बुरहानपुर

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मुख्यमंत्री के आने से पहले स्पष्ट करें कब, क्या, कैसे राहत देंगे, वर्ना हाईवे पर करेंगे चक्काजाम

भास्कर संवाददाता| बुरहानपुर जिले के किसानों के अधिकारों के लिए आंदोलन कर किसानों के साथ कांग्रेस व प्रगतिशील...

Dainik Bhaskar

Jun 12, 2018, 02:35 AM IST
मुख्यमंत्री के आने से पहले स्पष्ट करें कब, क्या, कैसे राहत देंगे, वर्ना हाईवे पर करेंगे चक्काजाम
भास्कर संवाददाता| बुरहानपुर

जिले के किसानों के अधिकारों के लिए आंदोलन कर किसानों के साथ कांग्रेस व प्रगतिशील संगठन ने प्रशासन के माध्यम से सरकार को 10 दिन का समय देते हुए पूछा है कि आंधी से केला प्रभावितों को कब, क्या और कैसे राहत देंगे। यदि सरकार ने ये स्पष्ट नहीं किया तो 21 जून से हाईवे के प्रत्येक गांव में आंदोलन होगा। चक्काजाम कर अपनी आवाज पहुंचाएंगे।

कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद अरुण यादव ने कहा मैं दो दिन में 25 से ज्यादा गांव घुमा हूं। लगभग 200 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है। पहली बार इतना बड़ा नुकसान देखा मैंने। पता चला है कि मुख्यमंत्री भी बुरहानपुर आने वाले है। मुख्यमंत्रीजी यहां आए उनका स्वागत है लेकिन वो क्या देने वाले हंै, ये बात बहुत महत्पवूर्ण है। क्या मुख्यमंत्री फिर जैसे 12-13 साल से लॉलीपाप पकड़ा रहे, वहीं पकड़ाने आ रहे तो हमें उनके साथ शामिल नहीं होना है। यदि वो आ रहे है तो यहां आने से पहले स्पष्ट करे कि केला किसानों को क्या मिलने वाला है, सरकार क्या देने वाली है और कब देने वाली है। बीमे का क्या होगा, मुआवजा का क्या होगा, बिजली का क्या होगा। आने वाले समय में क्या राहत सरकार की ओर से होगी, उसका लेखा-जोखा सरकार की ओर से हम चाहते हंै। किसानों जितना बड़ा संघर्ष होगा, जितनी बड़ी संख्या में दबाव बनाएंगे, हमारी उतनी जल्दी मांगे पूरी होगी। ये किसी पार्टी का आंदाेलन नहीं है, नंदू भैया, अर्चना बहन, ज्ञानेश्वर पाटील भी आए उनका स्वागत है। इस लड़ाई में साथ खड़े रहे, जब वोट का समय आएगा, तब तुम अपने रास्ते जाना और हम अपने रास्ते जाएंगे। हमने सरकार को समय-सीमा तय कर बता दिया है।

जिलाध्यक्ष अजयसिंह रघुवंशी ने कहा ये राजनीति करने का अवसर नहीं है। मंत्री रात 9 बजे टाॅर्च लेकर नुकसान देखने जा पहुंची, उन्हें क्या समझा, क्या देख लिया। किसानों का मजाक बनाना कम करो। जिले की केबिनेट मंत्री है, सांसद पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष है, ये दोनों मुख्यमंत्री के पास जाकर फोटो खींचवा रहे, फेसबुक और टीवी पर डाल रहे हैं। मुख्यमंत्री कह रहे दु:ख की घड़ी में साथ है, कैसे साथ में हैं, क्या दे दिया 11 दिन में। ये सांसद आरबीसी के नियम से देंगे, वो तो दुनिया को मिलेगा, तेरे बोलने से क्या होने वाला है। मंत्री बोल रहीं हम मुख्यमंत्री से निवेदन कर रहे, निवेदन तो कोई भीख मांग रहे क्या हम किसान। हम अपना अधिकारी मांग रहे हंै, किस बात का निवेदन कर रही हैं, निवेदन मत करो, यदि निवेदन कोई सुन नहीं रहा तो हमारे साथ आकर बैठे।

