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अंडर ग्राउंड नहर से सिंचित होंगे सात गांव के तीन हजार हैक्टेयर खेत

भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर भावसा सिंचाई परियोजना के तहत सात गांव की 3 हजार हैक्टेयर भूमि को सींचने के लिए 34...

Danik Bhaskar

Apr 02, 2018, 02:35 AM IST
भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर

भावसा सिंचाई परियोजना के तहत सात गांव की 3 हजार हैक्टेयर भूमि को सींचने के लिए 34 करोड़ की लागत से 1.05 हैक्टेयर भूमि पर अंडर ग्राउंड नहर बनाई जाएगी।

104 करोड़ की लागत की परियोजना के तहत वन विभाग की 275 हैक्टेयर जमीन का अधिग्रहित कर जल संसाधन विभाग ने 22 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया है। अब डेम निर्माण के लिए इंदौर ऑफिस से 28 करोड़ रुपए के टेंडर जारी होंगे। मालवीर और नई चोंडी के वन ग्राम के पास 3.67 हैक्टेयर भूमि पर डेम बनेगा। जहां के वन ग्राम के 89 परिवार को जारी 123 हैक्टेयर पर बने पट्‌टे को गाइडलाइन अनुसार भूमि अधिग्रहित कर डबल मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि अब तक उनके अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। जल संसाधन के अफसरों के अनुसार पूरा डेम मिट्‌टी का बनाया जाएगा। इसमें जल संग्रहण की क्षमता 13.64 मिलियन घर मीटर होगी। डेम से 500 मीटर दूरी तक जंगल का क्षेत्र खुला रहेगा। इसके आगे जमीन के अंदर से पाइप लाइन बिछाई जाएगी।

राजस्व से दो जिले के गांव की 277.13 भूमि पर वन विभाग तैयार करेंगे जंगल

परियोजना के नक्शे में नीले भाग में पानी संग्रहित होगा। पीला भाग सिंचित हाेगा।

8.03 लाख रुपए हैक्टेयर से अधिग्रहित की भूमि

जल संसाधन अधिकारी वीके मंडलाेई ने बताया 40 हैक्टेयर तक बांध निर्माण पर शासन अनुमति देती है। अधिग्रहण ज्यादा था इसलिए एमओयू दिल्ली प्रस्ताव भेजा गया था। जहां से 5 मार्च को सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। 8.03 लाख रुपए प्रति हैक्टेयर के मान से 22 करोड़ में वन भूमि अधिग्रहित की है।

यहां बनेगा नया जंगल

गांव हैक्टेयर

मोहद 95.88

चांदगढ़ 44.85

इच्छापुर 68.64

डोईफोड़िया 24.92

देड़तलाई 10.05

कटनी 33.39

डेम का स्वरूप

3.67 हैक्टेयर पर डेम बनेगा।

1240 मीटर लंबा

28.25 मीटर ऊंचा

6 मीटर चौड़ा ऊपर

डेम भरने पर अतिरिक्त जल स्पिल चैनल से निकालेंगे

डेम के पास 8.9 हैक्टेयर पर स्पिल चैनल बनाई जाएगी। इसमें से डेम भरने पर अतिरिक्त जल की निकासी होगी। ये जल बाई ओर से चैनल के माध्यम से आगे नदी में जाकर मिलेगा। इससे डेम पर जल का दबाव कम रहेगा।

ये क्षेत्र होंगे सिंचित, दूर होगा जलसंकट

ग्राम माेरखेड़ा कला, मोरखेड़ा खुर्द, भावसा, खामनी, मैथा, दहीहंडी और बड़सिंगी क्षेत्र की 3 हजार हैक्टेयर भूमि सालों तक सिंचित होती रहेगी। गर्मियों में भी जल स्तर बढ़ा रहने से जलसंकट की स्थिति नहीं बनेगी।

राजस्व की जमीन पर लगाएंगे 15 करोड़ के पौधे

जंगल की भूमि अधिग्रहण के बदले राजस्व की 277.13 हैक्टेयर जमीन वन विभाग को हस्तांतरित करने में जल संसाधन विभाग को एक साल का समय लगा। जहां वन विभाग अधिग्रहित भूमि की पूर्ति के लिए जंगल तैयार करेगा। उसके तहत पौधे लगाने के लिए 15 करोड़ रुपए का मांग पत्र दिया है। स्वाइल एंड माश्चर कंट्राेल के लिए 3 करोड़ का प्रस्ताव दिया।

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