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420 पारा, टेढ़ी हुई पटरियां, अप ट्रैक ढाई घंटे बाधित

भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर 24 घंटे चलने वाला दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक भी गर्मी बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है। जिले...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 03:20 AM IST
भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर

24 घंटे चलने वाला दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक भी गर्मी बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है। जिले का तापमान इन दिनों 41 से 42 के बीच चल रहा है। ट्रेनों के लगातार घर्षण और तापमान से पटरियां फैलकर आड़ी-टेढ़ी हो रही है। करीब चार से छह इंच तक पटरियां फैल जाती है। इससे डिरेलमेंट का डर रहता है। दुर्घटना को देखते हुए दिन के समय ड्राइवर दूर से भांप लेते हैं। इस कारण ट्रेनें दो से चार घंटे तक देरी से चल रही है।

दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग का अप ट्रैक सोमवार सुबह से बेहतर ढंग से चल रहा था लेकिन अचानक ही दोपहर 12 बजे रावेर के पास पटरियां फैलने और टेढ़ी होने पर अप की ट्रेनों का संचालन ढाई घंटे के लिए रोक दिया गया। काशी सुबह 11 बजे काशी एक्सप्रेस के निकलने के बाद यह खतरा देखा गया। दोपहर 12.15 बजे 02732 अप जयपुर-हैदराबाद डेक्कन एक्सप्रेस को नेपानगर में 2.30 बजे तक रोकना पड़ा। इस दौरान गर्मी से यात्री बेहाल हो गए। 12628 कर्नाटक सोमवार सुबह से एक घंटा देरी से चल रहा था, जो कि बाद में ढाई घंटे और लेट हो गया। 12335 भागलपुर-एलटीटी, 11068 साकेत, 11072 कामायनी सहित अप की कई गाड़ियों को असीरगढ़, चांदनी, नेपानगर, डोंगरगांव, बगमार, खंडवा, मथेला, तलवड़िया सहित स्टेशनों के पास रोकना पड़ा। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक तापमान के बढ़ने से इस तरह की परेशानी आगे भी हो सकती है। ब्लॉक लगाने का निश्चित समय तय नहीं किया जा सकता।

रावेर में खड़ी रही ट्रेनें- मेंटेनेंस के कारण सोमवार को डाउन की 12617 मंगला एक्सप्रेस और 11071 कामायनी एक्सप्रेस को रावेर में खड़ा किया गया। मंगला एक्सप्रेस सवा घंटे और कामायनी एक्सप्रेस दो घंटे देरी से चली।

दोपहर 12.15 बजे 02732 अप जयपुर-हैदराबाद डेक्कन एक्सप्रेस को नेपानगर में 2.30 बजे तक रोकना पड़ा।

अप-डाउन ट्रैक पर 24 घंटे में 100 से ज्यादा ट्रेनें चलती हैं

भुसावल रेल मंडल के पास ट्रैक मेंटेनेंस के लिए करोड़ों रुपए की ऐसी मशीनें है जो कि घंटो का काम मिनटों में कर देती है लेकिन दिक्कत इस बात की है कि यह ट्रैक 24 घंटे चालू रहता है। सुबह से देर रात व मध्य रात तक ट्रेनों का आवागमन लगा रहता है। इस ट्रैक से 24 घंटे में 100 ट्रेनें अप-डाउन की चलती है। ठंड के मौसम में सुबह 3 से 4 बजे के बीच पटरियां टूटती है। वहीं गर्मी के मौसम में अधिक तापमान के कारण पटरियां फैलकर टेढ़ी हो जाती है। जिसे तत्काल सुधारने के लिए ब्लॉक लेना पड़ता है। ब्लाॅक का समय निश्चित नहीं है। पिछले दस दिनों से तापमान में बढ़ोतरी के कारण ट्रैक पर फैल रहा है। इस कारण ट्रेनें लेट हो रही है।

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दो दिन से 40 डिग्री से ऊपर पहुंचा तापमान

अप्रैल की शुरुआत से ही सूरज के तेवर बढ़ गए थे। इसके बाद से तापमान 35 डिग्री से नीचे नहीं उतरा है। 15 दिन से पारा 39 के आस-पास चल रहा था। दो दिन से तापमान 40 के ऊपर आ पहुंचा है। दोपहर में मुख्य बाजार में सन्नाटा पसर रहा है। रविवार को तापमान 41 डिग्री दर्ज किया गया था। जो बढ़कर सोमवार को एक डिग्री बढ़ गया। गर्म हवा से बचने के लिए लोग सुबह या शाम को घर से निकल रहे हैं।