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बंदूक के दम पर खेत पर कब्जा, 6 फायर किए, पैर में गोली लगने से एक व मारपीट में दो घायल

भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर रिटायर सब इंस्पेक्टर के बेटे ने साथियों के साथ गुंडागर्दी करते हुए हवा में बंदूक...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 16, 2018, 03:20 AM IST

बंदूक के दम पर खेत पर कब्जा, 6 फायर किए, पैर में गोली लगने से एक व मारपीट में दो घायल
भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर

रिटायर सब इंस्पेक्टर के बेटे ने साथियों के साथ गुंडागर्दी करते हुए हवा में बंदूक और रिवाल्वर लहराकर खेत पर कब्जा किया। दहशत फैलाने के लिए आरोपी ग्वालियर से दो वाहनों में भरकर हथियार सहित बुरहानपुर आए थे। मंगलवार सुबह खेत पर पहुंचे और छह फायर भी किए विरोध करने वाले किसान के बेटे को गोली मारी जो कि पैर में लगी।

इसके बाद पथराव व मारपीट हुई जिसमें गुंडागर्दी करने वाले दो युवक घायल हो गए। मुख्यालय से सटे सारोला के हनुमतखेड़ा में जैसे ही गोलियांे की अावाज आई ग्रामीण घबरा गए। डायल 100 और शिकारपुरा थाना पुलिस को सूचना दी। अफरा-तफरी के बीच पुलिस ने छह आरोपियों को वाहन और हथियारों सहित हिरासत में ले लिया। जबकि छह आरोपी वाहन में बैठकर अमरावती रोड तरफ भागे जिन्हें खकनार के पास पुलिस ने हिरासत में लिया। शिकारपुरा पुलिस ने 12 आरोपियों पर धारा 307 (हत्या का प्रयास ) और बलवा, मारपीट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया। मामला 38 साल पहले खरीदी गई जमीन विवाद का है।

ग्वालियर से आकर बंदूकधारी खेत पर कब्जे के लिए जगह-जगह खड़े हो गए

हनुमतखेड़ा के पास बंदूक और पिस्टल के दम पर ग्वालियर से खेत पर कब्जा जमाने आए रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर के बेटे और गुंडे। घायल तौसीफ।

ये है जमीन के मालिकाना हक की अब तक की पूरी कहानी

जानकारी अनुसार 1980-82 में बुरहानपुर में सब इंस्पेक्टर रहे गजेंद्रसिंह बैस (78) हाल मुकाम ग्वालियर ने खेती के लिए जमीन खरीदी थी। राजपुरा मोहल्ला के इदरीस मीर को खेती करने के लिए बंटाई पर दी थी। फिर उनका तबादला और गया कुछ साल बाद रिटायर हो गए। इस बीच इदरीस मीर ने जमीन अपने नाम करा ली थी। कुछ साल बाद उनका निधन हो गया। जिसके बाद से भाई पूर्व पार्षद इकबाल मीर, बाकी मीर खेती करते आ रहे थे। जब यह बात गजेंद्रसिंह को पता चली तो उन्होंने मीर परिवार से बात की लेकिन बात नहीं बनी। गजेंद्रसिंह मामले को लेकर पहले तहसील कोर्ट में गए। यहां उनके पक्ष में फैसला आया। इसके बाद मीर परिवार ने नेपानगर एसडीएम कार्यालय में केस लगाया लेकिन यहां उन्होंने खारिज कर दिया था। अफसराें के अनुसार पांच दिन पहले खेत का सीमांकन कराया। निर्णय को आधार मानते हुए गजेंद्रसिंह के बेटे शैलेंद्रसिंह बैस मंगलवार सुबह 10-12 साथियों के साथ दो गाड़ी भरकर खेत पर पहुंचे। इनके हाथों में बंदूक व रिवाल्वर व पिस्टल थी। खेत चौकीदार ने इदरीस मीर को सूचना दी कि ग्वालियर वालों ने खेत पर कब्जा कर लिया है। उनके हाथ में बंदूक व पिस्टल है। मीर परिवार के लोग भी बुरहानपुर से सारोला पहुंचें। आरोपियों ने पहले तीन बार हवाई फायर किए ताकि दहशत के कारण मीर परिवार खेत छोड़कर भाग जाए। मामा इदरीस को बचाने के लिए आगे आए तौसिफ मीर के पैर में गोली लगने से पिंडली छलनी हो गई। जिला अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद इंदौर रैफर किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील पाटीदार ने बताया आरोपियों पर केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।

11 आरोपियों से लाइसेंसी 3 बंदूक, एक रिवाल्वर जब्त

पुलिस को जैसे ही फायरिंग की सूचना मिली, सीएसपी सुनील पाटीदार, शिकारपुरा थाना टीआई प्रकाश वास्कले सहित टीम मौके पर पहुंची। तब तक मौके से आरोपी भाग रहे थे। छह को पकड़कर थाने ले आए। उसके बाद खकनार थाना पुलिस को सूचना अलर्ट किया। कुछ ही देर बाद कार से पुलिस ने छह और आरोपियों को हथियार सहित पकड़ लिया। उनके कब्जे से लाइसेंसी तीन बंदूक, एक रिवाल्वर और कार जब्त की है।

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