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अब बाल मित्र पुलिस बच्चों से जानेगी मन की बात

भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर बच्चों को अपराध के दलदल में घसीटने के लिए साफ्ट टारगेट ढूंढने वाले गिरोह की धरपकड़...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 04, 2018, 03:20 AM IST

अब बाल मित्र पुलिस बच्चों से जानेगी मन की बात
भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर

बच्चों को अपराध के दलदल में घसीटने के लिए साफ्ट टारगेट ढूंढने वाले गिरोह की धरपकड़ करने के लिए अब पुलिस बाल मित्र के माध्यम से बस्तियों, मोहल्लों और कॉलोनियों में बच्चों से दोस्ती करेंगी और अपराधों पर लगाम लगाएगी। प्रभारी सीएसपी व डीएसपी केपी डेविड ने कहा- बाल मित्र थाना बच्चों की हर समस्या जानने का एक केंद्र है।

जिले में सिर्फ कोतवाली में एक थाना होगा। जहां पुलिस बालक अपराधों की सुनवाई करेंगी। इनके अलावा सात अन्य थानों में बाल कार्नर बनाएंगे। जहां से बाल अपराधों को मुख्य थाना स्तर पर पहुंचाया जाएगा। ये समूह बच्चों से उनकी मन की बात जानेंगी और अपराधों पर लगाम लगाने का प्रयास करेंगे। जिन पुलिस कर्मियों को बाल मैत्री पुलिस समूह में नियुक्त किए जाएंगे। उनको बाल अधिकारों और बाल सुरक्षा से जुड़े कानूनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये कर्मचारी बच्चों के प्रति होने वाले अपराध की जांच करेंगे। साथ ही विधि विरोधी बच्चों को हिरासत में लेने, काउंसिलिंग के लिए एसजेपीयू और चाइल्ड लाइन यहां तक बाल न्यायालय ले जाने का काम करेंगे। इसके तहत रविवार को कोतवाली में अस्थायी बाल मित्र थाना का शुभारंभ किया गया। भोपाल पुलिस मुख्यालय से आदेश मिले थे। इसलिए अस्थायी तौर पर शुभारंभ किया है। आगामी दिनों में पुराने कंट्रोल रूम में समूह का थाना बनाएंगे।

पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर कोतवाली में अस्थायी बाल मित्र थाना शुरू, बाकी सात थानों में खुलेंगे बाल कार्नर

कोतवाली में प्रभारी सीएसपी व डीएसपी ने बाल मित्र की शुरुआत की।

ऐसी है इसकी संरचना

बाल कल्याण पुलिस अधिकारी इस समूह का मुखिया होगा। इसके अलावा चार अन्य कर्मचारी नियुक्त होंगे। इसमें एक महिला सदस्य का होना अनिवार्य है। उनके अंतर्गत नियुक्त पुलिस कर्मचारी बाल मित्र पुलिस कहलाएंगे। हर थाने में बने समूह की लिस्ट महिला अपराध शाखा, मप्र सीआईडी और डीआईजी भोपाल के पास होगी।

बाल मित्र दल का कार्य

स्कूलों के आसपास बाल संरक्षण के लिए वातावरण बनाकर बच्चों को अपने कर्तव्यों और अधिकारों के प्रति स्कूलों मेेेें जाकर जागरूक करेंगे।

छात्रावास, बालगृह व बालिका गृह के बच्चों को उनकी प्रतिभा प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए सहयोग करेंगे।

बच्चों के साथ अपराध की जानकारी या गुमशुदगी की सूचना मिलने पर चाइल्ड लाइन के हेल्प लाइन नंबर पर सूचित करेंगे।

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