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खेत व चौपाल में पहुंचे ग्रामसेवक, अवशेष न जलाने के बताए फायदे

जुताई से मिट्टी में मिलाएंगे नरवाई, पोषक तत्व बचाएंगे बन्हेर के खेत में ग्रामसेवक राजेंद्र ठक्कर ने दी...

Danik Bhaskar | Apr 23, 2018, 05:10 AM IST
जुताई से मिट्टी में मिलाएंगे नरवाई, पोषक तत्व बचाएंगे

बन्हेर के खेत में ग्रामसेवक राजेंद्र ठक्कर ने दी समझाइश।

भगवानपुरा तहसील के बन्हेर में लक्ष्मीनारायण सूर्यकर के खेत पर ग्रामसेवक राजेंद्र ठक्कर ने किसानों को एकत्रित किया। यहां संजय मराठे बिस्टान, शंकर जाधव दामखेड़ा, चुन्नीलाल पटेल बन्हेर, नत्थू रावत, छन्नू चौहान जमा हुए। उन्होंने किसानों को बताया कि खेत की गहरी जुताई करने से नरवाई मिट्‌टी में मिलाई जा सकती है। दो इंच बारिश के बाद बक्खर चला सकते हैं। बोवनी के बाद फसल में डोरा भी चला सकते हैं। किसानों ने दो हजार रुपए हेक्टेयर खर्च होना बताया। उन्होंने बताया हर साल 3500 रुपए के पोषक तत्व के साथ बेशकीमती जीवांश व मित्र कीट नष्ट हो जाते हैं। उर्वरा शक्ति के साथ अंकुरण घटता जा रहा है।

किसान बोले- अवशेष जलाने वालों को बताएंगे नुकसान

कसरावद तहसील के मोगावां में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी युगलकिशोर कुशवाह ने चौपाल लगाई। उन्होंने किसानों को बताया कि अवशेष जलाने पर जीवांश व किसान मित्र केंचुआ आदि मर जाते हैं। उन्हें मिट्‌टी में मिला दिए जाए तो कार्बनिक जीवांश तैयार होकर उर्वराशक्ति बढ़ाएंगे। यदि कोई किसान ऐसा करते हैं तो उन्हें रोकें। चौपाल पर किसान मित्र इंद्रजीत सिसौदिया, मुकेश पटेल, परमानंद पाटीदार, वीरेंद्र पटेल, रमेश पटेल, रामलाल, प्रताप पटेल, आदि किसान थे। सभी किसानों ने संकल्प लिया कि कोई भी फसलों के अवशेष नहीं जलाएंगे।

चौपाल में समझाते ग्रामसेवक कुशवाह।