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सीवर प्लांट में फिल्टर होगा उद्योगों का एक एमएलडी प्रदूषित पानी

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नगर निगम ने एमआईसी में पास किया प्रस्ताव भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर उद्योग,...

Dainik Bhaskar

May 28, 2018, 03:30 AM IST
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नगर निगम ने एमआईसी में पास किया प्रस्ताव

भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर

उद्योग, कारखानों से निकलने वाला दूषित केमिकलयुक्त पानी अब सीधे नदी में नहीं मिलेगा। प्रगति नगर स्थित सीवरेज के ट्रीटमेंट प्लांट में गंदे पानी को साफ किया जाएगा। जिसके बाद उसे आगे अन्य उपयोग के लिए छोड़ दिया जाएगा।

लोधीपुरा स्थित उद्योग नगर में लगभग 34 यूनिट है। इसमें से छह प्रोसेसिंग इकाइयां है। यहां अधिकांश केमिकलयुक्त पानी निकालता है। जिसके लिए प्रदूषण बोर्ड ने संयंत्र लगवाए लेकिन उसके बाद भी गाहे-बगाहे नाली में पानी छोड़ने लगी। प्रदेश सहित अन्य राज्यों में भी ये समस्या बढ़ती गई। जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दर्ज गई थी। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने नगर निगम की जिम्मेदारी तय की। इसमें उन्हें एक संयंत्र बनाकर दूषित पानी साफ करने के आदेश दिए। जिसके तहत बुरहानपुर नगर निगम ने एक प्रस्ताव पास किया। जिसमें उद्योग नगर का दूषित पानी पांडारोल नाला से आता है। जिसे प्रगति नगर के पास बन रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में साफ करेंगे। ये इसलिए भी संभव हो पाएगा क्योंकि प्लांट निर्माणाधीन है और दूषित पानी भी उसी नाले से होकर आगे नदी तक जाता है। प्लांट में चार एमएलडी पानी साफ कर छोड़ने का लक्ष्य है, जिसमें से एक एमएलडी उद्योग नगर का शामिल किया है। इंदौर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रीय अधिकारी आरके गुप्ता ने बताया सुप्रीम कोर्ट ने उद्योगों के लिए कॉमन एफिलेंट ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के आदेश दिए है। उद्योगों के पास इतनी जमीन नहीं है, इसलिए निगम से मिलकर काम कर रहे हैं। लक्ष्य बनाकर उद्योगों के पीछे लगकर 28 फैक्ट्रियों में बैग फिल्टर लगवाए।

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