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अब हिरणखेड़ी गांव में ही पढ़ सकेंगे बच्चे, हादसे के बाद जिन 16 बच्चों ने स्कूल जाना छोड़ा वे भी खुश

शहर के सरकारी स्कूल में पढ़कर 13 किमी दूर अपने गांव हिरणखेड़ी लौट रहीं 9 छात्राओं की हाईवे पर एक सड़क हादसे में मौत हो गई...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 07, 2018, 06:20 AM IST

शहर के सरकारी स्कूल में पढ़कर 13 किमी दूर अपने गांव हिरणखेड़ी लौट रहीं 9 छात्राओं की हाईवे पर एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। दहशत के कारण ग्रामीणों ने 16 बच्चों का शहर पढ़ने आना बंद करा दिया था। उस समय ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर गांव में ही स्कूल खोलने की मांग की थी। हालांकि दो महीने में ही पीएमओ ने सरकार को इस बारे में पत्र लिखकर स्कूल शुरू कराने कहा था। लेकिन पिछले सत्र में हिरणखेड़ी गांव में स्कूल नहीं खुल पाया।

इस शिक्षण सत्र से हिरणखेड़ी सहित जिले के तीन मिडिल स्कूलों को हाई स्कूल में प्रोन्नत किया जा रहा है। इस फैसले से खासतौर पर हिरणखेड़ी गांव के बच्चे बेहद उत्साहित हैं।

बैलास व हांसरोद के स्कूलों को हाई स्कूल में बदला: ब्यावरा ब्लॉक के शासकीय माध्यमिक स्कूल हांसरोद व बैलास काे शासन ने हाईस्कूल का दर्जा दिया है। वहीं शास गर्ल्स हाई स्कूल सुठालिया व शास हाई स्कूल मऊ को हायर सेकंडरी स्कूल का दर्जा भी दिया गया।

13 दिसंबर 2016 को हुए हादसे में गांव के 9 स्कूली बच्चों सहित 15 लोगों की मौत हुई थी

गांव में स्कूल खुलने की खबर के बाद खुश हुए बच्चे मिडिल स्कूल परिसर में इकट्‌ठा हुए। -भास्कर

खुशी से झूम उठे बच्चे

पढ़ाई के लिए 11 किमी दूर बस या ऑटो में बैठकर राजगढ़ आने वाले हिरणखेड़ी के बच्चे गांव में हाई स्कूल खुलने की खबर से खुश हैं। इस खुशी को उन्होंने गांव के मिडिल स्कूल परिसर में इकट्‌ठा होकर जाहिर किया। कक्षा 9वीं में पढ़ रहे नितिन, मोहन और सविता ने कहा कि अब उन्हें पढ़ाई नहीं छोड़ना पड़ेगी। हालांकि इस साल 12वीं कक्षा में आईं छात्रा संजू व रजनी ने इस स्कूल को हायर सेकंडरी करने की मांग की है।

पीएम को लिखा था बच्चों ने मार्मिक पत्र

13 दिसंबर 2016 को किशनगढ़ के पास हाईवे पर हुई बस और ऑटो की टक्कर में ऑटो में सवार हिरणखेड़ी गांव के 9 स्कूली बच्चों सहित कुल 15 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद ग्रामीणों ने हाई व हायर सेकंडरी कक्षाएं पढ़ने के लिए राजगढ़ जाने वाले अपने 16 बच्चों को स्कूल छुड़वा दिया था। इस दिल दहला देने वाले हादसे के बाद गांव के बच्चों ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उनके ही यहां स्कूल शुरू कराने की मांग की थी। बाद में तत्कालीन कलेक्टर तरुण पिथोड़े और विधायक अमरसिंह यादव ने भी राज्य सरकार से गांव में जल्द स्कूल शुरू कराने की मांग की थी। अब करीब डेढ़ साल बाद हिरणखेड़ी सहित आसपास के आधा दर्जन गांवों के बच्चों को स्कूल की सौगात मिल पाई है।

इन स्कूलों को भी मिला हाई स्कूल का दर्जा

ब्लॉक के तीन माध्यमिक विद्यालयों को इस साल सरकार ने हाईस्कूल के प्रोन्नत किया है। इनमें हिरणखेड़ी के साथ ही राजगढ़ के समेली अौर सिंदूरिया गांव के माध्यमिक स्कूल भी शामिल हैं। इन स्कूलों को हाईस्कूल में बदले जाने से आसपास के 6 गांवों के एक हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को अपने नजदीक ही पढ़ाई की सुविधा मिल सकेगी।

तीन नए हायर सेकंडरी स्कूल भी शुरू

इधर इस सत्र में शिक्षा विभाग ने जिले के तीन हाई स्कूलों को प्रोन्नत कर हायर सेकंडरी स्कूलों में तब्दील किया है। इनमें भोजपुर, किला अमरगढ़ सहित लिंबोदा के हाई स्कूल शामिल हैं।

छात्राओं को पढ़ाई नहीं छोड़नी होगी

जिले के तीन स्कूलों को हाई स्कूल व तीन को हायर सेकंडरी में बदला गया है। इससे इन इलाकों के हजारों बच्चों को हर साल अब पढ़ने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। न ही छात्राओं को इस वजह से पढ़ाई छोड़नी पड़ेगी। - कर्मवीर शर्मा, कलेक्टर राजगढ़

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Web Title: अब हिरणखेड़ी गांव में ही पढ़ सकेंगे बच्चे, हादसे के बाद जिन 16 बच्चों ने स्कूल जाना छोड़ा वे भी खुश
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