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निपाह वायरस के संक्रमण से बचने के लिए अलर्ट जारी, चमगादड़ वाले क्षेत्र होंगे चिन्हित

जिला अस्पताल सहित ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में निपाह की जानकारी भेजी भास्कर संवाददाता | खरगोन केरल के...

Danik Bhaskar | May 25, 2018, 02:20 AM IST
जिला अस्पताल सहित ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में निपाह की जानकारी भेजी

भास्कर संवाददाता | खरगोन

केरल के कोझीकोड़ में निपाह वायरस के संक्रमण से बीमार हुए एक दर्जन से ज्यादा मरीजों की मौत के बाद प्रदेश में स्वास्थ्य अमला सतर्क हो गया है। स्वास्थ्य संचालनालय ने निपाह वायरस के संक्रमण के खतरों के बारे में सीएमएचओ कार्यालय को पत्र लिखा।

जिला अस्पताल से लेकर छोटे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले मरीजों के लक्षणों के हिसाब से उनकी बेहतर मॉनीटरिंग और संदिग्ध मरीजों के ब्लड की बारीकी से जांच करवाने को कहा है। सीएमएचओ डॉ. आरके नीमा ने शहर में चमगादड़ों की अधिकता वाले स्थानों को चिंहित कर बचाव उपाय करने के निर्देश दिए।


चमगादड़

ऐसे फैल सकता है निपाह

चमगादड़ पेड़ो के फल खाता है।

सुअर के संपर्क में अाने से ये निपाह मनुष्यों में आता है

लक्षण... सांस लेने में दिक्कत- इस वायरस से शख्स को सांस लेने की दिक्कत होती है। दिमाग में जलन महसूस होती है। तेज बुखार आता है।

सावधानी.. ऐसे पेड़ों के फल न खाएं- उस पेड़ के फल न खाएं जिन पर चमगादड़ बैठती हों। बीमार सुअर, घोड़ों से दूरी बनाए रखनी चाहिए।

इस पेड़ से गिरा फल यदि सुअर खाता है ।

चमगादड़ का झूठा फल खाने पर मनुष्य में आ सकता है संक्रमण

निपाह संक्रमित चमगादड़ यदि घोड़ों के संपर्क में आए।

यहां हैं चमगादड़- औरंगपुरा, संजय नगर, विश्वसखा कॉलोनी, राजनगर, गांधीनगर, कुंदानगर में सुअर है। औरंगपुरा, कुंदा तट, मोतीपुरा, बावड़ी क्षेत्र, बिस्टान नाका, डाबरिया रोड क्षेत्र सहित 30 से ज्यादा जगह में पेड़ों पर चमगादड़ मौजूद है। सबसे ज्यादा बरगद के पेड़ पर चमगादड़ मिलते हैं।

संक्रमित घोड़े के संपर्क से वायरस इंसानों में आता है