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कड़कनाथ मुर्गा पाल रहे किसान, हर महीने कमा रहे 12 हजार रुपए अतिरिक्त

यहां संपर्क करें किसान: यदि किसान कड़कनाथ का पालन करना चाहता है वे कृषि विज्ञान केंद्र दतिया, झाबुआ, बुरहानपुर, कृषि...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 05, 2018, 02:30 AM IST

कड़कनाथ मुर्गा पाल रहे किसान, हर महीने कमा रहे 12 हजार रुपए अतिरिक्त
यहां संपर्क करें किसान: यदि किसान कड़कनाथ का पालन करना चाहता है वे कृषि विज्ञान केंद्र दतिया, झाबुआ, बुरहानपुर, कृषि विज्ञान केंद्र ग्वालियर, कृषि विज्ञान केंद्र खंडवा में संपर्क कर सकते हैं।

कड़कनाथ की तीन कैटेगरी

जेड ब्लैक : पंख पूरी तरह से काले होते हैं।

पेंसिल्ड : जिस तरह पेंसिल से शेड बनाया जाता है उसी तरह के शेड कड़कनाथ के पंख पर नजर आते हैं।

अंडों को 18 दिन तक सेटर मशीन में रखा जाता है। इसके बाद तीन दिन हैचर मशीन में रखते हैं। यहां अंडों से चूजे बाहर निकल आते हैं।

गोल्डन : पंख पर गोल्डन जैसे छींटे रहते हैं।

3200 दी जाती है सब्सिडी: पशुपालन विभाग द्वारा कड़कनाथ इकाई की लागत 4000 रुपए है। पशुपालक से 800 रुपए अंशदान लिया जाता है। 3200 रुपए की सब्सिडी दी जाती है।

5 किसानों ने शुरू किया सहायक व्यवसाय

हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के आनंदराम कुशवाहा, बीकर के भगवान सिंह कुशवाहा, कोमल सिंह कुशवाहा, केवलारी के बादाम सिंह और ककरौआ के लक्ष्मीनारायण सिंह।

ऐसे रखते हैं शुरुआती सात दिन चूजों काे

पहले दिन ब्रूडर का तापमान 90 से 95 डिग्री फेरनहाइट रखें

दूसरे दिन चिक फीड चालू होता है।

तीसरे दिन विटामिन, प्रोबायोटिक्स, ई केयर सी दिन में एक बार पानी में देते हैं।

चौथे दिन विटामिन, प्रोबायोटिक्स का पानी दिन में एक बार तथा एंटीबॉयोटिक दवा हर बार दी जाती है।

चौथे दिन की तरह ही ट्रिट करें।

छठे दिन केवल विटामिन व प्रो बायोटिक्स का पानी देते हैं।

सातवें दिन इलेक्ट्रॉल प्रत्येक बार पानी में देते हैं, साथ ही ई केयर सी दिन में एक बार देते हैं।

केंद्र पर शुरू होगी हैचरी, यहीं मिलेंगे बच्चे

कड़कनाथ मुर्गों के लिए हैचरी लगाई जा रही है। कड़कनाथ और देशी मुर्गा मुर्गियों के फार्म बनाए गए हैं। कड़कनाथ 800 से 1000 रुपए तक मार्केट में बिकता है।

ऐसे करें इसका पालन

यदि 100 चि‍कन रख रहे हैं तो आपको 150 वर्गफीट जगह की जरूरत होगी। हजार चि‍कन रख रहे हैं तो करीब 1500 वर्ग फीट जगह की जरूरत होगी।

फार्म बनाते गांव या शहर से बाहर मेन रोड से दूर हो, पानी व बिजली की पर्याप्त व्यवस्था हो। फार्म हमेशा ऊंचाई वाले स्थान पर बनाएं ताकि आसपास जल जमाव न हो।

दो पोल्ट्री फार्म एक-दूसरे के करीब न हों। मध्य में ऊंचाई 12 फीट व साइड में 8 फीट हो।

चौड़ाई अधिकतम 25 फीट हो तथा शेड का अंतर कम से कम 20 फीट होना चाहिए।

एक शेड में हमेशा एक ही ब्रीड के चूजे रखने चाहिए। पानी पीने के बर्तन दो से तीन दि‍न में जरूर साफ करें।

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