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1 अप्रैल से उद्योगों के बायलर में लकड़ी जलाने पर प्रतिबंध

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने उद्योग नगर में संचालित उद्योगों को दिए नोटिस भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर प्रशासन...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 03:25 AM IST
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने उद्योग नगर में संचालित उद्योगों को दिए नोटिस

भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर

प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण के लिए उद्योगों के बायलर में लकड़ी जलाने पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। इसके लिए उद्योग नगर में संचालित करीब 35 उद्योगों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के माध्यम से नोटिस दे दिए गए है। इसमें 1 अप्रैल से उद्योग में बायलर में लकड़ी नहीं जलाने के निर्देश दिए गए है। इसकी जगह कोयले का उपयोग किया जाएगा। सख्ती से लकड़ी जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बाद भी लकड़ी का उपयोग किया जाता है तो उद्योग पर कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर दीपकसिंह ने कहा उद्योगों को सूचना दी गई है। पर्यावरण संरक्षण के लिए लकड़ी जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि लकड़ी का उपयोग हो रहा है मतलब जंगल में पेड़ों की कटाई हो रही है। अब इस लकड़ी का उपयोग बंद करना जरूरी हो गया है, क्योंकि कम ही पेड़ जंगल में बचे है। लगातार काटे जाने से जंगल खत्म होंगे। इसका पर्यावरण पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। अभी से पर्यावरण संरक्षण पर काम करना जरूरी है। उद्योगों में लकड़ी का उपयोग नहीं होने से पेड़ों की कटाई नहीं होगी। जंगल संरक्षित होगा। इसका फायदा भविष्य में मिलेगा। उद्योग नगर सहित अन्य जगह पर संचालित उद्योगों की मॉनीटरिंग लगातार की जाएगी।

बिजली या सोलर एनर्जी का उपयोग करने के लिए करेंगे प्रेरित- लकड़ी का उपयोग बंद होने के बाद उद्योगपतियों को बायलर चलाने के लिए बिजली या सोलर एनर्जी का उपयोग करने के लिए प्रेरित करेंगे। धुआं नहीं उठने से प्रदूषण नहीं होगा। बायलर में कोयला जलाने से धुआं निकलेगा। इससे बचाने के लिए उद्योगों की चिमनियों में बैग फिल्टर लगवा दिए गए है। बैग फिल्टर के कारण धुएं के हानिकारक कण हवा में नहीं फैलेंगे। इससे प्रदूषण कम होगा।

बैठक में कलेक्टर ने दिए थे निर्देश- उद्योगों के संचालन में जरूरी व्यवस्थाओं में सुधार करवाने के लिए कलेक्टर दीपकसिंह ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बैठक ली थी। इसमें बायलर में लकड़ियां जलाने पर प्रतिबंध का निर्णय लिया गया था। इसके अलावा उद्योग विभाग में कमियां को चिह्नित कर दूर करने के निर्देश दिए गए। इस पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा काम किया जा रहा है। उद्योगपतियों को जरूरी सुधार करने के लिए कहा जा रहा है।