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उपज का कैश भुगतान नहीं मिला तो किसानों ने बंद किया मंडी का गेट, खरीदी प्रभावित

वित्त वर्ष के अंतिम माह मार्च के चलते एक तरफ बैंकों से व्यापारियों को कैश नहीं मिल रहा है। वहीं दूसरी तरफ किसान उपज...

Dainik Bhaskar

Mar 22, 2018, 02:10 AM IST
उपज का कैश भुगतान नहीं मिला तो किसानों ने बंद किया मंडी का गेट, खरीदी प्रभावित
वित्त वर्ष के अंतिम माह मार्च के चलते एक तरफ बैंकों से व्यापारियों को कैश नहीं मिल रहा है। वहीं दूसरी तरफ किसान उपज का दाम मांगने पर अड़े हुए हैं। बुधवार को व्यापारी और किसानों के बीच तनातनी हो गई। नाराज किसानों ने उपज का भुगतान नहीं होने से मंडी को गेट बंद कर दिया। दोपहर बाद मंडी कार्य प्रभावित हुआ। गेट बंद होने से वाहनों की कतारे मंडी के सामने लग गईं। मौके पर पहुंची एसडीएम अंजली शाह और पुलिस ने मामले को सुलझाया, किसान माने और मंडी का गेट खोला। इसके बाद इस जाम से निपटने के लिए लोगों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी।

बुधवार को कृषि उपज मंडी में सैकड़ों किसान उपज बिक्री के लिए पहुंचे। मंडी में कुल 12 हजार क्विंटल से अधिक अनाज की आवक हुई। लेकिन किसानों काे नगद भुगतान नहीं मिल रहा था तो नाराज किसानों ने सुबह 11.30 बजे बाद मंडी का गेट बंद कर दिया। इस बीच अनाज खरीदी भी बंद हो गई। इससे दिनभर मंडी का कारोबार बंद रहा। व्यापारी और किसान दोनों ही परेशान रहे हैं।

व्यापारियों को बैंकों से नहीं मिल रहा कैश, इसलिए नहीं हो रहा नकद भुगतान

किसानों ने मंडी का गेट बंद कर दिया था, जिससे मंडी परिसर में वाहनों की कतार लग गई।- भास्कर

विधायक बोले- कम भाव में मत बेचों फसल, मंडी सचिव से करो इसकी शिकायत

किसान प्रदर्शन के जरिए अपनी पीड़ा बता रहे थे, इसी बीच पूर्व विधायक श्री दांगी ने कहा कि किसी किसान को उपज के कम भाव मिले तो वह मंडी सचिव से तत्काल शिकायत करें, किसी भी हालात में कम भाव में उपज मत बेचो। पूर्व नपाध्यक्ष डाॅ भारत वर्मा ने भी किसानों की समस्या जायज बताते हुए कहा कि किसान इस समय नगद के चलते भावांतर की बजाय मंडी में अनाज ला रहा है, इसके बाद भी उपज का दाम नहीं मिलेगा तो वह विरोध तो करेगा ही।

नगद भुगतान के साथ भाव भी ठीक मिले : किसानों के प्रदर्शन में शामिल पूर्व विधायक पुरुषोत्तम दांगी ने मंडी गेट के पास किसानों का पक्ष रखते हुए एसडीएम व मंडी सचिव से कहा कि दूर दराज से आए किसानों को उपज के एवज में नगद भुगतान मिलना चाहिए। किसानों को इस दिन नगद भुगतान नहीं मिलने की जानकारी तक नहीं थी। मौके पर मंडी अध्यक्ष मकलेश चौहान भी मौजूद थे। बापचा के किसान रामचंदर ने कहा कि व्यापारियों को दो दिन पहले किसानों को बताना चाहिए था। दाम नहीं मिलने पर ऐन मौके पर किसान क्या करेंगे। बाईहेड़ा के किसान ओम प्रकाश ने कहा कि उपज के भाव भी कम मिल रहे हैं। व्यापारियों ने मनमर्जी चला रखी है।

व्यापारी बोले- बैंक नहीं दे रहे कैश, हम कहां से लाएं

मंडी व्यापारी संघ अध्यक्ष नंदकिशोर मंगल सहित अन्य व्यापारियों ने कहा कि बैंक की लिंक खराब होने पर कैश नहीं मिल सका। वहीं बैंक से 10 व 20 रुपए के नोट थमाए जा रहे हैं। व्यापारियों के पास कैश नहीं रहेगा तो वह नगद भुगतान कैसे कर पाएंगे। इसके चलते यह परेशानी आई है।

नकद भुगतान को लेकर बिगड़े हालात


व्यापारी व किसानों के बीच ऐसे बनी सहमति

एसडीएम अंजली शाह ने समझाइश के साथ कहा कि छोटे किसानों को 10 से 15 हजार रुपए तक कैश मिलेगा। वहीं बड़े किसानों को 30 हजार रुपए तक नगद मिलेंगे। इस बात पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी, इसके बाद देर शाम को तुलाई शुरू हो सकी।

एसडीएम से माने किसान

एसडीएम अंजली शाह पुलिस बल के साथ कृषि उपज मंडी पहुंची। सिटी थाना टीआई एसएस नागर भी मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने मंडी सचिव आरके रावत की मौजूदगी में व्यापारियों से बात कर, किसानों को समझाइश दी। इसके बाद किसान मंडी का गेट खोलने पर राजी हुए हैं।

वाहनों की लगी कतार, परेशान हुए लोग : मंडी परिसर में वाहनों की कतार लग गई। सुठालिया रोड के बायपास तक वाहन खड़े हो गए। इससे राहगीरों को शाम तक असुविधा हुई।

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