी की। दोपहर 3 बजे दो मांदल पर आदिवासी समुदाय के लोग कुर्राटे भरते हुए झूमे। एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर पर्व की बधाई दी। शाम 6 बजे गुलाल उड़ाते हुए ग्रामीण अपने गांवों को लौटे। हाट में पंचायत ने पेयजल व्यवस्था के लिए दो टैंकर खड़े करवाए। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से भगवानपुरा टीआई जीएस सेमलिया बल के साथ मौजूद रहे। हाट में शराब पर पूरी तरह प्रतिबंध रहा।

छात्रा रेखा मंडलोई, नंदनी बड़ोले, राकेश चौहान व मदन बड़ोले ने बताया समय के साथ समाज के पहनावे में बदलाव आ रहा है। लुंगी व कुर्ते की जगह अब जींस-शर्ट ने ली। वहीं महिलाएं नाटी की जगह साड़ी पहनने लगी है।

आज बिस्टान में लगेगा हाट

सोमवार को इस साल का चौथा भोंगर्या हाट बिस्टान व करानिया में लगेगा। बिस्टान से कई गांव जुड़े होने से व्यापारियों को यहां अच्छे व्यापार की उम्मीद है। हाट स्थल के साथ अनकवाड़ी क्षेत्र में झूले लग चुके हैं।

दोपहर बाद भीड़ उमड़ी, लेकिन ग्राहकी कम होने से व्यापारी निराश

मांदल की थाप पर आदिवासी समाजजन थिरके।

...इधर, सतवाड़ा में अच्छा रहा व्यापार

बमनाला |
सतवाड़ा में रविवार को भोंगर्या हाट का आयोजन हुआ। आसपास के ग्रामीण सज-धजकर बड़ी संख्या में पहुंचे। खाद्य सहित अन्य सामग्री खरीदी और झूलों का आनंद लिया। बच्चों ने कुल्फी-आइस्क्रीम का लुत्फ उठाया। बांसुरी की धुन पर समाजजन नाचते-गाते रहे। व्यापारियों के अनुसार खान-पान की वस्तुओं की अच्छी बिक्री हुई। गुरुवार को बमनाला में भोंगर्या हाट का आयोजन होगा।