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जलसंकट को लेकर निगम घेरा, आयुक्त और महापौर कक्ष के पास फोड़े मटके

भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर जलसंकट से जूझ रहे प्रगति नगर और राजीव नगर के रहवासियों का सब्र शनिवार को टूट गया।...

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 02:20 AM IST
भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर

जलसंकट से जूझ रहे प्रगति नगर और राजीव नगर के रहवासियों का सब्र शनिवार को टूट गया। आक्रोशित वार्डवासी एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए निगम का घेराव कर दिया। पानी के खाली मटके लेकर निगम के अंदर घुसे और आयुक्त व महापौर कक्ष के बाहर मटकों को फोड़ दिया। जलसंकट को लेकर निगम में 11 दिन में दूसरी बार प्रदर्शन हुआ। निगम आयुक्त पवनसिंह ने महिलाओं को आश्वासन देकर मामला शांत किया।

शहर का भू-जलस्तर 800 मीटर तक गिर चुका है। ज्यादातर ट्यूबवेल दम तोड़ चुके हैं ऐसे में शहर के कुछ वार्डों में जलसंकट बढ़ता जा रहा है लेकिन इससे निपटने के लिए निगम ने खास योजना नहीं बनाई है। इससे लोगों का आक्रोश सड़क पर आ रहा है। रास्तीपुरा, प्रगति नगर, राजीव नगर की महिलाओं ने 21 फरवरी को निगम कार्यालय का घेराव कर दिया था। तब भी निगम अधिकारियों ने महिलाओं को आश्वासन देकर रवाना कर दिया था। वार्डवासी रेहाना बी, रश्मिबाई व अन्य महिलाओं ने कहा हमारे बच्चे बोर्ड परीक्षाओं के साथ ही दूसरे मोहल्लों से सिर पर पानी रखकर ला रहे हैं। जिन बच्चों की स्कूल की छुट्‌टी लगी है वह भी हमारे साथ पानी भरने जाते हैं। सुबह-शाम सिर पर बर्तन लिए पानी के लिए भटकते रहते हैं। निगम आयुक्त व महापौर को जलसंकट का समाधान करना चाहिए। इस बार तो हमने आयुक्त की बात को मान लिया लेकिन हर बार ऐसा नहीं चलेगा। पिछली बार कहा था चार-पांच दिन में जलसंकट का समाधान कर देंगे। दस दिन बीत गए कुछ भी नहीं हुआ इस कारण आयुक्त और महापौर कक्ष के बाहर मटके फोड़े ताकि उन्हें भी तो पता चले।

नगर निगम में घुसते ही महिलाओं ने मटके फोड़कर आक्रोश जताया।

निगम में तालाबंदी कर शहर बंद कराएंगे

कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजय रघुवंशी ने कहा- शहर के जनप्रतिनिधि नाटक नौटंकी करना बंद करें लोगों को पानी की सख्त आवश्यकता है। विभिन्न वार्ड के लोग पानी के लिए भटक रहे हैं। लोगों का आक्रोश देखने के बाद भी निगम द्वारा जलसंकट को लेकर कोई प्लानिंग नहीं बनाई है। हम शहरवासियों के साथ है, अगर ऐसे ही हालात रहे तो निगम के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर उग्र प्रदर्शन करेंगे। नाच-गाना बंद कर जनता की ओर ध्यान देना चाहिए। हमारे नेता प्रतिपक्ष अकील औलिया व अमर यादव ने निगम आयुक्त से मांग की है कि मीटिंग बुलाएं। यह अधिकार महापौर-आयुक्त का है। उन्हें मीटिंग बुलाना चाहिए। एक सप्ताह में जलसंकट का समाधान नहीं किया तो कांग्रेस द्वारा शहर बंद कर ऐलान किया जाएगा।

आयुक्त की बात मान वापस चले गए वार्डवासी

निगम में प्रदर्शन कर रहे 100 से ज्यादा महिला व पुरुषों को आयुक्त पवन सिंह ने आश्वासन दिया कि शाम तक आपके वार्ड में ट्यूबवेल जल्द से जल्द करवाएंगे। जगह चिन्हित करने का काम चल रहा है। आश्वासन के बाद भी लोगों को आयुक्त की बात पर भरोसा नहीं हो रहा था। महिलाओं ने कहा अाप अभी और इसी वक्त हमारे साथ किसी अधिकारी को भेजो या फिर आप चलो। इस बात पर आयुक्त ने प्रभारी कार्यपालन यंत्री बीजी गुप्ता को लोगों को साथ वार्ड में भेजा।

मुफ्त में चल रहे 500 से ज्यादा सर्विसिंग सेंटर

शहर के विभिन्न स्थानों पर 500 से ज्यादा वाहन सर्विसिंग सेंटर बगैर टैक्स दिए चल रहे हैं। इससे पर्यावरण को खतरे के साथ ही भू-जलस्तर को भी खतरा है। निगम अफसर इन्हें बंद कराने का कई बार कह चुके है लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। भास्कर ने इस मामले को पूर्व में भी प्रमुखता से प्रकाशित कर निगम आयुक्त को अवगत कराया था।