प्रगतिशील किसान संगठन संरक्षक शिवकुमारसिंह कुशवाह ने एसडीएम सोहन कनाश से कहा- 10 दिन का समय देते हंै साहब क्या मिलेगा ये पहले बताना।

नंदू भैया 50 साल भी कुर्सी पर बैठे तो शाहपुर में कोई नाम नहीं लेगा

वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता प्रहलाद पाटिल ने कहा ठाकुर शिवकुमारसिंह मेरे गुरु थे। मैं उनका चेला हूं, उनका जो सिद्धांत था वो मेरा है। किसानों के लिए करो। जो करना है दिल से करो। कुर्सी के लिए झूठ क्यों बोलते हो। नंदू भैया को मैंने बोला था तुम कभी 50 साल भी कुर्सी पर बैठे तो मेरे मरने के बाद भी शाहपुर में नाम नहीं लेना वाला है। शिवकुमारसिंह ने एक कारखाना बनाया। उसमें भी इसने टांगे खींची थी। मैं था उसमें।

6 मिनट बिजली गुल रही, फिर माइक ने दिया धोखा

आंदोलन के बीच जिलाध्यक्ष के भाषण के दौरान बिजली गुल हो गई। जिसके बाद 6 मिनट तक वो नहीं बोले। एक कार्यकर्ता ने अफसर को कॉल कर बिजली सुचारू करने को कहा। उसके बाद जिलाध्यक्ष ने कॉल किया। उनके बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद के भाषण के समय केबल लूज होने के कारण बार-बार माइक बंद होता रहा। आंदोलन में प्रदेश महामंत्री हमीद काजी, पूर्व विधायक रवींद्र महाजन, ग्रामीण जिलाध्यक्ष किशोर महाजन, रिंकू टॉक सहित अन्य मौजूद थे।

इधर...सीएम को केला फसल का बायोडाटा भेजा, प्रति पौधा राहत देने पर कर रहे विचार

प्रति पौधा राहत देने की किसानों की मांग को देखते हुए जिला प्रशासन ने केला फसल का बॉयोडाटा बनाकर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को भेज दिया है। जिसमें प्रति पाैधा बोवनी, सिंचाई से लेकर उत्पादन तक की जानकारी बताई। जिसमें उसकी लागत, परिवहन और उसके औसत भाव सहित ऐसे जानकारी है जिससे किसानों की राहत तय करने में आसानी होगी। जिस पर राज्य कृषि मंत्रालय में गहन चिंतन चल रहा है। संभवत: राहत बढ़ाने के लिए इसमें कुछ संशोधन हो सकता है। जिसकी घोषणा खुद मुख्यमंत्री ही करेंगे। फिलहाल 28 से ज्यादा गांव में आंधी से प्रभावित हुए केला फसल को आरबीसी कंडिका 6/4 के तहत प्रति हैक्टेयर के मान से सर्वे कर राहत तय कर रहे हंै। यदि नए आदेश में संशोधन हुआ तो उस अनुसार सर्वे कर राहत तय करेंगे। कलेक्टर डॉ. सतेंद्रसिंह ने बताया हमने केला फसल की पूरी जानकारी अपनी ओर से राज्य सरकार को भेजी है। निर्णय मुख्यमंत्री लेंगे और वही उसकी घोषणा भी करेंगे। उन सबको नियम अनुसार मुआवजा खातों में भेजा जाएगा।

केले की जो भी किस्म लगाई हो, सभी प्रभावितों को मिलेगा मुआवजा

उद्यानिकी उप संचालक आरएनएस तोमर ने बताया 1 से 6 जून के बीच आंधी, ओलो और बारिश से केला फसल आड़ी हुई है। चाहे जो किसी भी किस्म की हो। उनका सर्वे अंतिम चरण में चल रहा है। जिसका जितना नुकसान हुआ है उन्हें उतनी भरपाई प्रशासन मुआवजे के रूप में करेंगी। यदि कोई सर्वे छूट गया है तो एसडीएम, उद्यानिकी विभाग से संपर्क कर सकते हैं। सर्वे कर उन्हें राहत योजना में शामिल कर लिया जाएगा।

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