Hindi News »Madhya Pradesh »Indore »News» Father And Son Came To Collector On Making BPL Card

युवक की शानदार अंग्रेजी सुनकर कलेक्टर बोले- तुम्हें बीपीएल कार्ड की क्या जरूरत, लड़का बोला- साब! मैं छठी फेल हूं, संवाद के लिए किसी क्वालिफिकेशन की जरूरत नहीं

संयुक्त कलेक्टर एमएल आर्य ने छठी फेल खुशाल से पूछा तुम इतनी अच्छी अंग्रेजी कैसे बोल लेते हो।

Bhaskar News | Last Modified - Jul 12, 2018, 12:50 PM IST

युवक की शानदार अंग्रेजी सुनकर कलेक्टर बोले- तुम्हें बीपीएल कार्ड की क्या जरूरत, लड़का बोला- साब! मैं छठी फेल हूं, संवाद के लिए किसी क्वालिफिकेशन की जरूरत नहीं

बुरहानपुर (एमपी)।स्वरोजगार योजना में लोन के लिए अप्लाई करने से पहले छठी पास युवक बीपीएल कार्ड बनवाने जनसुनवाई में पहुंचा। मंगलवार को कलेक्टर डॉ. सतेंद्रसिंह लोगों की समस्या सुन रहे थे। बुरहानपुर जिले के सुभाष पवार भी बेटे खुशाल के साथ आवेदन देने आए थे। युवक की शानदार अंग्रेजी सुनकर कलेक्टर हैरान रह गए। उन्होंने कहा- तुम इतने अच्छे, स्मार्ट हो और अच्छी अंग्रेजी भी बाेल लेते हो, तुम्हें बीपीएल कार्ड की क्या जरूरत है। तुम झूठ बोले रहे हो। युवक ने कहा- साब मैं छठी फेल हूं।

कलेक्टर और युवक के बीच पढ़ें क्या हुआ सवाल-जवाब...

कलेक्टर- तुम्हें बीपीएल कार्ड की क्या जरूरत, अच्छे भले दिख रहे हो। स्मार्ट हो, कितने पढ़े हो?

युवक- आई एम सिक्स स्टैंडर्ड फेल्युअर। ये सुनकर कलेक्टर हंसने लगे।

कलेक्टर-अच्छी-खासी अंग्रेजी बोल लेते हो, झूठ बोल रहे हो कि तुम छठी फेल हो।

युवक- द नीड टू कम्यूनिकेशन फ्रीडम स्पीच ऑन्ली, द डिड नॉट टू अवर क्वालिफिकेशन (संचार और संवाद के लिए किसी योग्यता की जरूरत नहीं होती)।

कलेक्टर- नहीं, हम नहीं जानते। तुम्हारा बीपीएल कार्ड नहीं बन सकता।

इसके बाद संयुक्त कलेक्टर एम. एल. आर्य ने पूछा- इतनी अच्छी अंग्रेजी कैसे बोल लेते हो ?

-युवक ने बताया, मैं गुजरात की एक मोबाइल कंपनी के कॉल सेंटर में सीनियर सुपरवाइजर था। जहां मैंने अंग्रेजी, गुजराती सीखी। इसके अलावा क्षेत्रीय भाषा हिंदी, मराठी और अहिरानी बेहतर ढंग से लिख-बोल लेता हूं। इसलिए मैंने लंबे समय तक नौकरी की। पढ़ने में मन नहीं लगा तो 2002 में स्कूल छोड़ दी थी। अहमदाबाद में दो बहनें रहती हैं। उनके यहां रहकर एंब्रायड्री करने लगा। इस दौरान मोबाइल कंपनी के एक मैनेजर से संपर्क हुआ। उन्हें मेरी बातचीत का तरीका अच्छा लगा। उन्होंने मुझे कॉल सेंटर में नौकरी दे दी।

- हालांकि, युवक का आवेदन स्वीकार नहीं किया गया और दोनों वापस लौट गए। पिता ने बताया- मेरे पास एक ही एकड़ खेत है। बड़े बेटे का विवाह हो चुका है। खुशाल भी गुजरात से घर लौट आया है।

- खुशाल ने कहा- मैं अकाउंटिंग, वेब ब्लॉग्स जानता हूं। मैं बिजनेसमैन बनना चाहता हूं, इसके लिए लोन लेेने की तैयारी कर रहा हूं।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×