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सीजीपीए खत्म, 6 स्कूलों में 688 विद्यार्थियों में से 655 पास, 31 को पूरक, कोई फेल नहीं

भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में शहर के गायक व इवेंट...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 30, 2018, 03:30 AM IST

सीजीपीए खत्म, 6 स्कूलों में 688 विद्यार्थियों में से 655 पास, 31 को पूरक, कोई फेल नहीं
भास्कर संवाददाता | बुरहानपुर

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में शहर के गायक व इवेंट मैनेजर, बिजनेसमैन और डॉक्टर दंपती की बेटियां जिले की टॉप तीन सूची में आई हैं। इसमें एक नेहरू मांटेसरी और दो छात्राएं मेक्रोविजन एकेडमी से हैं।

मंगलवार शाम 4 बजे परीक्षा परिणाम की घोषणा होना थी लेकिन दोपहर 1 बजे वेबसाइट पर रिजल्ट जारी कर दिया गया। जिले के सात स्कूलों में सीजीपीए खत्म होने से इस बार एक भी फेल नहीं हुआ। ऐसे में पूरक के विद्यार्थियों की संख्या घटी और बाकी सब पास हो गए। इससे जिले का परीक्षा परिणाम 93.36 फीसदी रहा है।

सीजीपीए में अंक नहीं दर्शाए जाते थे। इसमें ग्रेडिंग पद्धत्ति से पास करते थे। इस कारण सबके सब पास हो जाते थे। प्रतिस्पर्धा खत्म होने से पढ़ाई पर ध्यान नहीं देने से अधिकांश पूरक में आते थे लेकिन उसमें भी बेस्ट फाइव पद्धति काम आती थी, जिस कारण कुछ हद तक परिणाम बिगड़ने से बच जाता था। सीजीपीए खत्म होने से प्रतिस्पर्धा बढ़ गई थी। इस कारण अपने अंक बढ़ाने के लिए अच्छे से पढ़ाई की।

जिले की स्थिति

6 स्कूल

688विद्यार्थी

655पास

31पूरक

जिले के टॉप तीन छात्राएं : विपरीत परिस्थितियों में भी पढ़ाई का रखा ध्यान

नंदिनी दुम्बवानी (95.6%)

पिता :
अजय, काम : इंवेट मैनेजर व सिंगर

माता: महक, काम : गृहिणी

निंदनी ने बताया सामाजिक विज्ञान के पर्चे में तबीयत बिगड़ी थी। क्योंकि घर में कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था। ऐसे में दिन में पढ़ाई नहीं हो पाई। इसलिए दिन में सोती थी और रातभर पढ़ती थी। 12 से 13 घंटे पढ़ाई करने से बुखार आया। पहले से तैयारी थी इसलिए परीक्षा अच्छे से दी। परिस्थिति देखकर पढ़े, जोर-जबरदस्ती और परीक्षा का इंतजार न करें।

अंकिता सोनकुसले (95.2%)

पिता :
डॉॅ. राजेश, काम : डॉक्टर

माता : अनिता, काम : डॉक्टर

अंकिता ने बताया परीक्षा से पहले पिताजी की तबीयत गंभीर हो गई थी। उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था। मां भी उनके पूरे इलाज साथ रही। देख-रेख के लिए दादा-दादी आए। उसके बाद भी ध्यान पढ़ाई पर रहा। परिस्थितियों को हावी नहीं होने दिया। जो स्कूल में पढ़ा, बार-बार उसका अध्ययन किया। परिस्थितियों से घबराए नहींं, डट के लक्ष्य को पूरा करें।

प्रत्युषा पाटीदार (95.4%)

पिता :
दीपेश

काम सबमर्सिबल पंप बिजनेस

माता : मीना

काम शिक्षक

बड़ा सवाल: 8 साल क्यों लग गए सीजीपीए की गड़बड़ी समझने में

पुराने ढर्रे से रिजल्ट घोषित करने पर बड़ा सवाल ये उठता है कि आखिर सीबीएसई बोर्ड को ये छोटी से बात समझने में आखिर 8 साल क्यों लग गए कि सीजीपीए सिस्टम विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा की भावना कम करेगा। सीजीपीए को लागू करते समय विद्यार्थियों से अतिरिक्त मानसिक दबाव हटाने की बात कही गई थी।

स्कूलवार परिणाम

मेक्रो विजन

241 विद्यार्थी बैठे।

241 पास हुए।

फस्ट डिवीजन 208, सेकंड डिवीजन 33 छात्र-छात्रा रहे।

90 से अधिक 36, 80 से 90 के बीच 79, 70 से 80 के बीच 57 और 60 से 70 अंक के बीच 46 विद्यार्थी।

नेहरू मांटेसरी

224 विद्यार्थी बैठे।

216 पास हुए।

6 पूरक आए।

90 अंक से अधिक 15 छात्र-छात्रा रहे।

फस्ट डिवीजन 127, सेकंड डिवीजन 74, थर्ड डिवीजन 15 विद्यार्थी।

बुरहानपुर पब्लिक स्कूल

28 विद्यार्थी बैठे।

25 पास हुए।

03 पूरक आए।

90 से अधिक तीन और 80 से ज्यादा अंक 7 विद्यार्थी लाए।

फस्ट डिवीजन 20, सेकंड डिवीजन में 5 छात्र-छात्रा।

केंद्रीय स्कूल

90 प्रतिशत

30 विद्यार्थी बैठे।

27 पास हुए।

03 पूरक आए।

90 अंक से अधिक एक, 80 अंक से ज्यादा 4

फस्ट डिवीजन 16, सेकंड डिवीजन 14

नवोदय स्कूल

34 विद्यार्थी बैठे।

31 पास हुए।

03 पूरक आए।

सेंट टेरेसा स्कूल बुरहानपुर

131 विद्यार्थी बैठे।

115 पास हुए।

16 पूरक आए।

90 से अधिक 4, 80 से ज्यादा 12 विद्यार्थी रहे।

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