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दोपहर में बेटियों से कहा- हम उधर वाले घर जा रहे हैं, शाम को कमरे में मिला दंपती का शव

भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर शिकारपुरा थाना क्षेत्र के सिलमपुरा में गुरुवार शाम पति-प|ी के शव मिले। कमरे से जहर...

Danik Bhaskar | May 11, 2018, 03:25 AM IST
भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर

शिकारपुरा थाना क्षेत्र के सिलमपुरा में गुरुवार शाम पति-प|ी के शव मिले। कमरे से जहर की बोतल भी पुलिस ने बरामद की है। मामला आत्महत्या का बताया जा रहा है। पुलिस ने कमरा सील कर दिया है। शुक्रवार को एफएसएल टीम जांच करेगी।

सिलमपुरा के झिरीवाड़ा मोहल्ले दिलीप पिता मुन्ना परदेशी (35), प|ी ज्योति परदेशी (30) व तीन बेटियों खुशी (10), तनु (9), ऋषिका (8) के साथ रहता था। दिलीप की प|ी घर पर ही कपड़ों का प्रेस कार्य करती थी। दिलीप ट्रांसपोर्ट नगर में एक दुकान पर लिखा-पढ़ी का काम करता था। गुरुवार दोपहर दिलीप और ज्योति ने अपनी तीनों बेटियों को पास ही स्थित नाना प्रेम परदेशी के घर पर छोड़कर कहा कि हम उधर वाले घर जा रहे हैं। तुम यहीं पर रहो। इसके बाद तीनों बेटियां खेल में लग गई। दोपहर से शाम हो गई दिलीप और ज्योति वापस नहीं आए तो बेटियों ने अपने मामा गोलू से कहा कि मम्मी-पापा कहां गए हैं, वह अभी तक नहीं आए। गोलू और उसका साथी ने दिलीप और ज्योति को उनके घर देखने गए। इस दौरान दोनों के मुंह से फेस आ रहे थे। गोलू ने उसके पिता और दोस्तों की मदद से शहर के एक निजी अस्पताल में ऑटो से ले गए। जहां से उन्हें जिला अस्पताल ले जाने को कहा। दंपति को जिला अस्पताल में ड्यूटी डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। जानकारी मिलते ही घटनास्‍थल पर सीएसपी सुनील पाटीदार, शिकारपुरा थाना एएसआई मनीष पटेल पहुंचे। सीएसपी ने परिजनों से चर्चा की। इस दौरान आत्महत्या का कारण पता नहीं चला है। सभी ने यह कहा कि दोनों को किसी बात का टेंशन नहीं था। तीनों बेटियों के साथ हंसी-खुशी रहते थे।

तीनों बेटियों के साथ दिलीप और ज्योति

शादी को 12 साल हो गए, कभी नहीं हुआ विवाद

दिलीप परदेशी भुसावल छोड़कर प|ी के साथ ससुराल के पास ही एक मकान में रहता था। दोनों की शादी को 12 साल हो गए लेकिन कभी विवाद नहीं हुआ। दिलीप के ससुर प्रेम परदेशी ने अपनी बेटी को कपड़ा प्रेस की दुकान दे दी थी। 15 दिन पहले ही ज्योति की छोटी बहन की शादी हुई।

आज परिवार सहित जाने वाले थे गोआ

फेसबुक पर ज्यादातर समय ऑनलाइन रहने वाले दिलीप परदेशी को घूमने का बहुत शौक था। वह अपने परिवार और दोस्तों के साथ शुक्रवार को गोआ जाने वाले थे। दोनों की मौत की खबर जिसने भी सुनी यकीन नहीं हुआ। घटना के बाद दोस्तों और रिश्तेदारों की भीड़ लग गई थी।

मम्मी-पापा नहीं दिखे तो बेचैन हुई बेटियां

खुशी, तनु व ऋषिका तीनों बेटियां मम्मी-पापा के बगैर एक पल नहीं रहती है। दोपहर में अचानक ही दोनों एक साथ बच्चों को कहकर गए कि उधर वाले घर से आते हैं। बेटियों ने शाम को अपने नाना अौर मामा से कहा कि मम्मी-पापा उधर वाले घर का कहकर गए हैं लेकिन अब तक नहीं आए। घटना के बाद भी नाना ने बेटियों को नहीं बताया कि अब उनके मम्मी-पापा कभी नहीं आएंगे। मोहल्ले वालों ने कहा- बेटियां होने के बाद भी कभी चेहरे पर शिकन नहीं लाई। दिलीप को अपनी बेटियों पर गर्व महसूस होता था। वह खुद स्कूल बस तक छोड़ने जाते थे। दिलीप की शादी 26 मार्च 2006 को हुई थी। ज्योति को पहले बेटा हुआ था जो कि शांत हो गया था। उसके बाद तीन बेटियों ने जन्म लिया।