--Advertisement--

बच्चों को जन्मदिन पर केक काटने की प्रवृति से बचाएं

श्रीराम कथा में गुरुवार को श्रीराम विवाह उत्सव मनाया। इसमें राजा दशरथ के रूप में श्रीराम तोशनीवाल और राजा जनक के...

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 02:25 AM IST
श्रीराम कथा में गुरुवार को श्रीराम विवाह उत्सव मनाया। इसमें राजा दशरथ के रूप में श्रीराम तोशनीवाल और राजा जनक के रूप में बलराज नावानी ने कन्यादान कर श्रीराम-सीता विवाह का प्रसंग प्रस्तुत किया। श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का विवाह मंच पर मंगल उत्सव स्वरूप में मनाया गया। इसका साध्वी ऋतंभरा ने ओजस्वी वाणी में अभिव्यक्ति देकर कथा का रसपान कराया।

श्रीराम कथा : चौथे दिन साध्वी ऋतंभरा ने किए विचार व्यक्त

भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर

पाश्चात्य की नकल का अंधानुकरण भारतीय परंपराओं व सभ्यता के लिए आंशिक रूप से घातक बन रहा है, परंतु अब भी वक्त है, संभलने का और समझने का कि बच्चों को जन्मदिन पर केक काटने, टुकडे़ बांटने की प्रवृति से बचाएं। अपनी भारत मां पाश्चात्य के इन नकलची प्रवृत्ति का बहुत दुष्परिणाम भुगत चुकी है। हमें प्लास्टिक, रासायनिक खाद के दुष्परिणाम आज प्रत्यक्ष दिखने लगे है। सोचने का विषय है कि अपने ही भारतीय महर्षि पतंजलि के योग को हम अमेरिका से योगा बनकर आ जाने पर स्वीकार्य कर लेते हैं। पिछले कुछ दशकों में सनातन धर्म को दुनिया की नकल और अंधानुकरण से समाज को बहुत बड़ी क्षति हो रही है।

अयोध्या धाम (स्टेडियम) पर चल रही श्रीराम कथा के चौथे दिन गुरुवार को साध्वी ऋतंभरा ने यह विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा- शिवाजी-गुरुगोविंदसिंह जैसे व्यक्तित्वों का निर्माण करने वाली मातृ शक्ति जैसी ही माताओं की आवश्यकता है। मनुष्य के अंतर्मन में अहंकार होने पर उसे आनंद की अनुभूति कभी नहीं मिल सकती है, जो खुद को ईश्वर से से जोड़ लेता है। वही आनंद को पा सकता है।

संकल्प पूजन में शामिल हुई मंत्री- श्रीराम कथा में महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस शामिल हुई। पूजा और आरती की। इस दौरान माधवबिहारी अग्रवाल, सुरेश श्राफ सहित अन्य मौजूद थे।