पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • पूर्व जपं अध्यक्ष ठा. सुरेंद्रसिंह ‘शेरा’, भतीजे युकां विस अध्यक्ष हर्षित ठाकुर पर भी बलवा, धार्मिक उन्माद व तोड़फोड़ का केस

पूर्व जपं अध्यक्ष ठा. सुरेंद्रसिंह ‘शेरा’, भतीजे युकां विस अध्यक्ष हर्षित ठाकुर पर भी बलवा, धार्मिक उन्माद व तोड़फोड़ का केस

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर

कठुआ रेप केस में बालिका को इंसाफ दिलाने के लिए निकाली गई मौन रैली के नाम पर शहर में हुई तोड़फोड़, भगदड़ मारपीट के मामले में पुलिस ने पूर्व जनपद अध्यक्ष व कांग्रेस के निष्कासित नेता ठाकुर सुरेंद्रसिंह उर्फ शेरा भैया व उनके भतीजे युवक कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष हर्षित ठाकुर को अारोपी बनाया है।

पुलिस जांच पड़ताल में मिले वीडियो फुटेज, फोटो व अन्य साक्ष्यों के आधार पर चाचा-भतीजे पर केस दर्ज किया है। गिरफ्तारी के लिए पुलिस ढूंढ रही है। इनके अलावा एक नेशनल खिलाड़ी आसिफ खान को भी आरोपी बनाया गया है। रैली की अनुमति लेने वाले इंडियन मुस्लिम लीग प्रमुख अधिवक्ता जहीरउद्दीन शेख व एआईएमआईएम पार्टी के जिला प्रमुख अधिवक्ता सोहेल हाशमी की पुलिस तलाश कर रही हैं। पुलिस का दावा कर रहे जल्द ये भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। इनके अलावा अन्य 15 से ज्यादा आरोपी की पहचान की जा रही है।

अब तक 48 आरोपियों को कोर्ट से भेजा खंडवा जेल

शुक्रवार को हुए उपद्रव के बाद से अब तक 48 आरोपियों को जिला न्यायालय से खंडवा जेल भेज दिया गया है। चौथे दिन सोमवार देरशाम कोतवाली से एक नेशनल क्रिकेट प्लेयर आसिफ खान सहित 18 आरोपियों को न्यायालय भेजा गया। जो आरोपी पुलिस गिरफ्त में आ रहे हंै पुलिस उनकी मेडिकल जांच थाने में ही करवा रही है। इसके लिए सिविल सर्जन डॉ. शकील अहमद खान व अन्य डॉक्टर कोतवाली तक जा रहे हैं। कोतवाली के अंदर ही आरोपियों की जांच कर उन्हें हथकड़ियां पहनाकर रवाना किया। आरोपियों से मिलने के लिए कोतवाली परिसर में सुबह से परिजन भीड़ जुटाने लगे, जिन्हें पुलिस बार-बार परिसर से बाहर भगाती रही। एसपी पंकज श्रीवास्तव ने कहा यूथ कांग्रेस नेता हर्षितसिंह ठाकुर, इंडियन मुस्लिम लीग प्रमुख जहीरउद्दीन शेख ने अनुमति के साथ किसी भी प्रकार की घटना के लिए खुद को जिम्मेदार बताया। समर्थक में पूर्व जनपद अध्यक्ष सुरेंद्रसिंह ठाकुर भी शामिल हुए थे।

इसी फोटो के आधार पर बनाया आरोपी

20 अप्रैल को निकली रैली के दौरान भीड़ को संबोधित करते पूर्व जपं अध्यक्ष सुरेंद्रसिंह व हर्षितसिंह।

युकां प्रदेशाध्यक्ष ने न्यायिक जांच की मांग की

प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष कुणाल चौधरी ने सोमवार को प्रेस नोट जारी कर विधानसभा अध्यक्ष हर्षितसिंह ठाकुर और उनके साथियों पर दर्ज पुलिस प्रकरण की न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने पुलिस पर राजनैतिक दबाव में युवा कांग्रेस पदाधिकारियों पर केस दर्ज करने का आरोप लगाया। प्रदेशाध्यक्ष चौधरी ने कहा हर्षितसिंह प्रशासकीय अनुमति लेकर मोमिनपुरा, इकबाल चौक से जय स्तंभ पहुंचे थे। यहां के एसडीएम को आसिफा के दोषियों को सजा के लिए मांग पत्र देकर चले गए थे। इसके बाद वाली घटना से युवा कांग्रेस का परोक्ष और अपरोक्ष रूप से कोई संबंध नहीं है।

हमारा कॅरियर खराब करने की साजिश

जिस परिवार के सदस्य दो बार सांसद व दो बार विधायक रहे हो जो स्वयं जनपद अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए है। जिस परिवार का युवा विधानसभा का अध्यक्ष वे इस प्रकार के अपराध में उनकी संलिप्ता में उनके राजनैतिक भविष्य पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया है। कानून के जानकार बताते है कि इस गंभीर अपराध में अगले तीन महीने जमानत मिलने की संभावना कम रहेगी। हर्षित ठाकुर ने कहा हमने रैली की अनुमति ली थी। हमारी रैली शांतिपूर्वक निकली। इसके बाद हम घर चले गए थे। अन्य संगठनों ने भी रैली निकाली। बाद में क्या हुआ पता नहीं मेरा राजनैतिक कॅरियर खराब करने की साजिश है।

कोतवाली से आरोपियों को कोर्ट ले जाया गया।

उपद्रव से पहले हुआ था सामूहिक भोज

शु्क्रवार को हुए प्रदर्शन के दो दिन पहले बुधवार रात एक वर्ग विशेष के युवकों को एक स्थान पर सामूहिक भोज में आमंत्रित किया गया। एक ही रात में 100 से ज्यादा ऑटो पर आसिफा को इंसाफ के बैनर लग गए। जिस पार्टी के नेता ने यह आयोजन किया है। वह आर्थिक रूप से इतना संपन्न नहीं है। युवकों को इस बात के लिए भी उकसाया गया कि बड़े स्तर पर रैली निकलना चाहिए। आयोजकों ने जुमा की नमाज के बाद का समय भी इसलिए चुना। रैली से पहले ही बैनर, पाेस्टर पर हजारों रुपए खर्च किया गया। लकड़ियां व पत्थर कहां से आए। जिस मार्ग की अनुमति प्राप्त हुई उस मार्ग से रैली नहीं निकली।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में किया शहर से बाहर

गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट से खंडवा जेल तक ले जाने के लिए पुलिस कड़ी सुरक्षा में ले जा रही है। आरोपियों की थाने में ही मेडिकल जांच हो रही है। सोमवार को भी पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट ले जाने से पहले कोतवाली में खड़े परिजन को भगाया इसके बाद कोर्ट के लिए निकले यहां अदालत में पेश करने के बाद जैसे ही जेल वारंट बना आरोपियों को खंडवा रोड तक पेट्रोलिंग के साथ शहर की सीमा से बाहर किया।

खबरें और भी हैं...