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दस्तावेज व 1300 रु. लेकर शौचालय बनवाए तो कुछ के फर्जी फोटो अपलोड कर ठेकेदार ने निकाले रुपए

सैयद शराफत पिता बसरात ने बताया शौचालय बनाने की योजना चल रही थी। हमने भी मांगने पर दस्तावेज दे दिए। सालभर होने पर भी...

Dainik Bhaskar

Jun 09, 2018, 02:30 AM IST
दस्तावेज व 1300 रु. लेकर शौचालय बनवाए तो कुछ के फर्जी फोटो अपलोड कर ठेकेदार ने निकाले रुपए
सैयद शराफत पिता बसरात ने बताया शौचालय बनाने की योजना चल रही थी। हमने भी मांगने पर दस्तावेज दे दिए। सालभर होने पर भी शौचालय नहीं बनाया। पार्षद के पास गए तो वो कहने लगे निगम जाकर पूछताछ कर लो। वहां अफसरों ने बताया तुम्हारा पैसा निकल गया। किसने निकाला, कौन से खाते में गया पता नहीं चल रहा।

केस-1

‘हमने बनवाया, दस्तावेज वो ले गए’

खातू घाट के शब्बीर पिता हमीद खान ने बताया तीन साल पहले विमल यादव आए थे। उन्होंने हमसे दस्तावेज लिए और 1300 रुपए भी जमा कर लिए। उसके बाद से वो लौटकर नहीं आए। खुद के खर्च से हमने शौचालय बनवाया। राशि के लिए पार्षद से बात की तो कहने लगे तुम्हारे नाम पर राशि निकल चुकी है।

केस-2

अायुक्त को शिकायत की

वर्ष 2015 से 2016 तक काम चला। खैराती बाजार के हितग्राही पार्षद से मिले। राशि की मांग करने पर उन्होंने निगम में चर्चा की। अफसर बोले सबके शौचालय के रुपए दे चुके हैं। पार्षद सलीम खान ने सूचना के अधिकारी में जानकारी निकाली। उसमें सामने आया कि वार्ड के 132 हितग्राही हैं। जिसका बाकायदा घर-घर जाकर सर्वे किया। जिनमें से अधिकांश के रुपए निकल चुके हैं। जिसमें ठेकेदार विमल यादव का नाम सामने आया। कुछ के मौके पर शौचालय ही नहीं मिले। जिनके बने हुए थे, उन्होंने खुर्द के खर्च से बनाए। ऐसे करीब 50 लोग सामने आए। जिसकी आयुक्त पवनसिंह को शिकायत की।

‘हमें पता ही नहीं और रुपए निकाल लिए ’

खैराती बाजार के सैयद अशफाक ने बताया ठेकेदार काे कुछ आधार, राशन कार्ड, बैंक पासबुक दिए। उन्होंने 1600 रुपए भी मांगे थे लेकिन रुपए की व्यवस्था नहीं जमने पर बाद में देने को कहा था। उसके बाद पार्षद से मिले तो पता चला हमार रुपए ठेकेदार ने निकाल लिए। जबकि हमको रुपए मिले ही नहीं।

केस-3

कुछ ठेकेदारों ने कहा- निगम से राशि नहीं मिली

दाऊदपुरा, बुधवारा, बेरी मैदान, नागझिरी, खैराती बाजार, आलमगंज, महाजनापेठ, तिलक वार्ड, इतवारा, सिंधीपुरा सहित अन्य वार्डों में भी हितग्राहियों को अब तक राशि नहीं मिली है। ठेकेदार और उनके कर्मचारी हितग्राहियों को तीन साल से ये कहकर टाल रहे हैं कि निगम से राशि नहीं आई। कई लोगों ने निगम के चक्कर लगाना बंद कर दिए।

अफसरों से मिल ठेकेदारों ने लाखों का भ्रष्टाचार किया


जांच करवाता हूं, दोषी पर कार्रवाई करेंगे


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