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इमरजेंसी में एकसाथ 300 से ज्यादा मरीजों को दे सकेंगे आॅक्सीजन

भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर इमरजेंसी आने पर अब तीन मंजिला नए जिला अस्पताल के 15 से ज्यादा वार्डों में पलंग पर...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 22, 2018, 03:20 AM IST

इमरजेंसी में एकसाथ 300 से ज्यादा मरीजों को दे सकेंगे आॅक्सीजन
भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर

इमरजेंसी आने पर अब तीन मंजिला नए जिला अस्पताल के 15 से ज्यादा वार्डों में पलंग पर भर्ती मरीजों को आवश्यकता पड़ने पर नए सिस्टम से लगे फ्लो मीटर का बटन दबाते ही तुरंत आॅक्सीजन दी जा सकेंगी। आगामी योजना के अनुसार भोपाल की एक एनजीओ संस्था यहीं प्लांट डालकर शुुद्ध आॅक्सीजन नि:शुल्क उपलब्ध कराएगी। फिलहाल प्लांट बनने तक पुरानी व्यवस्था से आॅक्सीजन उपलब्ध कर मरीजों को देंगे।

जिला अस्पताल में अब गंभीर मरीजों तक आॅक्सीजन सिलेंडर पहुुंचाने का झंझट पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। बेड पर लिटाते ही मुंह पर मास्क लगाकर फ्लो मीटर का बटन दबाने के बाद तुरंत आॅक्सीजन मिलने लगेगी। इसके लिए मुख्य 10 वार्डों तक सेंट्रल लाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है। भोपाल के इंजीनियर शनिवार को ही फ्लो मीटर इंस्टॉल कर गए हैं। इसके लिए फिलहाल भवन के बाहर दो जंबो सिलेंडर लगाए गए हैं। यहां से फ्लो मीटर से जरुरत अनुसार आॅक्सीजन सप्लाय कर सकेंगे। अलग-अलग वार्ड के लिए 48 फ्लो सिस्टम लगाए गए हैं। कीटनाशक पीने वालों के पेट से जहर निकालने के लिए वेक्यूम सिस्टम लगाया है। नाक से पेट तक पाइप लगाकर वेक्यूम से तुरंत जहर बाहर निकाल सकेंगे। इससे मरीज के पूरे शरीर में जहर फैलने से पहले रुक जाएगा।

मुख्य 10 वार्डों में लगा नया आॅक्सीजन सिस्टम, भोपाल का एनजीओ परिसर में ही प्लांट डालकर बनाएगा आॅक्सीजन

जिला अस्पताल के बाहर ऑक्सीजन सप्लाय के लिए जंबो सिलेंडर सेंट्रल लाइन से जोड़ा गया।

रोजाना 15 से ज्यादा मरीजों को लग रही आॅक्सीजन

जिला अस्पताल में रोजाना 1 हजार से ज्यादा मरीजों की ओपीडी दर्ज होती है। उनमें से 150 से ज्यादा मरीजों को इलाज के लिए भर्ती किया जा रहा है। इनमें से लगभग 15 से ज्यादा गंभीर ऐसे आते हैं, जिन्हें आॅक्सीजन की जरुरत पड़ती है।

फ्लो मीटर में सेट कर सप्लाय करेंगे आॅक्सीजन

प्रत्येक वार्ड के चिह्नित बेड के पास दीवार पर फ्लो मीटर लगाए है। इससे जरुरत अनुसार मरीज को 2, 4, 6, 8, 14, 15 या उससे ज्यादा पाइंट तक फ्लो को सेट कर सकेंगे। प्रत्येक फ्लो मीटर में कनेक्टर लगा है, जिससे जितने चाहे उतने मरीजों को मास्क लगाकर आॅक्सीजन दे सकेंगे।

यहां मिलेगी सुविधा

शिशु गहन चिकित्सा इकाई के दो रूम में आठ-आठ, महिला-पुरुष मेडिकल वार्ड में पांच-पांच, डायलिसिस यूनिट में दो, पीडियाट्रीक वार्ड में पांच, आईसीयू वार्ड में आठ, आईसोलेशन में एक और ऑपरेशन थियेटर में छह बेड के लिए फ्लो मीटर लगाए है।

प्रबंधन अब कभी-भी शुरू कर सकते है सिस्टम

अस्पताल के मुख्य वार्डों तक हमने पाइप लाइन बिछाकर फ्लो मीटर लगा दिए है। सिस्टम इंस्टाल कर शुरू कर दिया है। प्रबंधन जिस दिन से चाहे आॅक्सीजन सप्लाय कर सकता है। राजीव सिसोदिया, इंजीनियर भोपाल

बेड पर तुरंत आक्सीजन मिलेगी

इमरजेंसी में कर्मचारियों की कमी से व्यवस्था गड़बड़ न हो जाए, जिसके तहत गंभीर मरीजाें के लिए बेड पर तुरंत आॅक्सीजन की सुविधा उपलब्ध कराएंगे। सिलेंडर लाने-ले-जाने का बोझ कम होने से कर्मचारी अन्य काम कर सकेंगे। डॉ. शकील अहमद, सिविल सर्जन जिला अस्पताल

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