बुरहानपुर

--Advertisement--

तहसीलदार के आकस्मिक अवकाश से 4 दिन अटकी फसल नुकसान की राशि

लंबित मांगों को लेकर 15 जून तक रहेगा आकस्मिक अवकाश भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर वेतन विसंगति सहित आठ अन्य...

Dainik Bhaskar

Jun 13, 2018, 03:20 AM IST
लंबित मांगों को लेकर 15 जून तक रहेगा आकस्मिक अवकाश

भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर

वेतन विसंगति सहित आठ अन्य मांगों को लेकर तहसीलदारों के चार दिन के आकस्मिक अवकाश पर जाने से केला फसल नुकसान के राशि पत्रक स्वीकृत 15 जून तक के लिए अटक गया है। इसके अलावा नामांतरण, बंटवारा, जाति, आय, मूल निवासी प्रमाण पत्र भी नहीं बन पाएंगे।

सोमवार को तहसीलदार व नायब तहसीलदारों ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के नाम कलेक्टर डॉ. सतेंद्रसिंह को आठ सूत्रीय मांग पत्र सौंप दिया था। इसमें उन्होंने 12 से 15 जून तक आकस्मिक अवकाश की मांग भी की। कलेक्टर मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया लेकिन आकस्मिक अवकाश पर प्रशासनिक तौर पर सहमति नहीं जताई, क्योंकि केला फसल नुकसान का सर्वे लगभग पूरा होने में है। अब सिर्फ स्वीकृति के लिए तहसीलदारों की ओर से राशि पत्रक जारी होना है, जिसे कलेक्टर को भेजा जाएगा, यहां से राहत कोष भेजेंगे। इसके बाद राशि स्वीकृत होकर जाएगी लेकिन अब चार दिन तक स्वीकृति अटकी रहेगी। तहसीलदार अनिता चौकोटिया ने बताया यदि इस बीच सरकार नहीं मानी तो हम 25 जून से अर्जित अवकाश पर जाएंगे। फिर 9 जुलाई के बाद ही लौटकर आएंगे। जिसको लेकर प्रदेश स्तर पर रणनीति तय हो चुकी है। खकनार प्रभारी नायब तहसीलदार अनिल पटेल ने कहा उपार्जन में को-ऑपरेटिव संस्था व मंडी कर्मचारी मूल काम नहीं करते। जिसके लिए हमें मंडी में लगा दिया जाता है। फसल नुकसान सबसे ज्यादा बुरहानपुर तहसील में हुआ। इसलिए उनके राशि पत्रक बनाने में समय लगेगा। बुरहानपुर नायब तहसीलदार सुनील करवरे, नेपानगर तहसीलदार मुकेश काशिव भी आकस्मिक अवकाश पर है।

X
Click to listen..