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सिटी बस चलाने के लिए ठेकेदार ने नहीं बनाई कंपनी, िनगम से अनुबंध करने से इंकार

शहर में सिटी बस का संचालन कंपनी की शर्तों में अटक गया है। निविदा सफल होने पर निगम ने कार्य आदेश भी दे दिया, लेकिन...

Danik Bhaskar | Jun 08, 2018, 03:20 AM IST
शहर में सिटी बस का संचालन कंपनी की शर्तों में अटक गया है। निविदा सफल होने पर निगम ने कार्य आदेश भी दे दिया, लेकिन ठेकेदार ने बस संचालन के लिए कंपनी नहीं बनाई। सख्ती दिखाते हुए निगम ने अंतिम नोटिस दिया तो ठेकेदार की अमृत जेट लाइन ने अनुबंध से इंकार कर दिया। अब ठेकेदार की अमानत राशि निगम राजसात करेगा और फिर से निविदा जारी करेगा। इसके चलते फिलहाल सिटी बस संचालन शुरू नहीं हो पाएगा।

सिटी बस चलाने के लिए निगम दो साल से प्रयास कर रहा है। इसके लिए राज्य स्तर पर टेंडर किए। प्रथम क्लस्टर के लिए ठेकेदार कंपनी अमृत जेट लाइन के टेंडर स्वीकृत हुए। सरकार से 40 प्रतिशत सब्सिडी मिलने के बावजूद कंपनी बनाने की शर्तं और उसके नियमों का पालन ठेकेदार के लिए मुसीबत बन गई। ठेकेदार कंपनी बनाने के लिए तैयार नहीं है। शहर में तीन क्लस्टर में सिटी बस का संचालन प्रस्तावित है। पहले क्लस्टर के लिए अमृत जेट लाइन ने निविदा भरी थी। 2.72 करोड़ की लागत से 12 सिटी बसें चलाई जाना थी। इसके लिए एमआईसी में प्राप्त दरों पर अधिकतम देय राशि 1 करोड़ 6 लाख 8 हजार रुपए की स्वीकृति की अनुशंसा कर सरकार को प्रस्ताव भेजा था। क्लस्टर दो और तीन के लिए निविदा स्वीकृत नहीं हो पाई। इसके लिए फिर से टेंडर हो चुके हैं।

यह है शर्तों की जटिलता





मांगा जवाब : चीफ आपरेटिंग आॅफिसर को मिला नोटिस

चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर श्याम श्रीवास्तव को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नोटिस दिया है। इसमें बुरहानपुर के साथ खंडवा का अतिरिक्त प्रभार होने की बात कही। साथ ही बुरहानपुर में निविदाकार द्वारा बस संचालन में असमर्थता जताने पर कारण पूछा है। निविदाकार को शर्तें व अन्य जानकारी समय पर नहीं बताने पर जवाब मांगा है। तीन दिन में स्पष्टीकरण नहीं दिया जाता है तो सेवा समाप्ति की बात नोटिस में कही है।

प्रथम क्लस्टर में इन मार्गों पर चलाना थी सिटी बसें





शर्तें जटिल हैं, इसलिए नहीं करेंगे अनुबंध


राजसात करेंगे तीन लाख की अमानत राशि