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75 पैसे प्रति गड्‌डी बढ़ी तो तेंदूपत्ता संग्रहण लक्ष्य पूरा

वनक्षेत्र में तेंदूपत्ता संग्रहण का काम जारी है। इस साल प्रति मानक बोरा की दरें बढ़ाने से 44 डिग्री तापमान के बावजूद...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 24, 2018, 01:50 PM IST

75 पैसे प्रति गड्‌डी बढ़ी तो तेंदूपत्ता संग्रहण लक्ष्य पूरा
वनक्षेत्र में तेंदूपत्ता संग्रहण का काम जारी है। इस साल प्रति मानक बोरा की दरें बढ़ाने से 44 डिग्री तापमान के बावजूद संग्रहण का लक्ष्य हासिल हो चुका है। वन विभाग अब संग्राहकों को शिविर लगाकर 2016 के बोनस के साथ चप्पल, साड़ी व पानी की बोतल देगा। बीड़ी बनाने में उपयोगी तेंदूपत्ता संग्रहण करने वालों को पहले एक गड्‌डी के एक रुपए 25 पैसे मिलते थे। इस साल दर बढ़ाकर 2 रुपए कर दी गई। दर बढ़ने से तेंदूपत्ता संग्राहकों ने उत्साह दिखाया और पिछले सालों से अधिक तेंदूपत्ता संग्रहण किया। स्थानीय वन समिति में सिरवेल, कसरावद, टांडा बरुड़, खरगोन व बिस्टान रेंज शामिल है। पिछले दिनों अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक इंदौर सतीश सिलावट, मंडलाधिकारी एमएस सिसौदिया व उपमंडल बिस्टान के एसडीओ एके सोलंकी ने क्षेत्र की फड़ पर पहुंचकर निरीक्षण किया। कम्प्यूटर डाटा ऑपरेटर अखिलेश जोशी ने बताया 2100 मानक बोरा का लक्ष्य है। एक मानक बोरे में एक हजार गड्डी व एक गड्डी में 50 पत्ते होते हैं। वर्ष 2016 में 1565 व वर्ष 17 में 1022 मानक बोरा ही संग्रहण हो सका था। इस सीजन में लक्ष्य 2100 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण हो चुका है।

अधिकारियों ने संग्रहित तेंदुपत्ता की गडि्डयां देखी।

21 लाख 72 हजार रुपए बोनस बंटेगा

तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाली महिलाओं को वन विभाग एक जोड़ी चप्पल, एक साड़ी व एक पानी की बोतल और पुरुष को एक जोड़ी जूते व एक पानी की बोतल देगा। वनोपज संघ समिति बिस्टान के नोडल अधिकारी व रेंजर शंकरलाल मंडलोई ने बताया वर्ष 2016 को 21 लाख 72 हजार रुपए से अधिक बोनस व संग्रहण करने वाले महिला-पुरुषों को चप्पल, जूते व पानी की बोतलें शिविर लगाकर बांटी जाएगी।

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