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मौसम | 6.15 बजे से अरब सागर की आर्द्रता से बनी द्रोणिका से आंधी शुरू हुई

भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर शाम ढलते ही शहर सहित आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में धूलभरी आंधी चलने से जनजीवन कुछ...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 06, 2018, 03:20 AM IST

मौसम | 6.15 बजे से अरब सागर की आर्द्रता से बनी द्रोणिका से आंधी शुरू हुई
भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर

शाम ढलते ही शहर सहित आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में धूलभरी आंधी चलने से जनजीवन कुछ समय के लिए अस्त-व्यस्त हो गया। धूल इतनी उड़ी कि लोगों को हेडलाइट लगाकर रोड पार करना पड़ा। साइकिल और हल्के वाहन अपनी जगह पर ही रुक गए।

मंगलवार सुबह 8.30 बजे 32 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था। दिन का उच्चतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जिस कारण गर्मी ने सबके पसीने छुड़ाकर रख दिए। उमस के कारण लोगों ने घबराहट महसूस की। बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलना पड़ी। शाम 6.15 बजे अचानक मौसम बदलने लगा। कुछ पल के लिए अंधेरा छाया और फिर तेज आंधी चलने लगी। करीब 25 मिनट तक आंधी चलती रही। जिसके बाद तापमान में 10 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज गई है। शाम को तापमान 32 डिग्री के आस-पास रहा। नेपानगर, डाभियाखेड़ा और निंबोला में भी आंधी चली। नेपानगर के कुछ क्षेत्रों में पांच मिनट बूंदाबांदी हुई।

भोपाल मौसम केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार अरब सागर की आर्द्रता से ये द्रोणिका बन रही है। जिसमें 10 जून तक आंधी और कुछ-कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश होती रहेगी। ये प्री-मानसून की शुरूआत है। 10 या 11 जून को मानसून बुरहानपुर पहुंच जाएगा। हवा-आंधी शुरू होते ही करीब पांच बार बिजली बंद हुई।

25 मिनट तक चली धूल भरी आंधी से गिरा 10 डिग्री पारा

लालबाग रोड, बहादरपुर रोड व इंदौर इच्छापुर हाईवे पर आंधी के दौरान वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई।

जानिए क्या है द्रोणिका

बादलों के बीच जब ठंडी और गर्म हवा आपस में मिलती है तो एक कम दबाव का क्षेत्र बनता है। उस सिस्टम से निकलने वाली पट्टी को द्रोणिका कहते हैं। इसमे अचानक ही मौसम में बदलाव हो जाता है और तेज हवा के साथ बारिश होती है।

छह माह से ज्यादा समय वाली प्रभावित फसलों की 4.68 करोड़ डिमांड तैयार

1 जून को आई आंधी से जिले में 253 हेक्टेयर में केला फसल प्रभावित हुई थी। जिससे 232 किसानों का करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ था। जिसमें सिर्फ झिरी में गन्ना फसल प्रभावित हुई थी। जिसमें उनका 4 करोड़ 68 लाख 9 हजार रुपए का राहत बना है। जिनकी फसल को छह माह से ज्यादा का समय हुआ है। उन्हीं फसलों को आरबीसी कंडिका 6/4 के तहत प्रभावित माना है। अगले दिन जैनाबाद में भी नुकसान हुआ था। जिसका सर्वे अभी भी चल रहा है। गारबलड़ी क्षेत्र में कुछ मकान गिरे थे। दो दिन में सर्वे पूरा कर लिया जाएगा।

ये गांव हुए थे प्रभावित

आंधी में ग्राम निंबोला, झिरी, रईपुरा, फतेहपुर, बोरगांव, मचलपुरा, बिरोदा, पातोडा के आस-पास के खेतों के हजारों केली के पौधे आड़े हो गए थे।

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